अयोध्या: पत्रकार ने भाजपा विधायक पर लगाया हमला कराने का आरोप, पुलिस बोली- सबूत मिला तो एमएलए पर दर्ज होगा केस
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक पत्रकार ने भाजपा विधायक पर जानलेवा हमला कराने का आरोप लगाया है। पत्रकार का आरोप है कि उन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ न्यूज रिपोर्ट लिखी थी जिससे वे नाराज हो गए। मंगलवार की शाम में पत्रकार को अयोध्या कोतवाली क्षेत्र में करीब छह अज्ञात लोगों ने पीटा जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले जिला अस्पताल में उनका इलाज चला, फिर बेहतर उपचार के लिए उनको निजी अस्पताल ले जाया गया। पत्रकार के सिर में गहरी चोट लगी लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि अज्ञात लोगों की पहचान कर मामले की जांच की जाएगी, फिर पर्याप्त सबूत मिलने पर विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

इस बारे में एडिशनल एसपी सिटी विजय पाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को पत्रकार पाटेश्वरी सिंह बाइक पर सवार होकर रकाबगंज से रात में करीब 7.30 बजे घर जाने के लिए निकले। सुरेंद्र लॉन के पास पहले से खड़ी एक एसयूवी ने पत्रकार की बाइक को टक्कर मारी। पत्रकार उछलकर बाइक से नीचे गिरे, तब तक एसयूवी में बैठे लोग बाहर आए और उनको पीटने लगे। कुछ स्थानीय लोगों ने उनका बचाव किया। पाटेश्वरी सिंह का इलाज चल रहा है और अज्ञात लोगों के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज से सुराग खंगाले जा रहे हैं। मामले की छानबीन की जा रही है।

पाटेश्वरी सिंह के मुताबिक, वे भारत कनेक्ट नाम के अखबार के ब्यूरो चीफ हैं और जन संदेश टाइम्स के लिए भी सिटी रिपोर्टिंग का काम करते हैं। हमले के बाद घायल पाटेश्वरी सिंह ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि रास्ते में खड़ी गाड़ी को देख मैं खतरा भांप गया था लेकिन आगे बढ़ता रहा। उस गाड़ी ने पीछे से मेरी बाइक में जोर से टक्कर मारी, मैं गिर पड़ा। गाड़ी से पांच से छह लोग लाठी, रॉड लेकर निकले और उन्होंने विधायक व उनके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने पर मुझे जान से मारने की धमकी दी। मेरे दोनों मोबाइल फोन उनलोगों ने छीन लिए और जमीन पर पटक दिया। वे मुझे पीटने लगे तभी कॉलोनी के कुछ लोग मुझे बचाने के लिए दौड़े। उनको आते देख सभी फरार हो गए। अगर लोग नहीं आते वो मुझे जान से मार देते।
थाने में दर्ज केस में भाजपा विधायक को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? इस सवाल के जवाब में इंडियन एक्सप्रेस से कोतवाली एसएचओ नीतीश कुमार ने कहा कि पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा कि हमलावर धमकी देते हुए उसे विधायक और उनके साथियों के खिलाफ खबरें नहीं लिखने के लिए बोल रहे थे। एसएचओ ने कहा कि पीड़ित ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि विधायक इस घटना में शामिल हैं, अगर उन्होंने ऐसा कहा होता तो केस में विधायक का नाम भी लिखा जाता। इस बारे में सिटी सर्किल अफसर पलाश बंसल ने कहा कि विधायक का नाम केस में दर्ज हो सकता है लेकिन इससे पहले उन अज्ञात लोगों की पहचान कर उनसे पूछताछ की जाएगी। स्थानीय लोगों के बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि उनको पत्रकार की पिटाई के लिए किसने और क्यों भेजा?












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