Thalapathy Vijay Caste: क्या है सुपरस्टार थलपति विजय की जाति-धर्म? 'जन नायकन' पर क्यों हो रहा विवाद?
Thalapathy Vijay Caste: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय की बतौर अभिनेता आखिरी फिल्म 'जन नायकन' रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर मेकर्स और CBFC के बीच जारी खींचतान थमती नजर नहीं आ रही। इसी बीच थलपति विजय ने पहली बार इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
राजनीति में एंट्री को लेकर थलपति विजय का बड़ा बयान
थलपति विजय के अनुसार राजनीति में सक्रिय होने के बाद उनकी फिल्मों को अनावश्यक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिलीज में हो रही देरी से उन्हें सबसे ज्यादा फिल्म के निर्माताओं के लिए दुख हो रहा है क्योंकि इसका सीधा असर प्रोडक्शन टीम पर पड़ता है।

कोविड काल के बाद लिया राजनीति में आने का फैसला
थलपति विजय ने बताया कि कोविड काल के बाद से ही वह अपने भविष्य को लेकर गंभीर हो गए थे। राजनीति में आने का फैसला उन्होंने जल्दबाजी में नहीं बल्कि सोच-समझकर लिया है। इस फैसले का श्रेय उन्होंने अपने पिता और फिल्ममेकर एस.ए. चंद्रशेखर को दिया, जिनका प्रभाव उनके जीवन और सोच पर गहरा रहा है।
फरवरी 2024 में शुरू की थी नई राजनीतिक पार्टी
जानकारी के अनुसार तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय ने 2 फरवरी 2024 को अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'तमिझागा वेत्री कड़गम (TVK)' का औपचारिक रूप से अनावरण किया था। इस घोषणा के साथ उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका लक्ष्य साल 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ना है, जिसके बाद से सीएम स्टालिन और उनकी पार्टी की चितांए बढ़ गई हैं।
थलपति विजय की जाति क्या है? कौन सा धर्म मानते हैं एक्टर?
थलपति विजय का जन्म ईसाई परिवार में हुआ था और वह तमिलनाडु के ईसाई वेल्लालर समुदाय से संबंध रखते हैं। ऐसे में एक्टर ईसाई धर्म का पालन करते हैं। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर, एक मशहूर तमिल फिल्म निर्देशक हैं जबकि उनकी मां, शोबा चंद्रशेखर, एक गायिका हैं।
तमिलनाडु में कितनी है ईसाई आबादी?
भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में साल 2011 की जनगणना के अनुसार, ईसाई आबादी लगभग 44 लाख (कुल आबादी का 6.12%) थी। इस ईसाई आबादी में से 2.24 प्रतिशत लोग वेल्लालर समुदाय से थे।
कौन होते हैं वेल्लालर समुदाय?
-वेल्लालर (Vellalar) तमिलनाडु और केरल का एक प्रमुख तमिल भाषी कृषि प्रधान समुदाय है, जो ऐतिहासिक रूप से भूस्वामी (Landlords) रहे हैं। वेल्लालर शब्द वेल्लनमाई (खेती) से आया है। वह शैव अनुयायी हैं और शिक्षा, राजनीति, व्यापार और सरकारी नौकरियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो आमतौर पर तमिलनाडु के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में प्रभावशाली माने जाते हैं।
-वह मुख्य रूप से तमिलनाडु के तंजावुर, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी जैसे क्षेत्रों से होते हैं लेकिन अब पूरे दक्षिण भारत में फैले हैं। इन्हें दो मुख्य समूहों में बांटा जा सकता है- शैव वेल्लार (शुद्ध शाकाहारी) और असैव वेल्लार।












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