जसवंतनगर में कार्यकर्ताओं को शिवपाल ने किया संबोधित, कहा- '2004 के मुकाबले रिकॉर्ड जीत दर्ज करवाएंगे'
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का बीते दिनों गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर उप चुनाव में समाजवादी पार्टी ने परिवार की बड़ी बहू डिंपल को एक बार फिर से सांसद बनाने के लिए ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव एक साथ मंच पर दिखे थे। लम्बे समय बाद मंच पर अखिलेश और शिवपाल सिंह यादव को एक साथ देखकर सपा कार्यकर्त्ता काफी प्रसन्न हैं। हाल ही में शिवपाल यादव ने जसवंत नगर में अपनी बहू डिंपल यादव को 2004 के मुकाबले रिकॉर्ड जीत दर्ज करवाने की कार्यकर्ताओं से अपील की है।

2004 के मुकाबले रिकॉर्ड जीत दर्ज करवाएंगे
बता दें की काफी समय से अखिलेश और चाचा शिवपाल के बीच चल रहे मनमुटाव के बाद दोनों के बीच मनमुटाव दूर होने का दृश्य देखने को मिला। शिवपाल यादव ने बहू डिंपल यादव को जिताने का जिम्मा उठाते हुए जसवंत नगर में एक निजी मैरिज होम में जनसभा के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हाथ उठाकर सभी लोग कहिए कि इस बार 2004 के मुकाबले रिकॉर्ड जीत दर्ज करवाएंगे। हमें पूर्ण विश्वास है कि सभी कार्यकर्ता अपना एक-एक कीमती वोट समाजवादी पार्टी को देने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि 2004 में तो रिकॉर्ड बना ही था, लेकिन उससे भी बड़ा अपना ही खुद का रिकॉर्ड 2024 में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डिंपल यादव को जिताने के लिए तोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि आप सभी को याद होगा कि 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी की कुल 40 सीटें थी और अगर हम सभी ने इसी तरह से काम किया तो अबकी बार 2024 के लोकसभा चुनाव में 45 से 50 सीटें यूपी में समाजवादी पार्टी जरूर लेकर आएगी। उससे पहले 5 दिसम्बर को समाजवादी पार्टी को वोट देने का काम आप सभी लोग ज्यादा से ज्यादा करें।

"हम एक हो गये, बहू को जिता देना"
उत्तर प्रदेश विधानसभा में जसवंत नगर और करहल सीट का प्रतिनिधित्व शिवपाल और अखिलेश करते हैं। बीते रविवार को चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश ने शिवपाल और सपा महासचिव राम गोपाल यादव के साथ मंच साझा किया था। मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव से पहले अखिलेश ने गुरुवार को अपनी पत्नी और पार्टी उम्मीदवार डिंपल यादव के साथ शिवपाल से मुलाकात भी की थी।
वही शिवपाल सिंह यादव ने एक सभा में यह भी कहा था कि जब परिवार एक रहता है तब छाती चौड़ी हो जाती है। मैं जब भी यहां आता था और जसवंतनगर के किसी भी कोने में जाता था तो लोग एक ही बात कहते थे कि एक हो जाइए तो ही बीजेपी को मात दे सकते हैं तो आज हम एक हो गए हैं। परिवार के सबसे बड़े बेटे होने के नाते अखिलेश यादव को इसे बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। शिवपाल यादव ने कहा कि आपने कहा एक हो जाओ। हम एक हो गये, बहू को जिता देना।

चाचा-भतीजे में कभी दूरियां नहीं थीं
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद उनके प्रतिनिधित्व वाली मैनपुरी सीट पर उपचुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान होना है। सपा ने इस सीट पर अखिलेश की पत्नी और मुलायम की पुत्रवधू डिंपल यादव को उम्मीदवार बनाया है। रविवार को पारिवारिक गढ़ सैफई में आयोजित एक चुनावी रैली में अखिलेश यादव ने कहा, उपचुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं, जब नेताजी हमारे बीच नहीं हैं। पूरे देश की नजरें इस उपचुनाव पर हैं और मैं कह सकता हूं कि पूरा देश समाजवादी पार्टी की ऐतिहासिक जीत का गवाह बनेगा।
अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि कई बार लोग कहते हैं कि बहुत दूरियां हैं। आप सबको बता दूं कि चाचा-भतीजे में कभी दूरियां नहीं थीं। हमारी राजनीति में दूरियां थीं। उन्होंने कहा कि मैंने कभी चाचा-भतीजे के रिश्ते में दूरियां नहीं मानीं और मुझे इस बात की खुशी है कि राजनीति की दूरियां भी आज खत्म हो गईं, इसलिए बीजेपी को घबराहट हो रही होगी, क्योंकि वह जानती है कि जसवंतनगर ने मन बना लिया है, करहल साथ चल दिया है, मैनपुरी के लोग समर्थन में हैं और भोगांव भी सपा के पक्ष में हैं।












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