ऐश्वर्या राय क्यों नहीं बन पाई थीं मिस इंडिया? क्यों हार गई थीं? क्या हुई थी गलती? 31 साल बाद खुला राज
Aishwarya Rai: साल 1994 भारतीयों के लिए बेहद खास रहा था। इस साल देश ने एक ही मंच पर दो बड़ी उपलब्धियां हासिल की थीं। एक तरफ जहां सुष्मिता सेन ने मिस यूनिवर्स का ताज जीता था, वहीं ऐश्वर्या राय ने मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया था।
मिस इंडिया प्रतियोगिता हार गई थीं ऐश्वर्या राय
आपको बता दें कि फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में सुष्मिता सेन ने ऐश्वर्या राय को पछाड़ा था और फिर मिस यूनिवर्स तक का सफर तय किया था। वहीं ऐश्वर्या राय के हारने पर ये चर्चा तेज हो गई थी कि दोनों के बीच कड़ा प्रतिद्वंद्व चल रहा है।

ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन के रिश्ते को लेकर बड़ा खुलासा
हाल ही में ऐड फिल्ममेकर प्रह्लाद कक्कड़ ने इस कथित "रायवलरी" और उस दौर की सच्चाई पर खुलकर बात की है। प्रह्लाद कक्कड़ के मुताबिक ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन के बीच किसी तरह का व्यक्तिगत मनमुटाव नहीं था।
31 साल बाद प्रह्लाद कक्कड़ ने खोला ऐसा राज
प्रह्लाद कक्कड़ ने बताया- फर्क बस इतना था कि ऐश्वर्या राय उस समय अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं, जबकि सुष्मिता सेन कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई करने के कारण ज्यादा आत्मविश्वासी और पॉलिश्ड नजर आती थीं।
'ऐश्वर्या राय की अंग्रेजी भाषा पर पकड़ मजबूत नहीं थी'
-प्रह्लाद कक्कड़ ने कहा- फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता के समय ऐश्वर्या राय की अंग्रेजी भाषा पर पकड़ उतनी मजबूत नहीं थी। इस वजह से सवाल-जवाब के राउंड में उन्हें दिक्कत हुई। इसके उलट सुष्मिता सेन ने पूरे आत्मविश्वास के साथ सारे सवालों के जवाब दिए और बाजी मार ली।
-प्रह्लाद कक्कड़ ने बताया- मैंने बैकस्टेज देखा था कि सुष्मिता सेन रो रही थीं। जब मैंने पूछा तो उन्होंने कहा कि ये कॉन्टेस्ट फिक्स है और ऐश्वर्या राय ही जीतेंगी क्योंकि वह पहले से ही बड़ी मॉडल हैं।
ऐश्वर्या राय से ज्यादा कॉन्फिडेंट थीं सुष्मिता सेन
-प्रह्लाद कक्कड़ ने कहा- तब मैंने सुष्मिता सेन को समझाया था कि जूरी बहुत ताकतवर है और किसी को खरीदा नहीं जा सकता। मैंने उनसे कहा कि बस अपना बेस्ट दो और आखिरकार वही हुआ, सुष्मिता सेन जीत गईं। प्रह्लाद कक्कड़ ने बताया कि सुष्मिता सेन ने बाद में इस घटना को याद कर उन्हें फोन भी किया था।
-प्रह्लाद कक्कड़ ने आगे कहा- ऐश्वर्या राय अपनी हार से काफी आहत थीं। उन्हें लगने लगा था कि सुष्मिता सेन को नेपोटिज्म का फायदा मिला है। ऐश्वर्या को ये भी लगता था कि ऑर्गनाइजर्स उनके पक्ष में थे क्योंकि वह पहले से ही पेप्सी और लैक्मे जैसी बड़ी ब्रांड्स से जुड़ी थीं।
'सवाल-जवाब राउंड में घबरा गई थीं ऐश्वर्या राय'
-प्रह्लाद कक्कड़ के अनुसार हकीकत ये थी कि सवाल-जवाब राउंड और हाई हील्स में संतुलन बनाए रखने जैसी छोटी-छोटी बातों में ऐश्वर्या राय अपनी को-कंटेस्टेंट सुष्मिता सेन से पिछड़ गई थीं। वहीं सुष्मिता सेन पूरे आत्मविश्वास के साथ परफॉर्म कर रही थीं।
-प्रह्लाद कक्कड़ ने ये भी कहा कि उस वक्त ऐश्वर्या राय अंग्रेजी में बातचीत करने को लेकर झिझकती थीं। वह अक्सर इंटरव्यूज में तुलु, कोंकणी या हिंदी में बात करती थीं। यही वजह थी कि लोग उन्हें थोड़ी संकोची समझते थे। वह कॉन्टेस्ट के शुरुआती दौर में काफी घबराई हुई भी थीं। उनमें कॉन्फिडेंस की कमी नजर आ रही थी।
-इस तरह से 1994 का वह साल न सिर्फ ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन की जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ, बल्कि भारतीय ब्यूटी पेजेंट्स के इतिहास में भी ये एक यादगार अध्याय बन गया था।












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