आदिपुरुष ही नहीं, रामानंद सागर की रामायण में भी सीता मां के कपड़ों को लेकर हुआ था विवाद, 3 एपिसोड हुए रिजेक्ट

रामायण से प्रेरित फिल्म आदिपुरुष रिलीज होने के बाद से ही विवादों में है। फिल्म अपने कास्टिंग, डायलॉग, कपड़ों से लेकर वीएफएक्स तक के लिए आलोचनाओं का शिकार हो रही है। फिल्म बूरी तरह पिट गई है, इसको बैन करने की भी मांग की जा रही है। जनता इस फिल्म की तुलना रामानंद सागर की 'रामायण' से कर रहे हैं।

लेकिन आपको ये जानकार हैरानी होगी कि रामानंद सागर की 'रामायण' में भी कई विवाद हुए थे। माता सीता के कपड़ों और संवाद को लेकर एपिसोड रिजेक्ट किए गए थे।

adipurush vs ramanand sagar ramayan

रामानंद सागर की रामायण पहली बार 1987 से 1988 के बीच दूरदर्शन (डीडी नेशनल) पर प्रसारित हुई थी। रामानंद सागर के लिए इस रामायण को बनाना बिल्कुल आसान नहीं था। 1987 में दूरदर्शन पर 'रामायण' का प्रसारण शुरू होने में दो साल लग गए थे।

रामानंद सागर को रामायण के दूरदर्शन पर प्रसारण की अनुमति साल 1985 में ही मिल गई थी। लेकिन इसके प्रसारण को लेकर दूरदर्शन के अधिकारियों से लेकर सूचना प्रसारण मंत्रालय तक को कई बातों से दिक्कत थी। किसी को भी ये बात समझ में नहीं आ रही थी कि देश के इस पहले धार्मिक टीवी शो का स्वरूप कैसा होना चाहिए।

रामायण के तीन पायलट एपिसोड हुए थे रिजेक्ट

रामानंद सागर के बनाए रामायण के तीन पायलट एपिसोड को दूरदर्शन ने रिजेक्ट कर दिया था। डीडी नेशनल को रामायण के पायलट एपिसोड से कई आपत्तियां थी। जिनमें से एक आपत्ती ये भी थी कि सीता का किरदार निभा रही दीपिका चिखलिया के कपड़े सही नहीं थे। चैनले का कहना था कि सीता मां के रोल में दीपिका को 'कट स्लीव्स' में दिखाया नहीं जा सकता।

इसके बाद दोबार रामानंद सागर ने रामायण के पायलट एपिसोड बनाए और दूरदर्शन के सामेन पेश किए। इस बार उन्होंने सीता की वेशभूषा में कुछ बदलाव किए थे। लेकिन चैनल ने फिर से कुछ और आपत्तियां दर्ज करते हुए इसको रिजेक्ट कर दिया था।

adipurush vs ramanand sagar ramayan

रिपोर्ट के मुताबिक रामानंद सागर ने रामायण की शूटिंग के लिए गुजरात-महाराष्ट्र की सीमा पर उमरगाम में सेट लगाया था। हर बार एपिसोड रिजेक्ट होने पर उन्हें दूसरे एपिसोड की शूटिंग करने के लिए फिर से पूरी कास्ट के साथ उमरगाम जाना पड़ता था। जिसमें बहुत खर्च और परेशानी भी होती थी।

इस बात का जिक्र रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने अपने पिता की बायोग्राफी में भी की है। प्रेम सागर ने लिखा है कि कैसे दूरदर्शन के बार-बार पायलट एपिसोड रिजेक्ट करने पर उनके पिता परेशान हुए थे। लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।

जब 25 जनवरी 1987 को टेलीकास्ट हुआ रामायण...

रामानंद सागर को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब दूरदर्शन ने तीसरे पायलट एपिसोड में भी कुछ खामियां निकाल कर उसको रिजेक्ट किया। लेकिन फिर भी रामानंद सागर ने कोशिश कि और फिर एक पायलट एपिसोड बनाया, तब जाकर रामायण के पहले एपिसोड को 25 जनवरी 1987 को टेलीकास्ट किए गया था। इसे तैयार करने में 2 हफ्तों का वक्त लगा था।

adipurush vs ramanand sagar ramayan

रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर के मुताबिक उनके पिता ने रामायण के प्रसारण की अनुमति पाने के लिए लगभग 2 साल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और दूरदर्शन के चक्कर लगाए थे। इसको टेलीकास्ट की अनुमति तब मिली, जब सरकार में सूचना व प्रसारण मंत्री के पद पर अजित कुमार पांजा आए। उन्होंने रामायण के प्रसारण की अनुमति दी थी।

रामायण के प्रसारण के बाद ये शो देश-विदेश में हिट हो गया। इसने टीआरपी के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इस टीवी शो में अरुण गोविल ने राम का किरदार निभाया था। माता सीता का किरदार दीपिका चिखलिया, हनुमान दारा सिंह बने थे, सुनील लहरी ने लक्ष्मण का करिदार किया था।

वहीं अरविंद त्रिवेदी ने रावण का रोल किया था। रामानंद सागर शो के सिर्फ निर्माता ही नहीं थे। उन्होंने इसका लेखन और निर्देशन भी किया था। रामायण बनाना उनका ड्रीम पोजेक्ट था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+