इस शख्स ने रची थी सिद्धू मूसेवाला को मारने की साजिश, लॉरेंस बिश्नोई ने बताया हत्यारे का नाम
सिद्धू मूसेवाला की हत्या की प्लानिंग किसने की थी और इस हत्या के पीछे किसका हाथ है? अब इन सभी सवालों का जवाब खुद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने दिया है।
Sidhu Moose Wala Case: मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या ने पूरे देश को झंकझोर कर रख दिया था। इस हत्या में कई गैंगस्टर्स के नाम सामने आए। जिनमें से लॉरेंस बिश्नोई को पुलिस ने गिरफ्तार किया। अब इस केस में एक नया मोड़ सामने आया है। खुद लॉरेंस बिश्नोई ने बताया कि आखिर इस हत्या के पीछे किसका हाथ था। इतना ही नहीं उन्होंने इस बात से भी पर्दा उठाया कि, सिद्धू मूसेवाला की हत्या की प्लानिंग पिछले एक साल से चल रही थी।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के पीछे कौन?
हाल ही में मीडिया को दिए एक इंटरव्यू के दौरान लॉरेंस बिश्नोई ने कहा कि, 'सिद्धू मूसेवाला की हत्या में गोल्डी बरार का हाथ था। जहां तक मेरी बात है तो मुझे केवल हत्या की साजिश के बारे में मालूम था। लेकिन, मेरा सीधे तौर पर इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मूसेवाला से हमारी कोई दुश्मनी नहीं थी। लेकिन, हम यकीनन उससे खफा थे क्योंकि वह हमारी विरोधी गैंग को मजबूत कर रहा था। यहां तक कि, मैं विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या को लेकर भी मूसेवाला से नाराज था क्योंकि, विक्की की हत्या में सिद्धू का हाथ था'।
लॉरेंस बिश्नोई ने किया बड़ा खुलासा
लॉरेंस बिश्नोई ने इस बारे में आगे बताया कि, 'सिद्धू मूसेवाला विक्की मिड्डूखेड़ा के हत्यारों कारोबार को सपोर्ट करता था। क्योंकि उसका उस वक्त काफी नाम था और पुलिस में भी उसकी काफी चलती थी। इसके अलावा राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के बाद उसकी पहचान उस समय के पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से भी हो गई। लॉरेंस का कहना था कि, यकीनन वह सिद्धू की हत्या की साजिश से वाकिफ था लेकिन, उसे मारने की पूरी साजिश गोल्डी और सचिन ने रची थी'।
विक्की का मर्डर करवा कर सिद्धू को क्या फायदा?
बातचीत के दौरान जब लॉरेंस बिश्नोई से पूछा गया कि, 'सिद्धू मूसेवाला को विक्की का मर्डर करवा कर क्या फायदा मिला? तो जवाब में बिश्नोई ने बताया कि, शायद सिद्धू खुद एक गैंगस्टर बनना चाहता था। वह चाहता था कि, जिस तरह वह अपने गानों में दिखता है वैसा ही असल जिंदगी में भी बन सके। मुझे सिद्धू के गानों से कभी कोई परेशानी नहीं रही। जब तक गुरलाल और विक्की की हत्या में सिद्धू का नाम नहीं आया था हमने कभी उसकी हत्या के बारे में नहीं सोचा। जब वह बिना सिक्योरिटी के चंडीगढ़ में अकेला घूमता था हमने तब भी कभी उसे कुछ नहीं कहा'।
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