द कश्मीर फाइल्स : विवेक अग्निहोत्री का फूटा गुस्सा, बोले- वो सताए गए लोग आंकड़े नहीं हैं वे इंसान हैं
नई दिल्ली, 16 मार्च। द कश्मीर फाइल्स ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है जहां एक ओर बड़ी संख्या में दर्शक इस फिल्म की जमकर प्रसंशा कर रहे हैं और वर्षो से दबी हुई सच्चाई सामने लाने के लिए फिल्म डॉयरेक्टर विवेक अग्निहोत्री का शुक्रिया अदा कर रहे हैं वहीं एक बड़ा वर्ग इस फिल्म को प्रपोगंडा करार देने में जुटा हुआ है और इसमें दिखाए गए हताहतों की संख्या पर झूठा बता रहे हैं।

विवेक अग्निहोत्री का फूंटा गुस्सा
वहीं अब कश्मीर फाइल्स के निदेशक विवेक अग्निहोत्री ने इंडिया टुडे से फिल्म की रेटिंग कम करने और सताए हुए लोगों को केवल आंकड़े और डेटा तक सीमित करने के बारे में बात करते हुए ऐसे लोगों पर अपना गुस्सा निकाला है।

आतंकवाद के कोई विविध विचार नहीं हैं
द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री जो अपनी फिल्म की सफलता का जश्न मना रहे हैं और जिन्होंने भारत के इतिहास के एक हिस्से को लंबे समय से अनदेखा करने का दावा किया है उन्हांने बताया कि आतंकवाद के कोई विविध विचार नहीं हैं।

इस फिल्म को उचित सम्मान दें
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने द कश्मीर फाइल्स जैसी अप्रकाशित फिल्म के साथ कामर्शियल सुसाइड किया है। इस पर विवेक ने कहा यह फिल्म मानवता और लोगों को पुराना सच्चा इतिहास बताने के लिए है। आप भारत को बदलना चाहते हैं और नंबर गेम में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो इसे उचित सम्मान दें।

वे सताए गए लोग आंकड़े नहीं है, वे इंसान हैं
विवेक अग्निहोत्री ने कहा वे सताए गए लोग आंकड़े नहीं है, वे इंसान हैं। किसी ने स्टीवन स्पीलबर्ग (शिंडलर्स लिस्ट के निदेशक) से होलोकॉस्ट पर डेटा के लिए नहीं पूछा गया और स्वीकार किया कि होलोकॉस्ट अब तक की सबसे अमानवीय और सबसे बर्बर घटना है।

यदि आपके भाई को मार दिया गया तो...
विवेक ने कहा अगर आपके माता-पिता मारे गए होते, तो आपको परवाह नहीं होगी कि 4,000 लोग मारे गए या 400। यदि आपके भाई को मार दिया गया होता तो आपकी बहन का बलात्कार किया गया, तो आप अपने जीवन में कभी भी यह नहीं पूछेंगे। तब आपको हताहतों की संख्या पर आपत्ति ना होती। क्या ये दोगला विचार हैं।

द कश्मीर फाइल्स की पीएम मोदी ने भी की है तारीफ
द कश्मीर फाइल्स, जो कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा को चित्रित करती है, जिन्हें घाटी में उत्पीड़न से बचने के लिए रातों रात अपना घर छोड़ना पड़ा, इसके चारों ओर एक राजनीतिक भंवर दिखाई दे रहा है। फिल्म ने प्रधान मंत्री ने मंजूरी दी है और जमकर तारीफ भी की है। वहीं कई राज्यों में फिल्म को टैक्टस फ्री कर दिया गया है।












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