अयोध्या आतंकी हमले पर 14 साल बाद फैसला, शहीद रमेश पांडे की पत्नी-बेटी ने की फांसी की मांग
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 5 जुलाई 2005 को हुए आतंकी हमले में अदालत ने आज (18 जून) चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस न्याय से हमले में शहीद हुए गाइड रमेश पांडे के परिजन व अयोध्या के संत और महंत संतुष्ट नहीं हैं। शहीद हुए रमेश पांडे गाइड की पत्नी सुधा पांडे का कहना है कि उन्हें उम्रकैद नहीं, फांसी की सजा होनी चाहिए थी। हमले में उन्होंने अपना पति खोया है। इसलिए वे कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं हैं।

बेटी ने भी फांसी की मांग
रमेश पांडे की बेटी अंशिका पांडे भी आतंकवादियों के लिए फांसी की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि आतंकवादी हमले में उसने अपना पिता खोया है तो फिर उनके पिता को मारने वाले आतंकवादी जिंदा कैसे हैं उनको भी फांसी होनी चाहिए। संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास भी कहते हैं कि जिसने रामलला पर हमला किया उसे भी जीने का हक नहीं है उसे उम्र कैद नहीं फांसी की सजा होनी चाहिए।
चार को उम्रकैद, एक बरी
बता दें, प्रयागराज स्पेशल कोर्ट ने रामलला के हमले के साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड डॉ. इरफान मोहम्मद, शकील मोहम्मद, नसीम व आसिफ इकबाल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, जबकि साक्ष्य के अभाव में मोहम्मद अजीज बरी हो गया है। रामलला पर हमला 5 जुलाई 2005 को हुआ था।












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