फर्रुखाबाद: 23 बच्चों की जान के दुश्मन बने सुभाष की लाश लेने से मां ने किया मना, पुलिस ने खुद की अंत्येष्टि
फर्रुखाबाद. उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में गुरुवार को बदमाश सुभाष बाथम ने 23 बच्चों को बंधक बना लिया था। हालांकि, पुलिस ने एनकाउंटर में उसे मार गिराया और सभी बच्चों को सकुशल छुड़ा लिया। सुभाष को ढेर करने वाली पुलिस टीम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की। वहीं, जब पुलिस टीम सुभाष की लाश लेकर उसके घर पहुंची तो उसकी मां ने लाश लेने से इनकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने खुद ही सुभाष का अंतिम संस्कार किया।

बच्चों को बंधक बनाने वाले सुभाष के आर-पार निकल गई थीं गोली
हत्यारे सुभाष की लाश का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि, उसकी दाहिनी ओर पीठ पर लगी गोली उसका सीना और हाथ चीरते हुए बाई ओर से निकल गई थी। इस कारण उसके शरीर में बुलेट नहीं मिलीं। वहीं, उसकी पत्नी रूबी को भी गांववालों ने घेरकर मार डाला था। रूबी के सिर में गंभीर चोट लगने से अधिक खून बहने से उसकी मौत होने की पुष्टि हुई है। डॉ. गौरव मिश्र और डॉ. प्रभात वर्मा के पैनल ने दोनों लाशों का पोस्टमॉर्टम किया था।

एनकाउंटर के 58 घंटे बाद पुलिस ने खुद दाह संस्कार किया
हत्यारे पति और साजिशकर्ता पत्नी, दोनों को मारे जाने के करीब 58 घंटे बाद रविवार को पांचाल घाट पर उनका अंतिम संस्कार करा दिया गया। इससे पहले उनके करीबी रिश्तेदारों ने दोनों की लाशें लेने से इंकार कर दिया था। बाद में पुलिसकर्मियों ने ही उनकी अंत्येष्टि कराई। वे दोनों मारे गए, लेकिन गांव के प्रधान शशि और अन्य ग्रामीणों में अब भी उनके लिए गुस्सा भरा हुआ है।

इसलिए गांववालों के लिए शैतान बन गया था सुभाष
दरअसल, सुभाष को अपने मौसा की हत्या के मामले में उम्रकैद हुई थी। 10 साल तक वह जेल में रहा था। फिर हाईकोर्ट ने उसे जमानत दे दी। करीब चार महीने पहले स्वाट टीम उसे चोरी के मामले में पकड़कर ले गई थी, तभी से वह गांव के लोगों से दुश्मनी रखता था। उसे लगता था कि गांव वालों की वजह से ही वह मर्डर केस में फंसा। पुलिस और ग्रामीणों से बदला लेने के लिए उसने बच्चों को बंधक बनाने की योजना बनाई थी।












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