The Kashmir Files के इस सीन को देख रोने लगे विवेक अग्निहोत्री, लोगों बोले-फिल्म के लिए इतना भी मत गिरो...
The Kashmir Files के इस सीन को देख रोने लगे विवेक अग्निहोत्री, लोगों बोले-फिल्म के लिए इतना भी मत गिरो...
नई दिल्ली, 1 अप्रैल। कश्मीरी पंडितों के पलायन, उनके विस्थापन, उनपर हुए अत्याचारों पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स( The Kashmir Files) ब्लॉकबस्टर साबित हुी। फिल्म जहां देश के अधिकांश राज्यों में टैक्स फ्री हो गई तो वहीं फिल्म ने 250 करोड़ से अधिक का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। 15 करोड़ के बजट में बनी ने छप्पड़फाड़ कमाई कर ली है। फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री इस फिल्म से जुड़े किस्से, शूटिंग के पीछे की कहानी अपने सोशल मीडिया पेज पर शेयर करते रहते हैं। हाल ही में विवेक ने अपने ट्विटर पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया और फिल्म के इस सीन का कुछ हिस्सा पोस्ट करते हुए कुछ ऐसा लिखा, जिसके बाद से लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं।

इस सीन को देख रोने लगे विवेक अग्निहोत्री
विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने 'द कश्मीर फाइल्स' (The Kashmir Files) से जुड़ा एक किस्सा शेयर किय़ा। उन्होंने फिल्म के एक खास सीन का बीटीएस वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया और कैप्शन में कुछ ऐसा लिख दिया, जो लोगों को रास नहीं आ रहा और लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। बीटीएस वीडियो में विवेक ने फिल्म के एक इमोशनल सीन शूट करने का वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो अनुपम खेर के गले लगकर फूटफूट कर रो रहे हैं। सीन में अनुपम खेर बुरी हालत में बिस्तर पर लेटे हैं और कैमरामैन उनकी मौत का सीन शूट कर रहा है। इस सीन के बाद विवेक रोते हुए अनुपम के गले लग जाते हैं।

विवेक ने कही पैरेंट्स के निधन की बात
वीडियो शेयर करने के साथ कैप्शन में विवेक ने लिखा - जब साल 2004 में मेरी मां का निधन हुआ था मैं तब भी नहीं रोया था....साल 2008 में जब मेरे पिता का निधन हुआ था, तब भी मैं नहीं रोया था, लेकिन फिल्म में अनुपम खेर के साथ मरने का सीन शूट कर मैं खुद को रोक नहीं पाया। कोई भी बेटा ऐसा नहीं कर पाएगा..कश्मीरी हिंदू माता-पिता की तकलीफ में इतनी इंटेंसिटी थी। आगे विवेक लिखते हैं...सिर्फ इस सीन के लिए, 'द कश्मीर फाइल्स' जरूर देखें।

लोगों ने कर दिया ट्रोल
विविके अग्निहोत्री की ये बात लोगों को पसंद नहीं आया और लोगों ने उन्हें ट्रोल कर दिया। लोगों ने उन्हें असंवेदनशील बताया है। वहीं एक यूजर ने लिखा कि फिल्म के लिए इतना भी मत गिरो।वहीं एक ने लिखा-माना कि सीन शानदार था, पर ये कहना है मैं मां-बाप के निधन पर नहीं रोया, ये बात समझ नहीं आ रही। वहीं किसी ने लिखा मर चुके लोगों की बेइज्जती न करें। एक यूजर ने उन पर प्रोपेगेंडा का आरोप लगाते हुए लिखा फिल्म तो अलग है, आप इतने असंवेदनशील कैसे हो सकते हैं। आपको उन लोगों के दर्द को समझना चाहिए।
When my mother died in 2004, I didn’t cry. When my father died in 2008, I didn’t cry.
But when I shot this death scene with @AnupamPKher I couldn’t stop. No son could. Such is the intensity of pain of our Kashmiri Hindu parents.
Pl watch #TheKashmirFiles only for this scene. pic.twitter.com/nEA8lYeUwI
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) April 1, 2022
How sad and unnatural at the same time. Havent seen anyone who doesnt cry when his own parents die in real life. But cries when someone dies in a film ! Overshooting melodrama of this level can only be done by Dr Deng and his friends.
— Jigar Shah (@JigarSh1974) April 1, 2022
These all are propaganda .
If a son/daughter didnt cry on his parents death that clearly shoes he/she is totaly emotionless person and having no sympathy to any one .
Wo kisi k liye cry nhi karega weather it us kashmiri pandit or genral pandit .
— Tunna Preet (@Tunnapreet1) April 1, 2022
Movie aane ke pehle kahan tha ye dard? Gazab ki marketing strategy h bhai..
— Mohd Danish (@BeinggDanish) April 1, 2022
PS: jo hua wo galat hua tha with everyone not just one community.












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