Sapna Choudhary: कभी मवेशियों के तबेले में बदलने पड़े कपड़े, सुनहरी कामयाबी के पीछे कांटों भरी राह, जानिए
Sapna Choudhary हरियाणा की संस्कृति को डांस औऱ म्यूजिक की मदद से देशभर में लोकप्रिय बना रही हैं। कामयाबी के इस मुकाम पर पहुंचने का सफर कांटों भरा रहा है। एक समय ऐसा भी आया जब सपना को तबेले में कपड़े बदलने पड़े। जानिए

Sapna Choudhary आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने संघर्ष के दिनों को याद कर बताया है कि एक समय ऐसा भी था जब शुरुआती दिनों में राजस्थान के एक प्रोग्राम के दौरान उन्हें कपड़े बदलने के लिए तबेले का सहारा लेना पड़ा था। हरियाणा की लोक संस्कृति और नृत्य को देश-दुनिया में लोकप्रिय बनाने वाली सपना चौधरी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि कैसे शुरुआती दिनों के कार्यक्रम में उन्हें कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्हें उनके घरों में या एक कमरे तक में जाकर कपड़े बदलने पर भी ऐतराज था। आज शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचने के बाद भी सपना के पांव जमीन पर हैं। वे कहती हैं कि पढ़ने की चाह रखने वाले बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने को तैयार हैं। इंस्टाग्राम पर सपना को 5.4 मिलियन से अधिक लोग फॉलो करते हैं। जानिए उनकी लाइफ की ये प्रेरक कहानी। (सभी तस्वीरें साभार- इंस्टाग्राम @itssapnachoudhary)

पिता के निधन के बाद बदल गई जिंदगी
सपना चौधरी बताती हैं कि पिता के निधन के बाद 2009 में उन्हें नौवीं क्लास की परीक्षा नहीं देने का फैसला लिया। 14 साल पुराना वाकया याद कर सपना बताती हैं कि पिता के न रहने पर घर की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। पढ़ाई में मन नहीं लगता था। नौवीं क्लास की परीक्षा देने के दौरान एक दिन हॉल के बाहर पहुंचने पर उन्होंने फैसला किया कि वे परीक्षा देने नहीं जाएंगी।

परीक्षा छोड़कर 20 रुपये में दो घंटे ई-रिक्शा चलाई
हरियाणा के नजफगढ़ में उस समय ई-रिक्शा नया-नया था और उन्हें चलाने का शौक भी था। ऐसे में मां से मिले 20 रूपये ई-रिक्शा वाले को दिए और पूरे दो घंटे तक स्कूल ड्रेस पहने किशोरी सपना चौधरी नजफगढ़ की सड़कों पर ई-रिक्शा दौड़ाती रही। दी लल्लनटॉप के साथ खास इंटरव्यू के दौरान सपना ने बताया कि इस घटना के बाद घर पहुंचने पर मां को उनकी हरकत का पता लगा तो बहुत पिटाई भी हुई।

आलोचकों की परवाह नहीं, डांस भगवान के साथ
डांस की आलोचना करने वालों की परवाह न करने की बात करते हुए सपना कहती हैं कि समय के साथ परिपक्व हो चुकी हैं और अब उन्हें लोगों की बातों से फर्क नहीं पड़ता। सपना बताती हैं कि स्टेज पर जाते समय वे बस अपने ईष्ट देव या परमात्मा से कहती हैं कि आ जाइए, आपके साथ डांस करना है, और उन्हें ऐसा एहसास होता है कि वे अपने भगवान के साथ ही डांस कर रही होती हैं। डांस स्टेप्स को लेकर पहले से कोई तैयारियां नहीं होती, दिमाग में सबकुछ चलता रहता है।

