Sudha Chandran Caste: TV सेट पर मिले, 6 साल चला रिलेशन, जाति की दीवार तोड़ी- घर से भागकर मंदिर में रचाई शादी!
Sudha Chandran Caste: 'नागिन' सीरीज की रामोला सिकंद, 'कहीं किसी रोज' की नेगेटिव लेड और भरतनाट्यम की लीजेंड डांसर सुधा चंद्रन की जिंदगी किसी इंस्पिरेशनल फिल्म से कम नहीं। एक पैर खोने के बाद भी उन्होंने डांस और एक्टिंग में कमबैक किया, लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ भी उतनी ही दिलचस्प है। तमिल ब्राह्मण परिवार से आने वाली सुधा ने पंजाबी सहायक निर्देशक रवि डांग से प्यार किया, 6 साल रिलेशन चला और जब घरवाले नहीं माने तो दोनों घर से भागकर मंदिर में शादी कर ली।
जाति की दीवार तोड़ी, समाज की रूढ़ियों को चुनौती दी। आज शादी को 30 साल से ज्यादा हो चुके, लेकिन बच्चे न होने का फैसला भी उनका अपना। आइए, इस जानते हैं सुधा चंद्रन की जाति, लव स्टोरी, संघर्ष और इंस्पायरिंग जर्नी...

Sudha Chandran Caste: सुधा चंद्रन की जाति क्या है?
सुधा चंद्रन तमिल ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका जन्म 27 सितंबर 1965 को केरल के कन्नूर में हुआ, लेकिन पालन-पोषण मुंबई में। पिता केडी चंद्रन तमिलनाडु के वायलूर मूल के थे, USIS में लाइब्रेरियन और पार्ट-टाइम एक्टर। मां थंगम गृहिणी। सुधा की जड़ें दक्षिण भारतीय ब्राह्मण समुदाय से हैं, जहां परंपराएं और संस्कृति मजबूत होती हैं। यही वजह थी कि इंटर-कास्ट मैरिज पर परिवार ने शुरुआत में एतराज जताया।
Sudha Chandran Ravi Dang Love Story: TV सेट पर पहली नजर का प्यार, 6 साल का रिलेशन

सुधा और रवि डांग (पंजाबी परिवार से) की मुलाकात 1980s के अंत में एक TV/फिल्म सेट पर हुई। रवि सहायक निर्देशक थे, सुधा मुख्य रोल में। दोनों को पहली नजर में प्यार हो गया। रिश्ता दोस्ती से रोमांस में बदला और करीब 6 साल चला। सुधा ने एक इंटरव्यू में कहा, 'रवि ने मुझे मेरे सबसे कठिन समय में सपोर्ट किया।' लेकिन समस्या आई जाति की। सुधा तमिल ब्राह्मण, रवि पंजाबी। परिवार राजी नहीं हुआ। कई कोशिशें कीं, लेकिन जब बात नहीं बनी तो दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली।
घर से भागकर मंदिर में शादी: जाति की दीवार तोड़ी
1994/1995 में दोनों मुंबई के चेंबूर स्थित चिरानगर मुरुगन मंदिर में पहुंचे और सादगी से शादी कर ली। कोई बड़ा समारोह नहीं, बस दो दिलों का मिलन। सुधा ने कहा, 'हमने फैसला किया कि प्यार से बड़ा कुछ नहीं।' आज शादी को 30 साल से ज्यादा हो चुके, रिश्ता मजबूत है।
Sudha Chandran Children: 30 साल की शादी, क्यों नहीं एक भी औलाद?
सुधा-रवि ने बच्चे न पैदा करने का फैसला किया। गोद भी नहीं लिया। सुधा ने कहा, 'हम किसी विचारधारा में बंधे नहीं। हमारा रिश्ता पूरा है, बच्चे जरूरी नहीं।' यह फैसला भी समाज की रूढ़ियों को चुनौती देता है।
Sudha Chandran Struggle की मिसाल: एक्सीडेंट से कमबैक तक

- 1981: 16 साल की उम्र में बस एक्सीडेंट, दायां पैर काटना पड़ा।
- जयपुर फुट लगवाकर डांस में कमबैक, दुनिया भर में परफॉर्मेंस।
- फिल्म 'मयूरी' (उनकी बायोपिक) हिट, नेशनल अवॉर्ड मिला।
- 7 साल बेरोजगारी झेली, फिर 'कहीं किसी रोज' में रामोला सिकंद से ब्रेकथ्रू।
- 'नागिन' में नेगेटिव रोल से घर-घर फेमस।
सुधा कहती हैं, 'माता-पिता की वजह से जीना चुना। रामोला सिकंद ने जिंदगी बदली।'
रूढ़ियां तोड़ीं, इंस्पिरेशन बनीं
सुधा चंद्रन तमिल ब्राह्मण हैं, लेकिन प्यार में जाति की दीवार फांदी। TV सेट पर मिले, 6 साल रिलेशन चला, घर से भागकर मंदिर में शादी की। बच्चे न होने का फैसला भी अपना। एक पैर खोकर भी डांस क्वीन बनीं, नेगेटिव रोल से स्टार। सुधा की जिंदगी साबित करती है - संघर्ष और सकारात्मकता से सब मुमकिन। फैंस उन्हें प्रेरणा मानते हैं। क्या आप भी उनकी स्टोरी से इंस्पायर्ड हैं?












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