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मिलिए 'दंगल' के असली हीरो रेसलर महावीर फोगाट से, जो सच में धाकड़ हैं...

महावीर फोगाट ने अपनी 6 बेटियों को पहलवान बनाया है और समाज की जंजीरों को तोड़कर सफलता की एक नायाब तस्वीर पेश की है।

हिसार। आज सिल्वर स्क्रीन पर आमिर खान की मोस्ट अवेटड फिल्म 'दंगल' रिलीज हुई है। इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक 'दंगल' रीयल हीरो की सच्ची कहानी है।

इस रीयल हीरो का नाम है रेसलर महावीर फोगाट, जिसने समाज के नियमों से परे जाकर अपनी बेटियों को विश्वस्तर का रेसलर बनाया। फिल्म में महावीर फोगाट का किरदार आमिर खान ने प्ले किया है, फिल्म का क्या होगा, इस बात का फैसला तो जनता कुछ दिनों में कर देगी।

लेकिन इससे पहले आईए आपको विस्तार से बताते हैं रेसलर महावीर फोगाट की असली कहानी, तस्वीरों की जुबानी...

कौन है रेसलर महावीर फोगाट?

कौन है रेसलर महावीर फोगाट?

हरियाणा के भिवानी के पास एक छोटा सा गांव है बलाली, जहां राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रेसलर महावीर फोगाट का घर है, इनकी चार बेटियां हैं, गीता, बबीता, विनेश और रितु, जो खुद अपने पिता महावीर फोगाट की तरह शानदार रेसलर हैं और देश के लिए कई मेडल जीत चुकी हैं। महावीर फोगाट की चार बेटियां और एक बेटा हैं, जिन्हें उन्होंने पहलवान बनाया है इसके अलावा महावीर ने अपने भाई की भी दो बेटियों को पहलवानी की शिक्षा दी है।

आसान नहीं था सफर

आसान नहीं था सफर

एक तो गांव, ऊपर से छोरियां, जहां शिक्षा मिलना मुश्किल वहां महावीर का ये सोचना कि उनकी बेटियां विश्वस्तर की पहलवान बनेंगी, ये अपने आप में ही पानी को पकड़ने जैसा था लेकिन एक बाप के सच्चे जूनून ने वो कर दिखाया जिसकी कल्पना भी हर कोई नहीं कर सकता है और जिसका परिणाम ये है कि आज उनकी जूनूनी संघर्ष ने 'दंगल' का रूप धारण किया है।

महावीर को ये गुण विरासत में मिला

महावीर को ये गुण विरासत में मिला

मालूम हो कि महाबीर के पिता मान सिंह गांवों में कुश्ती लड़ते थे। इसलिए महावीर को ये गुण विरासत में मिला, वो खुद 15 साल की उम्र से रेसलिंग कर रहे हैं। नेशनल लेवल पर कई कुश्ती लड़ चुके महावीर फोगाट की पत्नी का नाम दया कौर है, दोनों की पहली संतान का नाम गीता है, बेटी के जन्म होने के बाद ही दोनों मियां-बीवी ने ठान लिया था कि वो गीता को रेसलर बनाएंगे, लेकिन हरियाणा की एक लड़की मर्दों के साथ कुश्ती करे, ये सोचना भी शायद उस वक्त गलत था, जाहिर है मुश्किलें तो आनी ही थीं लेकिन महावीर और दया अपने फैसले से टस से मस नहीं हुए।

अखाड़ा चलाने के लिए लिया कर्ज

अखाड़ा चलाने के लिए लिया कर्ज

नन्हीं गीता अखाड़े जाती तो लोग ताने मारते थेे इसलिए खुद महावीर ने अखाड़ा तैयार किया और अपनी बेटियों को ट्रेंड करने लगे, ये बात साल 2000 की है, तब तक महावीर चार बेटियों के पिता बन चुके थे। महावीर सुबह चार बजे से अपनी बेटियों को रेसलिंग की ट्रेनिंग देते थे। महावीर की मेहनत रंग लाने लगी क्योंकि उनकी बेटियों ने एक गांव के दंगल में कुश्ती जीती, महावीर की हिम्मत बढ़ी लेकिन आर्थिक परेशानियां आने लगीं, क्योंकि उस समय उनके नन्हें पहलवानों को अच्छी डाईट और मनी की जरूरत थी। लोग विरोध करते थे, मजाक उड़ाते थे लेकिन महावीर ने हिम्मत नहीं हारी और बेटियों के लिए कर्ज लिया और उन्हें अच्छी से अच्छी ट्रेनिंग देनी शुरू की और आज महावीर और दया की बेटियां केवल उनके लिए ही नहीं बल्कि देश की आन-बान-शान और मान हैं।

खास बातें..

खास बातें..

  • महावीर की बड़ी बेटी गीता फोगाट कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 की गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
  • गीता फोगाट पहली भारतीय महिला हैं, जिन्होंने ओलंपिक (लंदन 2012) खेला।
  • गीता को अर्जुन अवार्ड से नवाजा जा चुका है।
  • बबीता (25) और विनेश (20) भी कॉमनवेल्थ गेम्स (2014) में स्वर्ण पदक विजेता रही हैं।

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