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The Raja Saab Movie Review: आखिरकार रिलीज हुई प्रभास की हॉरर-कॉमेडी फिल्म, जानिए कैसी है?

The Raja Saab Movie Review: लॉन्ग ड्यूरेशन वाली और मल्टीस्टारर फिल्मों का दौर फिर से वापस आगया है। धुरंधर और एनिमल जैसी फिल्मों की सक्सेस के बाद अब प्रभास की 'द राजा साब' भी इस लॉन्ग ड्यूरेशन की फिल्मी फेहरिस्त में शामिल हो गई है। फिल्म में संजय दत्त, बोमन ईरानी, ब्रह्मानंदम, जरीना वहाब के साथ कई और भी एक्टर्स हैं। कैसी है फिल्म इस रिव्यू में जानते हैं।

The Raja Saab Movie Review

फिल्म की कहानी एक बेफिक्र नौजवान राजू (प्रभास) के इर्द गिर्द घूमती है। राजू अपनी बीमार दादी के साथ बेहद सामान्य जिंदगी में अपनी धुन में मस्त रहता है। लेकिन उनकी यह हालत हमेशा से ऐसी नहीं थी। राजू की दादी एक रियासत की मालकिन थी लेकिन अपनों के धोखे और वक्त की मार ने उनसे सबकुछ छीन लिया। राजू के दादा कनकराजू (संजय दत्त)) आज तक गुमशुदा हैं, उसकी दादी के अनुसार एक बार उनकी हवेली में एक चोर घुस आया था और देवी का हार चुरा ले गया, चोर को पकड़ने के लिए उनके पति कनकराजू पीछा करते हुए जंगल की ओर चले गए और उस दिन के बाद से आज तक नहीं लौटे।

डॉक्टर ने कहा अगर एक बार राजू की दादी राजू के दादा को देख लें तो उनकी मानसिक बीमारी ठीक हो सकती है। राजू अपने खोए हुए दादा की खोज में निकाल पड़ता है। राजू को पता है अगर उसके दादा मिल गए तो राजू और उसकी दादी को उनकी खोई हुई विरासत वापस मिल जाएगी। लेकिन जैसे जैसे राजू अपनी खोज में कदम आगे बढ़ाता है उसका सामना दादी के पुराने महल में बस चुके भूतों की मायावी दुनिया से होता है और साथ ही एक ऐसा सच पता चलता है जिसे सुनकर वह स्तब्ध रह जाता है क्योंकि उसे जो सच पता चलता है वह दादी के बताए सच से एकदम उलट था। क्या है सच्चाई ? क्या राजू और उसकी दादी को उनकी खोई हुई विरासत और सम्मान वापस मिल सकेगा। क्या राजू के दादा जी वापस मिलेंगे ? यह सब जानने के लिए आपको देखनी पड़ेगी यह फिल्म

प्रभास ने राजू के किरदार को जीवंत कर दिया है उनके किरदार के कई रंग देखने को मिलते हैं और हर रंग में फिर चाहे कॉमेडी हो, एक्शन हो, ईमोशनल सीन हो या फिर इंटेन्स, हर रंग को उन्होंने अपने किरदार के कैनवास पर बेहद खूबसूरती के साथ पेंट किया है जो दर्शकों को जरूर पसंद आएगा। संजय दत्त ने एक रहस्यमयी और शातिर बुड्ढे का किरदार निभाया है जिसमें वह एकदम फिट लग रहे हैं। उनकी भारी भरकम आवाज और व्यक्तित्व उनके किरदार को और मजबूत करता है। फिल्म के पहले हिस्से में जब फ्लैश बैक सीन और बैक स्टोरी चल रही होती है तो संजय दत्त अपनी जबरदस्त ऐक्टिंग से पूरी तरह हावी दिखाई पड़ते है और नेगेटिवे रोल में भी दर्शकों को सम्मोहित करके उनके मन मस्तिष्क पर गहरी छाप छोड़ते दिख रहे हैं।

