Sharda Sinha: 'कहे तोसे सजना' कहने वाली शारदा सिन्हा का आज नहीं होगा अंतिम संस्कार, जानिए क्यों?
Sharda Sinha Last Rites: बिहार की 'लता मंगेशकर' और 'स्वर कोकिला' के नाम से लोकप्रिय शारदा सिन्हा ने 72 साल की उम्र में मंगलवार को दुनिया से विदाई ले ली। वो लंबे वक्त से कैंसर से पीड़ित थीं और बीते 11 दिनों से एम्स में भर्ती थीं। कल सुबह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन रात होते-होते वो जिंदगी से जंग हार गईं।
दिल्ली एम्स के अनुसार, शारदा सिन्हा ने मंगलवार रात 9:20 बजे अंतिम सांस ली। लोकगायिका के निधन से पूरा देश सदमे में हैं। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार ने गायिका ने निधन को संगीत क्षेत्र की अपूर्णनीय क्षति बताया है।

अब इसे आप इत्तफाक कहिए या कुछ और कि जिनके गीतों के बिना 'छठ पूजा' का आयोजन पूरा नहीं होता, उस पुरोधा ने छठ पूजा के पहले ही दिन संसार छोड़ दिया।
शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार पटना में राजकीय सम्मान के साथ होगा
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने गायिका के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा है कि 'शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार पटना में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। आज सुबह 9:40 की फ्लाइट से शव को दिल्ली से पटना ले जाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, लाखों की संख्या में उनका चाहने वाले हैं, ऐसे में उनके परिवारवालों की ओर से निर्णय लिया गया है कि आज उनका अंतिम संस्कार आज नहीं बल्कि कल यानी गुरुवार (07 नवंबर) को किया जाएगा।
आपको बता दें कि 'पद्म श्री' एवं 'पद्म भूषण' सम्मान से विभूषित शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर 1952 को बिहार के सुपौल जिले में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मैथिली लोक गीत गाकर की थी। इस महान गायिका ने अपनी मधुर आवाज़ और शानदार गायन शैली से न केवल भोजपुरी संगीत को नई ऊंचाइयां दी बल्कि इसे विदेश तक भी पहुंचाया।
भोजपुरी लोकगीतों को पहचान दिलाने में अमूल्य योगदान
शारदा सिन्हा द्वारा गाए गए लोकप्रिय गीत जैसे "केलवा के पात पर उगेलन सुरुज देव" और "पियरिया में घुमाई दे" हर उत्सव में सुनाई देते हैं और लोगों को उनकी मिट्टी की खुशबू का एहसास कराते हैं।
'कहे तोसे सजना, ये तोहरी सजनिया...'
तो वहीं सुपरस्टार सलमान खान की पहली और हिंदी सिनेमा की सुपरहिट फिल्मों में से एक 'मैंने प्यार किया' के लिए शारदा सिन्हा ने साल 1989 में अपना पहला बॉलीवुड गीत गाया था। इनके पहले ही गाने 'कहे तोसे सजना, ये तोहरी सजनिया, पग पग लिए जाऊं, तोहरी बलाइयां ' ने लोगों का दिल जीत लिया था, इसके बाद इनके गाए गाने 'तार बिजली से पतले' औऱ 'बाबुल जो तुमने सिखाया, सजन घर ले चली' और 'सरकार विधवा बनावल की पति जिंदा रे सखिया' ने भी लोकप्रियता हासिल की थी।












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