Fatehpur: लाश खुद बताएगी मौत का सच; ढाई साल बाद कब्र से निकाला गया शव, फिर होगा पोस्टमार्टम
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में ढाई साल बाद एक महिला का शव कब्र खोदकर निकाला गया है। बेटी को न्याय दिलाने के लिए ढाई साल तक एक माँ ने इसके लिए प्रयास किए, जो अब जाकर सफल हुए। हालांकि, पोस्टमार्टम के बाद अभी और भी लड़ाई लड़ना बाकी है। आरोप है कि दहेज के लालच में पति और ससुरालियों ने मृतिका को मौत के घाट उतार दिया था।
बता दें कि फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र अंतर्गत मुत्तौर गांव निवासी तैफुल कुरैशी का निकाह जनपद चित्रकूट के थाना रैपुरा अंतर्गत गांव भौरी निवासिनी रहीशा पुत्री हलीम कुरैशी के साथ 15 दिसम्बर 2013 को हुआ था। जानकारी अनुसार, 26 मार्च 2021 को तैफुल की पत्नी की मौत हो गई। लेकिन हैरानी की बात ये थी कि पति तैफुल ने बिना अपने ससुराल को सूचना दिए अपनी बेगम को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।

वहीं इसकी सूचना जब मृतक के मायके वालों को हुई तो उन्होंने कई सवाल किए, जिसपर ससुरालियों ने मौत का कारण स्पष्ट नहीं बताया। जिसके बाद मृतका की मां ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए 21 जून 2022 को जनपद चित्रकूट के स्थानीय थाना रैपुरा में दहेज हत्या कर दफना देने का आरोप लगाते हुए दामाद तैफुल, मृतका की सौतेली बेटी अनीशा, देवर मोहम्मद इरफान और मुन्नी उर्फ सोमवती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद लंबित विवेचना के चलते आयोग ने विवेचना के लिए ललौली थाने को ट्रांसफर कर दिया। जहां फतेहपुर जिले की डीएम श्रुति के आदेश पर मजिस्ट्रेट तहसीलदार इवेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार अरविंद कुमार, निरीक्षक व फोरेंसिक की संयुक्त टीम गठित कर इनकी मौजूदगी में ढाई साल से दफन लाश को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

तहसीलदार सदर इवेंद्र कुमार ने बताया एक महिला श्रीमती रईसा पत्नी तुफैल का श्रीमान जिला अधिकारी महोदय फतेहपुर के आदेशानुसार, उसको निकाल कर राजस्व टीम, पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम की उस्थिति में पुनः पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया गया है।












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