Phir Aayi Hasseen Dillruba Review: सस्पेंस-थ्रिलर का तड़का लगा रही है फिल्म, देखने से पहले जानें कैसी है मूवी
Phir Aayi Hasseen Dillruba Review: 'जो पागलपन की हद से न गुजरे वो प्यार ही क्या, क्योंकि होश में तो रिश्ते निभाए जाते हैं।' प्यार को कुछ तरह से दर्शाने वाली फिल्म 'फिर आई हसीन दिलरुबा' आज रिलीज हो गई है। इश्क की एक और जुनूनी दास्तां लेकर ये फिल्म लोगों को एंटरटेन कर रही है।
पिछली बार जब हसीन दिलरुबा आई थी, तो उसके एक आशिक, नील (हर्षवर्धन राणे) को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। वहीं दूसरे आशिक और पति ऋषभ सक्सेना यानी रिशू (विक्रांत मैसी) को अपना हाथ खोना पड़ा था। आपको बता दें कि विक्रांत मैसी, तापसी पन्नू और सनी कौशल की फिल्म 'फिर आई हसीन दिलरुबा' आज यानी 9 अगस्त 2024 को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है।

'फिर आई हसीन दिलरुबा' की कहानी
-इस फिल्म की कहानी पिछला पार्ट जहां खत्म हुआ था, उससे आगे बढ़ती है, जहां पुलिस की आंखों में खुद को मरा हुआ साबित करने वाला रिशू अपने प्यार रानी (तापसी पन्नू) के साथ शहर से भागकर आगरा में लुका-छिपी की जिंदगी जी रहा है। रिशू और रानी हमेशा के लिए एक होने के लिए यहां अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग रह रहे हैं।
-रानी और रिशू की कोशिश है कि वह किसी तरह विदेश पहुंच जाएं। इधर, इस नए शहर में दोनों को दो नए आशिक भी मिल जाते हैं। रिशू की मकान मालकिन पूनम (भूमिका दुबे) हर वक्त उससे रिश्ता बनाने के लिए दबाव डालती है, तो सीधा साधा कंपाउंडर अभिमन्यु (सनी कौशल) रानी के प्यार में सिर से पांव तक डूब रहा है। हालांकि, मासूम आशिक दिखने वाले अभिमन्यु के भी अपने कुछ खास राज हैं।
-कहानी के दूसरे सिरे में पुलिस है, जो रिशू और रानी की आज भी तलाश कर रही है। पुलिस की नजर से बचने के लिए दोनों कभी साथ नहीं दिखते, जगह-जगह शायरी लिखकर अपना संदेश एक-दूसरे तक पहुंचाते हैं, फिर भी पुलिस की नजर इन पर पड़ ही जाती है।
-इस केस की जांच के लिए, रिशू के दूर के रिश्तेदार और नील के अंकल मोंटू चाचा (जिमी शेरगिल) रानी के पीछे 24 घंटे पुलिस तैनात कर देते हैं। उनके विदेश भागने के सपने को भी चूर-चूर कर देते हैं। ऐसे में, जब रिशू को सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं सूझता, तो रानी पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए अभिमन्यु से शादी करने जैसा बड़ा फैसला ले लेती है।
-अब रानी का ये फैसला उनकी जिंदगी में क्या मोड़ लाता है? क्या रिशू-रानी एक हो पाते हैं? अभिमन्यु रानी से मिले धोखे का बदला कैसे लेता है? ये सब देखने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
'फिर आई हसीन दिलरुबा' रिव्यू
-फिल्म की राइटर कनिका ढिल्लन की गढ़ी रानी और रिशू की ये दुनिया लोगों को पहले भी पसंद आई थी। इस बार भी किरदारों की रहस्यमयी कहानी आपको उनकी तरफ खींचेगी। फिलम के डायरेक्टर जयप्रद देसाई के स्क्रीनप्ले, लाल और डार्क कलर पैलेट, 'पल्प फिक्शन' स्टाइल का ट्रीटमेंट, काल्पनिक राइटर दिनेश पंडित के हवाले से कहे गए वन लाइनर्स और बढ़िया बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के सस्पेंस को बनाए रखने में सफल साबित हुए हैं।
-हालांकि, फिल्म के सेकंड हाफ में अभिमन्यु के सामने रिशू का राज खुलने के बाद कहानी थोड़ी ढीली हो जाती है। उसके बाद फिल्म में ज्यादा मजा नहीं आएगा। वहीं पिछली बार की तरह इस बार फिल्म का क्लाइमैक्स भी कुछ खास दमदार नहीं है। अभिमन्यु का किरदार रोचक है, पर एक्टिंग में थोड़ी कमी रह गई है। इसी तरह, जिमी शेरगिल के किरदार को शुरू में ताकतवर और बाद में नकारा साबित किया गया है।
स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग
कातिल हसीना रानी के रूप में तापसी पन्नू ने जबरदस्त एक्टिंग की है। विक्रांत मैसी के हिस्से इस बार कम शेड्स आए हैं, पर उन्होंने अपना काम बहुत ही अच्छे किया है। भोली सूरत पर गहरे राज वाले प्रेमी के रूप में सनी कौशल लोगों को प्रभावित करते हैं, पर उनका साइको का पहलू उभरकर सामने नहीं आता है। जिमी शेरगिल हमेशा की तरह शानदार नजर आए हैं। वहीं, भूमिका दुबे ने भी अच्छी एक्टिंग की है।
क्यों देखें ये फिल्म
म्यूजिक की बात करें तो 'एक हसीना थी' गाने का कहानी के हिसाब से अच्छा इस्तेमाल किया गया है। सेकंड हाफ की कुछ कमजोरियों के बावजूद ये फिल्म देखी जा सकती है। अगर आप सस्पेंस-थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं तो एक बार ये फिल्म जरूर देख सकते हैं।












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