Emergency Room Review: हेल्थकेर वर्कर्स के इमोशन, संघर्ष और साहस की कहानी 'इमरजेंसी रूम', पढ़ें रिव्यू
वेब सीरीज: एमर्जेंसी रूम
कलाकार: अलिशा परवीन, आकाश प्रताप सिंह, नीलू डोगरा, शरत सोनू, विदुषी पराशर
निर्देशक: अखिल सचदेवा
रेटिंग: 3 स्टार
Emergency Room Review: हेल्थकेर वर्कर्स पूरे हेल्थ सिस्टम की रीढ़ होते हैं लेकिन यह एक थैंकलेस जॉब है। जिसमें लोग डॉक्टर के प्रति तो कृतज्ञ होते हैं लेकिन नर्स, पैरामेडिक्स, वार्ड बॉय और अन्य के लिए किसी के मन में कोई सहानुभूति नहीं होती। कई बार तो लोग काफी डिस रिस्पेक्टफुल भी हो जाते है। इन्ही के जीवन की दुश्वारियों और संघर्ष को काफी भावनात्मक और ड्रमैटिक अंदाज में पेश करता है, यूट्यूब पर रिलीज हुआ लैटस्ट शो "एमर्जेंसी रूम"। इस शो में कुल 3 एपिसोड होंगे जिसका पहला एपिसोड रिलीज हो चुका है और बाकी के एपिसोड जल्दी ही रिलीज किये जाएंगे। आईए इस रिव्यू के जरिए समझते हैं कैसा है यह शो

कहानी शुरू होती है एक अस्पताल के सीन से जिसमें तृषा (अलीशा परवीन) अपनी दोस्त के साथ कैन्टीन में बैठ कर चाय पी रही है। अचानक से एम्बुलेन्स के सायरन की आवाज कानों में गूंजती है और वह और उसकी दोस्त चाय वहीं टेबल पर छोड़ कर एम्बुलेंस की ओर भागते हैं। एक युवक का एक्सीडेंट हुआ है और उसके साथ एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति होता है। जो खुद को उस युवक का पिता बताता है। तृषा पेशेंट के बारे में जरूरी डिटेल्स के लिए उस व्यक्ति से बेहद सलीके से पूछताछ करती है। लेकिन वह व्यक्ति भड़क उठता है और तृषा से बद्तमीजी से बात करता है जिससे तृषा थोड़ी आहत होती है। लेकिन साथ ही तृषा को उस व्यक्ति पर शक भी होता है कि आखिर यह अपने ही बेटे के बारे में डिटेल्स क्यों नहीं बता रहा और उसको अपनी मां की याद आने लगती है तो कहानी फ्लैश बैक में चली जाती है।
अगले सीन में दिखता है कि तृषा की मां उससे नाराज है क्योंकि अलीशा अपना करिअर एक नर्स के रूप में बनाना चाहती है। अलीशा का सोचना है किसी की लाइफ सेव करने से बड़ा सुख जीवन में कुछ और नहीं और यह काम वह नर्स बनकर बखूबी कर सकती है। लेकिन यह बात उसकी मां को समझ नहीं आती। खैर, तृषा ने 12 वीं कम्प्लीट करने के बाद नर्सींग में ऐडमिशन ले ही लिया और उसकी पहली ही क्लास में एंट्री होती है एक हैन्डसम टीचर डॉ योग(आकाश प्रताप सिंह) की जो हैन्डसम होने के साथ है इन्टेलिजन्ट भी हैं। क्या तृषा और डॉ योग के बीच कुछ पकेगा? क्या है उस अधेड़ उम्र के व्यक्ति का रहस्य जो वह छुपा रहा है? यह सब जानने के लिए आपको देखना होगा "एमर्जेंसी रूम"
अलीशा और आकाश ने पूरे शो में अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया है। अलीशा के चेहरे की मासूमियत उनके किरदार को और अधीक सशक्त करती है। आकाश अपने डायलॉग डिलेवरी और टाइमिंग से काफी प्रभावित किया है। बाकी के सभी कलाकारों ने अपने किरदार के साथ भरपूर न्याय किया है।
शो के डायरेक्टर अखिल सचदेवा ने शो की बारीकियों पर काफी काम किया है जिससे यह शो वास्तविकता के काफी करीब दिखता है और दर्शक खुद को कहानी से जुड़ा हुआ महसूस करता है। कहानी को सिम्पल रखा गया है और थोड़ा भवणात्मक रूप दिया गया है लेकिन कहानी में ड्रामा और ईमोशन के बलेन्स को बरकरार रखा है।
एक दौर था जब फैन्टेसी से ओतप्रोत कहानियाँ दर्शकों को पसंद आती थी लेकिन अब वह दौर बीत गया है आज के समय का दर्शक रीऐलिटी पर आधारित कहानियों को ज्यादा पसंद करते हैं। अगर आपको भी ऐसी कहानियाँ पसंद हैं और वही मार काट, ड्रामा, रोमांस देखकर ऊब चुके हैं और कुछ फ्रेश देखना चाहते हैं तो देख डालिए यह नया शो "एमर्जेंसी रूम"। यूट्यूब पर. अभी सिर्फ़ एक एपिसोड रीलज हुआ है। लेकिन दर्शक जल्द ही सीरिज़ के बाक़ी दो एपिसोड भी उपलब्ध होंगे ।












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