Milkipur by-election 2025: बसपा नहीं उतारेगी प्रत्याशी, बदला समीकरण, सपा और भाजपा में होगी कांटे की टक्कर
Milkipur by-election 2025: अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने किनारा कर लिया है। पहले पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में खड़े हुए प्रत्याशी राम गोपाल कोरी को उपचुनाव में उतारने का फैसला किया था। लेकिन अब पार्टी मिल्कीपुर में किसी को भी मैदान में नहीं उतारने जा रही है।
कहा जा रहा है कि बीएसपी ने अपना पूरा ध्यान दिल्ली विधानसभा चुनाव पर लगा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने 5 जनवरी को दिल्ली में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था। उनकी अगली जनसभा 12 जनवरी को होनी है। ऐसे में उम्मीद है कि बीएसपी पूरी ताकत के साथ दिल्ली में चुनाव लड़ेगी।

मिल्कीपुर में भाजपा-सपा के बीच सीधा मुकाबला
बसपा के मैदान से हटने के बाद मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को टिकट मिलना लगभग तय है। भाजपा ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इस बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है। सपा को कांग्रेस का समर्थन मिल रहा है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
उपचुनाव में बसपा का निर्णय
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पिछले वर्ष 23 नवंबर को नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया था। मायावती ने कहा कि जब तक चुनाव आयोग फर्जी मतदान को रोकने के लिए सख्त कदम नहीं उठाता, बसपा उपचुनावों से दूर रहेगी।
दलित और ओबीसी मतदाताओं को साधने की कोशिश
बीएसपी का मानना है कि कांग्रेस, एसपी और आम आदमी पार्टी ने दलित और ओबीसी वोटरों को धोखा दिया है। पार्टी का दावा है कि इन समुदायों के नेताओं को आम आदमी पार्टी के मंच पर उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है। समाजवादी पार्टी दिल्ली में आप को समर्थन दे रही है, जबकि मिल्कीपुर में कांग्रेस सपा काे दे रही है।
इस बारे में बहुजन समाज पार्टी के यूपी अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने मीडिया से कहा कि, ''हम दिल्ली के दलित और ओबीसी मतदाताओं को जागरूक करेंगे और दिखाएंगे कि अन्य पार्टियां सिर्फ छलावे की राजनीति कर रही हैं।''












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