बोमन ईरानी की एंट्री काफी देर बाद भले ही होती है लेकिन दमदार तरीके से होती है। वह फिल्म में पद्मभूषण नाम के एक साइकोलॉजिस्ट, हिप्नोटिस्ट और भूत प्रेत और आत्माओं के एक्सपर्ट की भूमिका में एकदम परफेक्ट दिखते हैं। उनका किरदार कहानी कहानी को विश्वसनीयता और पैनापन तो देता ही है साथ ही कहानी में स्पष्टता लाता है।जरीना वाहब के किरदार के दो पहलू दिखाई देंगे। एक तरफ जहां वह एक रियासत की मालकिन पावरफुल लेडी के तौर पर दिखाई देती है तो वहीं दूसरी ओर बेहद लाचार, गमगीन और मानसिक रोगी के तौर पर दिखाई पड़ती है। उन्होंने अपने किरदार के दोनों ही पक्षों को बेहद संजीदगी और दमदार तरीके से प्रस्तुत किया है। मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल, रिद्धि कुमार का काम भी अच्छा है लेकिन जरीन वहाब पूरी तरह से डॉमिनेट करती हुई दिख रही हैं।

निर्देशक मारुति दासारी की मेहनत साफ दिखाई पड़ती है। इतनी बड़ी फिल्म जिसमें कॉमेडी, हॉरर, फ़ैंटेसी और बहुत सारा ड्रामा हो, डायरेक्टर ने प्रभावी ढंग से और संयम के साथ न सिर्फ कहानी के जॉनर को संभाला है बल्कि कहानी में ईमोशन, सस्पेंस और भव्यता को बेहद संतुलित तरीके से प्रस्तुत किया है। मारुति फिल्म को परदे पर सरल और शानदार तरीके से प्रस्तुत करते हैं और अनावश्यक बातों से बचने में सफल रहे हैं।

बैकग्राउंड स्कोर इस फिल्म का मजबूत पक्ष है जो फिल्म के हर एक सीन को सशक्त बना देता है। फिल्म में कुछ गाने भी हैं जिनको बड़े स्केल पर सकड़ों डांसर्स, भव्य और रंगीन सेट के साथ फिल्माया गया है। फिल्म के वीएफएक्स इंटरनेशनल लेवल का है, खासकर संजय दत्त के किरदार की प्रेत रूप में एंट्री काफी अलग है। कॉस्टयूम और मेकअप डिपार्ट्मन्ट ने भी अच्छा काम किया है।

फिल्में हम मनोरंजन के लिए देखते है और इस फिल्म में एंटेरटैनमेंट का ट्रिपल डोज़ तो मिलेगा साथ ही साउथ स्टाइल कॉमेडी, एक्शन और कार्निवाल स्टाइल गानों के सीक्वन्स, बड़ी और मजबूत स्टार कास्ट के साथ ही दर्शकों को ईमोशन, ड्रामा, सस्पेंस और थ्रिलिंग सीन्स के एक्स्ट्रा डोज़ मिलेंगे।
कुछ एक कमियाँ जरूर हैं फिल्म में जैसे फिल्म का बीच का हिस्सा थोड़ा धीमा है फिल्म के शुरुआती हिस्से में ईमोशन, कॉमेडी और फ़ील गुड वाले सीन्स देखने को मिलेंगे लेकिन लास्ट के 45 मिनट रिजल्ट ऑरिएन्टेड हैं। कहानी को इस तरीके से बुना गया है की हर एक कैरेक्टर कहानी का जरूरी हिस्सा दिखाई पड़ता है, कोई भी किरदार गैर जरूरी या कमतर नहीं दिखाया गया है। इस तरह का सिनेमा कम ही देखने को मिलता है। ओवरऑल फिल्म अच्छी बनी है और पूरे परिवार के साथ इन्जॉय की जा सकती है।

Film Review: The Raja Saab
Director: Maruthi Dasari
Producer: T. G. Vishwa Prasad
Release Date: 09 January 2026
Rating: ⭐⭐⭐

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