21 किलो चांदी के भव्य झूले में विराजमान होंगे भगवान राम, भक्त राम झरोखे से कर सकेंगे दर्शन
अयोध्या, 12 अगस्त: झूला मेला राम नगरी अयोध्या में 11 अगस्त से शुरू हो गया है। तो वहीं, पहली बार सावन में रामलला को 21 किलोग्राम चांदी के झूले में झुलाया जाएगा। बता दें कि अस्थाई मंदिर में विराजमान रामलला के लिए 21 किलो का चांदी का झूला ट्रस्ट की ओर से निर्मित कराया गया है। अस्थाई राम मंदिर में पंचमी से रामलला के झूलन उत्सव का श्रीगणेश हो जाएगा। इस दौरान भक्त राम झरोखे से अयोध्या में बन रहे रामलला मंदिर का दर्शन कर पाएंगे।

ऐसा पहली बार हो रहा है कि रामलला के लिए चांदी का विशेष झूला बनवाया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने झूले की फोटो शेयर करते हुए बताया कि इस बार रक्षाबंधन तक रामलला इसी विशेष झूले में झूला झूलेंगे। इस झूले की ऊंचा 5 फुट है। बता दें कि परंपराओं के मुताबिक, अयोध्या में हर वर्ष श्रावण शुक्ल तृतीया को झूलन महोत्सव की शुरुआत होती है। इस मौके पर अयोध्या के सभी प्रमुख मंदिरों से विग्रह मणि पर्वत तक पालकियों में गाजे-बाजे के साथ जाते हैं। वहीं पर झूला झूलते हैं।
मणि पर्वत वही जगह है जहां माता सीता झूला झूलने आया करती थीं। इसी वजह से यहां हर वर्ष श्रावण शुक्ल तृतीया को बड़े महोत्सव का आयोजन किया जाता है। तो वहीं, भक्तों के लिए रामलला के दर्शन करने के लिए रास्ते में एक झरोखा खोला जा रहा है। इसके जरिए राममंदिर निर्माण को देखा जा सकेगा। इस झरोखे को राम झरोखा का नाम दिया गया है। यह 20 फीट की चौड़ाई में राममंदिर परिसर के पश्चिमी दीवार पर खोला गया है। बताया जा रहा है कि यह अगले एक हफ्ते में बनकर तैयार हो जाएगा। लोग इससे मंदिर का निर्माण देख सकेंगे।
अयोध्या में एंट्री के लिए आरटीपीसीआर जरूरी
अयोध्या में प्रवेश के लिए आरअटी-पीसीआर निगेटिव की रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के चलते इस बार झूला महोत्सव को काफी सीमित रखा गया है। यात्रियों से कहा गया है कि उन्हें अपने साथ 72 घंटे पहले की आरटी-पीसीआर निगेटिव की रिपोर्ट लानी होगी।












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