69 कोरोना संक्रमित मरीज घंटों सैफई अस्पताल के सामने टहलते रहे, स्थानीय लोगों ने बनाया वीडियो
इटावा। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। संक्रमण मुक्त प्रयागराज में तीन नए कोरोना वायरस पॉजिटिव मामले मिले हैं वहीं कानपुर में 24 घंटे के अंदर 37 संक्रमित मिलने से हड़कंप मच गया। आगरा में भी संक्रमण के 10 नए मामले मिले हैं जहां से 69 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को सैफई पीजीई के कोविड अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए ले जाया गया। सैफई पहुंचने पर वहां लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया। कोविड अस्पताल में प्रवेश न मिलने पर 69 कोरोना संक्रमित मरीज वहीं बाहर सड़क पर टहलते रहे। स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। सूचना मिलने पर सीओ मौके पर पहुंचे और मरीजों को इस तरह से घूमने से मना किया। इस बारे में सैफई के वाइस चांसलर ने कहा कि कम्यूनिकेशन गैप के चलते और सही समय पर मरीजों के आने की सूचना न मिलने के चलते ऐसा हुआ।

आगर से संक्रमितों को किया गया सैफई शिफ्ट
आगरा से 69 संक्रमित मरीजों को शुक्रवार तड़के चार बजे रोडवेज की बस और कुछ एंबुंलेंस के जरिए सैफई पीजीआई लाया गया। जब मरीजों को लेकर तड़के ही वाहन पहुंच गए, उस समय पीजीआई का गेट बंद था। ऐसे में अगले तीन घंटे तक कोरोना संक्रमित मरीज वहीं बाहर आसपास टहलते रहे और गेट खुलने का इंताजर करते रहे। सात बजे के आसपास स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना सैफई थाने को दी। इसके आधे घंटे के बाद सैफई सीओ चंद्रपाल सिंह, थानाध्यक्ष और फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहां भूखे-प्यासे कोरोना संक्रमित मरीज उसी तरह टहलते मिले।

लापरवाही का आलम तो देखिए!
पुलिस फोर्स पहुंचने के बाद भूखे-प्यासे कोरोना संक्रमितों के लिए पानी के पाउच की एक बोरी रख दी गई। तीन घंटे से ज्यादा समय ये मरीज सैफई अस्पताल के गेट पर टहलते रहे लेकिन इनको अंदर ले जाने के लिए कोई नहीं आया। वहां के स्थानीय व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस बारे में जानकारी मिलने पर सैफई के वाइस चांसलर राजकुमार सिंह ने सफाई दी कि आगरा प्रशासन से कम्यूनिकेशन गैप रहा। वाइस चांसलर इस बारे में अस्पताल की तैयारी गिनाते रहे। लेकिन सवाल यही उठा कि ऐसी तैयारी किस काम की जब इतने कोरोना संक्रमित मरीजों को घंटों कोई पूछनेवाला न हो। सात बजे के बाद पीजीआई पहुंचे सीओ मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए उनको एक जगह रूकने की सलाह देते नजर आए।

वाइस चांसलर ने इस बारे में कहा
वाइस चांसलर ने कहा कि मुझे यह मालूम नहीं कि किसकी लापरवारही है। इतनी बड़ी संख्या में जब मरीजों को भेजा जाता है तो उसके लिए एक प्रक्रिया होती है। डॉक्टर या अधिकारी मरीजों की सूची लेकर आते हैं जिनमें उनके बारे में जानकारी होती है। इसके बाद मरीजों को भर्ती किया जाता है लेकिन यहां इस तरह की जानकारी पहले से नहीं दी गई। मरीजों को आगरा प्रशासन ने एक दिन पहले ही भेज दिया। हमारी टीम को इस बारे मे जानकारी नहीं थी। जब पता चला कि वे गेट से बाहर हैं तो उनको बिना दस्तावेज के ही हॉस्पिटल के अंदर लाना पड़ा।
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