Kejriwal Arrest: गिरफ्तार होने वाले पहले सीएम हैं केजरीवाल, कई पूर्व मुख्यमंत्री पहले जा चुके हैं जेल
कथित शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो महीने पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी से कुछ देर पहले अपना इस्तीफा दे दिया था। लेकिन अरविंद केजरीवाल पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

केजरीवाल की गिरफ्तारी की जानकारी दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने मीडिया को दी। रिपोर्ट के मुताबिक लगातार 9 समन भेजने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम 10वें समन के साथ गुरुवार शाम अरविंद केजरीवाल के घर पहुंची थी। उनसे कुछ देर पूछताछ की गई जिसके बाद आतिशी ने मीडिया से कहा कि ईडी ने अरविंद केजरीवाल को अरेस्ट कर लिया है।
अरविंद केजरीवाल देश में इकलौते शख्स नहीं
वैसे मुख्यमंत्री रह चुके नेताओं में गिरफ्तार होने वालों में अरविंद केजरीवाल देश में इकलौते शख्स नहीं हैं। भारत में कई ऐसे बड़े नेता हुए हैं, जो पहले मुख्यमंत्री रहे लेकिन बाद में जिन्हें जेल की हवा खानी पड़ी। उन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बारे में जानते हैं कि आखिर वे क्यों गए जेल।
मधु कोड़ा (झारखंड)
मुख्यमंत्री रहते हुए मधु कोड़ा को भी भ्रष्टाचार के मामले में जेल जाना पड़ा था। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगे थे। कोड़ा कथित तौर पर माइनिंग घोटाला में शामिल थे। सीबीआई और ईडी ने आरोप लगाया था कि कोयला खदानों के आवंटन के बदले मुख्यमंत्री रहते मधु कोड़ा ने रिश्वत ली थी। साल 2009 में मधु कोड़ा को गिरफ्तार किया गया था और 2013 में जमानत मिली थी। हालांकि, 2017 में उन्हें कोर्ट ने दोषी करार दिया और 25 लाख जुर्माना के साथ-साथ 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा मधु कोड़ा को हवाला के चार और केस और आय से अधिक संपत्ति मामले में भी दोषी ठहराया गया था।
लालू प्रसाद यादव (बिहार)
देश के प्रसिद्ध नेता व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पशुपालन घोटाले (चारा घोटाला) के मामलों में अब तक कुल सात बार जेल जा चुके हैं। चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले में 3 अक्टूबर 2013 को पहली बार सजा मिलने के बाद से वो तीन साल से अधिक वक्त जेल में गुजार चुके हैं। हालांकि, इसमें से सिर्फ 8 महीने ही लालू प्रसाद यादव रांची की बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में गुजारा है।
बाकी का समय वे न्यायिक हिरासत में इलाज के लिए रांची, दिल्ली और मुंबई के अस्पतालों में भर्ती रहे। लालू प्रसाद पर सीबीआई ने 120B, 420, 409, 467, 468, 471, 477A, IPC and 13(2), 13(1) (c)PC Act के तहत घोटाले का आरोप लगाया है। सीबीआई ने इस घोटाले को लेकर कुल 66 मामले दर्ज कराए थे। इनमें से छह में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भी अभियुक्त बनाया गया था। वहीं पांच मामलों में उन्हें दोषी करार दिया गया है। सभी मामलों में सजा और जुर्माना दोनों लगाया गया है।
जगन्नाथ मिश्रा (बिहार)
चाइबासा कोषागार से 37.7 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा भी जेल जा चुके हैं। बताते चलें कि इस मामले में लालू भी आरोपी थे। जगन्नाथ मिश्रा तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। जगन्नाथ मिश्रा पर आरोप था कि इन्होंने दुमका और डोरंडा कोषागार से धोखाधड़ी कर रुपये निकाले थे। जिसके आरोप में सीबीआई की विशेष अदालत ने जगन्नाथ मिश्रा को चार साल की सजा सुनाई थी। साथ ही दो लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया था।
ओम प्रकाश चौटाला (हरियाणा)
हरियाणा के कद्दावर नेता और चार बार के मुख्यमंत्री रहे ओम प्रकाश चौटाला को भी जेल की हवा खानी पड़ी। जब उनका नाम जेबीटी टीचर्स भर्ती घोटाले में आया था। हरियाणा में साल 1999-2000 में जेबीटी टीचर्स भर्ती घोटाला प्रकाश में आया था। ये मामला 3,206 टीचर्स की गैर-कानूनी तरीके से हुई भर्ती से जुड़ा था। यह घोटाला ओम प्रकाश चौटाला के मुख्यमंत्री रहते हुआ था। शिक्षकों की अवैध नियुक्ति के मामले में दिल्ली की एक कोर्ट ने 22 जनवरी, 2013 में चौटाला समेत 53 लोगों को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने भर्ती घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें 7 साल और आपराधिक साजिश के मामले में 10 साल की सजा हुई थी।
जयललिता (तमिलनाडु)
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता पर भ्रष्टाचार से जुड़े कई आरोप लगे और उन्हें जेल जाना पड़ा। 1996 से 2001 के बीच डीएमके की करुणानिधि सरकार ने आय से अधिक संपत्ति के कानून के तहत जयललिता के खिलाफ भ्रष्टाचार के दर्जनों मामले दर्ज कराए। साल 2014 में जयललिता को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार देते हुए 4 साल जेल की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने 100 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश)
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे चंद्रबाबू नायडू को भी भ्रष्टाचार के मामले सितंबर, 2023 में गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ सीआईडी ने कौशल विकास घोटाले में मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया था, उनपर कथित 250 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कई गैर-जमानती धाराओं में भी केस दर्ज किया गया था। इस मामले में एफआईआर 2021 में ही दर्ज की गई थी। हालांकि, नवंबर, 2023 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी।
हेमंत सोरेन (झारखंड)
बीते महीने ही प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। ईडी के मुताबिक हेमंत सोरेन के आवास से 36 लाख रुपये से अधिक की नकदी के साथ-साथ भूमि के कथित अधिग्रहण की चल रही जांच से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा था कि 8.5 एकड़ जमीन गलत तरीके से अर्जित आय का हिस्सा थी। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002) की धारा 19 के तहत हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की गई थी। 13 अप्रैल, 2023 को ईडी की छापेमारी में संपत्ति से संबंधित कई रिकॉर्ड और रजिस्टर का खुलासा किया गया था।












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