स्टेज पर अचानक पहुंचीं, लेकिन स्टारडम इतनी आसानी से नहीं मिली
केवल 13-14 साल की आयु से स्टेज परफॉर्मेंस शुरू कर चुकीं सपना चौधरी बताती हैं कि वे रागिनी गाती थीं, लेकिन एक बार राजस्थान में उन्हें डांसर की गैरहाजिरी में स्टेज पर परफॉर्म करना पड़ा था। लोकप्रियता बढ़ने के बाद धीरे-धीरे उन्होंने खुद भी इसकी शुरुआत कर दी। कई साल के बाद किसी कार्यक्रम में परफॉर्म करने राजस्थान गईं सपना को बड़ी अजीबो-गरीब चुनौती का सामना करना पड़ा, जब उन्हें कपड़े बदलने के लिए घर में घुसने नहीं दिया गया। प्रोग्राम का टाइम होने के कारण उन्हें तबेले में कपड़े बदलने पड़े और परफॉर्म भी करना पड़ा।

मवेशियों के तबेले में सपना, आंखों से छलके आंसू
इस वाकये को याद कर सपना बताती हैं कि उन्हें काफी रुलाई भी आई, लेकिन मां ने दिलासा दिया और समझाया-बुझाया। बकौल सपना चौधरी, जब 2013-14 में उनके साथ ये वाकया हुआ तो उम्र बहुत कम थी, लेकिन मन में सवाल था कि ऐसा क्या गलत किया है कि उन्हें मवेशियों के तबेले में कपड़े बदलने पड़ रहे हैं। उन्हें लोग क्यों घरों में घुसने नहीं दे रहे।

कपड़े बदलने को एक कमरा तक नहीं दिया
स्टेज से जुड़ी इस खौफनाक मेमोरी का जिक्र कर सपना बताती हैं कि उनके साथ दो-तीन और कलाकार थे, लेकिन किसी को भी कपड़े बदलने के लिए एक कमरा तक नहीं दिया गया। दिल पर चोट करने वाली इस घटना के बारे में सपना कहती हैं कि उदास मन से उन्होंने किसी तरह रात का पूरा शो कंप्लीट किया। दिमाग में बस एक बात थी कि किसी तरह सुबह हो और वे वहां से शो खत्म करके अपने घर लौटें।

पहली बार कुछ अचीव करने का एहसास हुआ
वाकया यहीं खत्म नहीं होता। खास बात ये कि 'सॉलिड बॉडी...' गाना हिट होने के बाद दो साल बाद उसी गांव से निमंत्रण आया। बकौल सपना चौधरी, दो साल बाद शो के लिए जाते समय उनका मन खुश नहीं था, पुरानी यादें दर्द दे रही थीं, लेकिन जिस तरह पब्लिक ने खड़े होकर तालियां बजाईं, उन्हें इस बात पर काफी गर्व होता है कि जिस गांव में उन्हें एक कमरा तक नहीं मिला था, वहां की जनता दोपहर की तपती धूप में चार बजे तक उनका इंतजार किया। 9-10 साल बाद भी इस बात की बेहद खुशी होती है। कुछ अचीव करने जैसा एहसास हुआ था।

7-8 साल में डांस, 250-300 रुपये कमा लिए
करीब तीन साल पहले एक अन्य इंटरव्यू में सपना ने बताया था कि नौवीं क्लास से 12वीं तक लड़के फब्लियां कसते थे तो उनकी जमकर पिटाई करती थी। मां असुरक्षा के कारण इतनी सख्ती से हाथ पकड़ती थीं, कि उनकी पकड़ आज भी याद है। डांस के लिए सूट पहनने के पीछे का कारण सुरक्षा की भावना है। पहली बार लहंगा पहना जो बैकलेस नहीं था, लोगों को पसंद नहीं आया तो फिर वैसा ड्रेस कभी नहीं पहना। 7-8 साल की एज में पड़ोस की शादी में जमकर डांस किया। पापा को बहुत गुस्सा आया। लोगों ने पैसे फेंके और उतनी छोटी एज में 250-300 रुपये जमा हो गए। मैच्योर होने पर हरियाणा की संस्कृति में बहुत पॉपुलर खोड़िया और कुछ अन्य चीजों को अपने डांस के साथ सबके सामने पेश किया। लोगों का प्यार और दुआ आज सबसे बड़ी पूंजी है।












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