एक साल से अस्पताल में मौत से जूझ रहा 18 साल का एथलीट चैम्पियन अंश यादव, लाइलाज है बीमारी
इटावा। यूपी में इटावा जनपद के जसवंतनगर तहसील का रहने वाला स्टेट एथलीट चैंपियन अंश यादव इन दिनों मौत से जूझ रहा है। उसका दिल्ली के मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसे जी बी सिंड्रोम नामक घातक बीमारी है। जिसकी वजह से वह पिछले एक साल से मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती है। अंश यादव की उम्र 18 साल है। पैसों के अभाव में उसका बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है।

ओपन एनजीओ चलाने वालों ने दी मदद
संवाददाता के अनुसार, डॉक्टरों ने अंश यादव को वेंटिलेटर पर रखा है। यानी, इस समय वह मौत से जूझ रहा है। उसके इलाज के लिए अंश के पिता आज तक एक करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं। वहीं, सूबे की योगी सरकार से 250,0000 रुपए 3 किस्तों में अंश के इलाज के लिए मिल चुके हैं। जनपद के एनजीओ चलाने वाले लोगों ने भी अंश के इलाज में मदद की। दिल्ली में ओपन एनजीओ चलाने वालों ने कई लाख रुपया जमा करके अंश के परिवार को दिए हैं।

1 वर्ष से वेंटिलेटर पर मौत की जंग लड़ रहा
सोशल मीडिया पर भी अंश के इलाज के लिए कैम्पेन चल रहा है, जिससे अंश की जिंदगी बचायी जा सके। पिछले 1 वर्ष से लगातार अपनी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा 18 वर्षीय स्टेट एग्जिट चैंपियन अंश के पिता जो कि जसवंतनगर, नगर पालिका में एक सभासद हैं। उनके पास जो कुछ भी था। वह सारा अंश के इलाज में अभी तक लगा चुके हैं, लेकिन अंश पिछले 1 वर्ष से वेंटिलेटर पर अपनी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। अब लगता है कि अंश के परिजन इस जंग को हारते जा रहे हैं।

इलाज में 1 करोड़ रुपए खर्च हो चुके
अंश के पिता राजीव यादव ने मीडिया एवं प्रशासन के सामने अंश के इलाज के लिए गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि अंश के इलाज में 1 करोड़ रुपए खर्च हो चुका है। आने वाले समय में भी इलाज के लिए बड़ी रकम चाहिए होगी, जिसको देखते हुए सरकार से मदद मांगी है।

सरकार द्वारा 25 लाख रुपए की रकम दी जा चुकी है
जनपद के जिला अधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि जो बीमारी अंश को है, वह लाइलाज बीमारी है और इनकी मदद पहले भी सरकार द्वारा 25 लाख रुपए की रकम दी जा चुकी है, लेकिन अभी उनके बच्चे के इलाज के लिए पैसे की और आवश्यकता है। जिसके लिए हम शासन को पत्र लिखा गया है।












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