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Artificial Intelligence: भारत के किन क्षेत्रों में हो रहा एआई का इस्तेमाल, कहां हैं संभावनाएं?

Artificial Intelligence: अमेरिकी बिजनेसमैन और सॉफ्टवेयर दिग्गज बिल गेट्स बीते दिनों भारत यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

भारत में डिजिटल क्रांति पर लंबी बातचीत में पीएम मोदी और बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, एजुकेशन, एग्रीकल्चर और क्लाइमेट चेंज जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

Artificial Intelligence

हालांकि, इस दौरान एआई की संभावनाओं और चुनौतियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित रहा। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने और विकास करने के लिए भारतीयों की खुलकर सराहना की।

मोदी ने एआई पर क्या कहा

पीएम मोदी ने बिल गेट्स से कहा कि हमारे यहां जब बच्चा पैदा होता है, तो 'आई' (मां) भी बोलता है और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) भी बोलता है, इस डायलॉग ने भारत में एआई से बन रहे अवसर को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि भारत एआई को कैसे देखता है। उन्होंने कहा कि अगर हम एआई को जादुई उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं, तो भी यह गंभीर होगा। अगर हम आलस्य के कारण इस पर भरोसा करते हैं, तो यह गलत रास्ता है।

एआई का सफल इस्तेमाल

बिल गेट्स और पीएम मोदी की बातचीत के दौरान हाल ही में भारत ने जिन क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सफल इस्तेमाल कर बदलाव लाया है, उसका भी जिक्र आया। पीएम मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन, 2023, काशी तमिल संगमम और काशी सौराष्ट्र संगमम, ड्रोन दीदी, नमो एप जैसे कई अवसरों पर एआई के प्रयोगों के बारे में भी बताया। जानते हैं कि भारत किन क्षेत्रों में एआई का बेहतर इस्तेमाल कर रहा है। साथ ही किन क्षेत्रों में इसकी संभावनाएं बढ़ रही हैं।

एआई के इस्तेमाल से बदलाव

मशीन और लर्निंग की बेजोड़ जोड़ी से बने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पहला इस्तेमाल भले ड्राइवरलेस कार की कामयाबी से शुरू हुआ हो, पर अब भारत में भी इसका इस्तेमाल आम हो गया है। भारत सरकार ने भी कई क्षेत्रों में खुलकर एआई की मदद ली है। भारत में डिजिटल रेवोल्यूशन, हेल्थकेयर, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री, नारी शक्ति, क्लाइमेट चेंज, सिक्योरिटी और गवर्नेंस सहित कई क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हेल्थकेयर सेक्टर - देश के गांवों में दो लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों को मॉडर्न टेक्नोलॉजी से बड़े अस्पतालों के साथ जोड़ा गया है। शुरुआती शंकाओं के बावजूद अब सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठा डॉक्टर सामने से देखे बिना टेक्नोलॉजी की मदद से ग्रामीण मरीजों को सही इलाज दे पा रहे हैं। लोगों का विश्वास बढ़ रहा है कि जिस तरह का इलाज बड़े अस्पतालों में होता है, अब वैसा ही गांव के छोटे आरोग्य मंदिर में भी हो रहा है। ये डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई के इस्तेमाल का कमाल है।

एजुकेशन सेक्टर - देश में बच्चों तक बेस्ट एजुकेशन पहुंचाने और टीचर्स की कमियों को टेक्नोलॉजी से भरने की मुहिम चल रही है। विजुअल्स और स्टोरी-टेलिंग में बच्चों का इंटरेस्ट देखकर उस तरह के कंटेंट बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन स्टडी जैसे विकल्प सामने आ रहे हैं।

एग्रीकल्चर सेक्टर- एआई के इस्तेमाल से देश के कृषि क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हो रहा है। खाद और बीज के लिए एआई से लैस ड्रोन के इस्तेमाल का व्यापक असर दिखा है। एग्रीकल्चर से जुड़े तमाम संसाधनों की डेटा एनालिसिस करने से खेती किसानी के नए तरीके विकसित किए जा रहे हैं। मौसम के सटीक पूर्वानुमान से किसानों को सही प्लानिंग में मदद मिलती है।

नारी शक्ति - दुनिया में डिजिटल डिवाइड के दौर में भारत के गांवों तक डिजिटल फेसिलिटी पहुंच रही है। देश की महिलाएं तुरंत नई चीजों को स्वीकार करती हैं। मोदी सरकार ने अनुकूल टेक्नोलॉजी की मदद से गांवों की तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की मुहिम शुरू की है। इससे महिलाओं के बीच बदलाव भी आ रहा है। ये महिलाएं अपने गांव को भी बदल रही हैं। एक ड्रोन दीदी कहती हैं कि उन्हें साइकिल चलाना नहीं आता था, आज वह ड्रोन चलाने वाली पायलट बन गई हैं।

इंडस्ट्री सेक्टर- भारत ने अपने नागरिकों के लिए टेक्नोलॉजी का लोकतंत्रीकरण किया है। लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए डिजिटल की शक्ति एआई को अपनाया है। इससे आम जनता का भरोसा बढ़ रहा है कि चौथी औद्योगिक क्रांति में भारत उल्लेखनीय प्रगति करेगा। क्योंकि इसके मूल में डिजिटल एलिमेंट है और एआई की बहुत अहम भूमिका है।

साइबर सिक्योरिटी- ई कॉमर्स के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में भी सुधार किया है। एआई के इस्तेमाल से किसी भी धोखाधड़ी को रोका जा सकता है। फ्रॉड हो जाने पर उसका पता लगाया जा सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के इस्तेमाल से सरकारी, गैरसरकारी और निजी वेबसाइटों, एप्स आदि की हैकिंग वगैरह से सुरक्षा की जाती है।

गवर्नेंस- गवर्नेंस के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल से डेटा एनालिटिक्स सामने होने से जरूरी पब्लिक पॉलिसी बनाने, सही डिसिजन लेने, पॉलिसी को अमल में लाने और उसका ट्रैक रिकॉर्ड रखने में भी आसानी होती है। इसके अलावा किसी भी स्कीम के लाभार्थियों का सही लेखा-जोखा और उनका फीडबैक हासिल करने में सुविधा हो रही है। गवर्मेंट सेक्टर में पारदर्शिता बनाने और करप्शन कंट्रोल करने में भी इन दिनों एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसके अलावा भी देश में कई क्षेत्रों में संदेहों से परे होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें पुलिसिंग, क्राउड और इवेंट मैनेजमेंट, मास कैंपेनिंग, फिल्म और मीडिया, ट्रैफिक कंट्रोल जैसे कई क्षेत्रों में एआई की मदद से बेहतर आउटपुट हासिल किया जा रहा है।

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