'सुशांत की मौत से पहले डिलीट हुईं चैट या पोस्ट में आखिर क्या था', मामले में आया अब नया मोड़

सीबीआई यह जानना चाहती है कि सुशांत की मौत से पहले ऐसा कुछ हुआ तो नहीं था, जिसका 14 जून को हुई उनकी मौत से कोई संबंध हो?

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी अभी तक अनसुलझी है और सीबीआई लगातार इस मामले की तह में जाने में जुटी है। करीब डेढ़ साल पहले 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मुंबई स्थित उनके फ्लैट में लटका हुआ मिला था। इस मामले में पहले आत्महत्या और इसके बाद हत्या का शक जताया गया, हालांकि अभी तक सुशांत की मौत के रहस्य से पर्दा नहीं उठा है। इस बीच सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल सीबीआई ने इस केस को लेकर अमेरिका से कुछ अहम जानकारी मांगी है।

डिलीट हुए कंटेंट का कहीं 14 जून से कोई कनेक्शन तो नहीं?

डिलीट हुए कंटेंट का कहीं 14 जून से कोई कनेक्शन तो नहीं?

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, सीबीआई ने एक औपचारिक प्रक्रिया के तहत अमेरिका से संपर्क साधा है और सुशांत सिंह राजपूत के सोशल मीडिया अकाउंट्स सहित ईमेल से डिलीट हुए कंटेंट को वापस हासिल करने के लिए मदद मांगी है। दरअसल, सीबीआई यह जानना चाहती है कि सुशांत की मौत से पहले कोई ऐसा मामला तो नहीं था, जिसका 14 जून को हुई उनकी मौत से कोई संबंध हो?

किस नियम के तहत मांगी सीबीआई ने जानकारी

किस नियम के तहत मांगी सीबीआई ने जानकारी

सीबीआई ने कैलिफॉर्निया में गूगल और फेसबुक के हेड-क्वार्टर से 'आपसी कानूनी सहायता संधि' के तहत यह जानकारी मांगी है। सीबीआई ने इन कंपनियों से कहा है कि वो सुशांत सिंह राजपूत के ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट से डिलीट हुए मेल, चैट और पोस्ट की जानकारी उन्हें उपलब्ध कराएं, ताकि एजेंसी उस कंटेंट का विश्लेषण कर सके। आपको बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच एक 'आपसी कानूनी सहायता संधि' है, जिसके तहत दोनों देश किसी भी घरेलू मामले की जांच के लिए आपस में जानकारी शेयर कर सकते हैं।

केस से जुड़ी हर कड़ी तक जाना चाहती है सीबीआई

केस से जुड़ी हर कड़ी तक जाना चाहती है सीबीआई

नाम ना छापने की शर्त पर सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया, 'सुशात सिंह राजपूत की मौत के मामले में हम ऐसी कोई कड़ी नहीं छोड़ना चाहते, जिसका इस केस से थोड़ा-बहुत भी संबंध है। हम जानना चाहते हैं कि सुशांत के सोशल मीडिया अकाउंट या ईमेल से डिलीट की गई कोई चैट या पोस्ट ऐसी थी, जो इस केस में हमारे लिए अहम सुराग बन सकती है।'

अभी कुछ और लंबी चलेगी केस की जांच!

अभी कुछ और लंबी चलेगी केस की जांच!

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में आए इस नए मोड़ से यह भी तय हो गया कि केस की जांच अभी कुछ और लंबी चलेगी, क्योंकि 'आपसी कानूनी सहायता संधि' के तहत जानकारी शेयर करने की प्रक्रिया में काफी वक्त लगता है। इससे पहले पिछले साल ही सीबीआई ने अपने बयान में कहा था कि वो सुशांत सिंह राजपूत के मामले की जांच में कोई एंगल नहीं छोड़ना चाहती। गौरतलब है कि इस मामले में सुशांत सिंह राजपूत के परिजनों ने उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के ऊपर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।

सीबीआई के इस कदम पर वकील विकास सिंह ने क्या कहा

सीबीआई के इस कदम पर वकील विकास सिंह ने क्या कहा

वहीं, इस मामले में सुशांत सिंह राजपूत के परिवार की तरफ से पैरवी कर रहे वकील विकास सिंह ने भी सीबीआई के इस कदम पर अपना बयान दिया है। विकास सिंह ने कहा, 'मैं सीबीआई के इस कदम से बिल्कुल भी हैरान नहीं हूं, क्योंकि मैं जानता हूं कि वो केस को फाइनल करने से पहले हर एंगल से खोजबीन करना चाहते हैं। सुशांत की मौत के मामले में अभी कई रहस्य छिपे हुए हैं, जैसे- कोई चश्मदीद गवाह नहीं है, किसी कैमरे की कोई फुटेज नहीं है, ताकि पता चल सके कि आखिर हुआ क्या था। मुझे लगता है कि सीबीआई ने गूगल और फेसबुक से इसीलिए वो जानकारी मांगी है, क्योंकि उन्हें लगता है कि कोई सुराग मिल सकता है।'

ईडी और एनसीबी भी कर रही हैं जांच

ईडी और एनसीबी भी कर रही हैं जांच

आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी। इस मामले में 25 जून को सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया चक्रवर्ती, उनके परिवार और भाई शौविक के ऊपर पटना के पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई और सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। इसके बाद अगस्त 2020 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। इसके अलावा दो अन्य एजेंसियां- ईडी और एनसीबी भी इस केस में अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं।

पूरी तरह से एक आत्महत्या का केस- एम्स

पूरी तरह से एक आत्महत्या का केस- एम्स

वहीं, सितंबर 2020 में एम्स के एक मेडिकल बोर्ड ने सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह पूरी तरह से एक आत्महत्या का केस था। इससे पहले मामले की शुरुआती जांच करने वाली मुंबई पुलिस ने भी कहा था कि इस केस में उन्हें किसी तरह की साजिश या हत्या की आशंका के सुराग नहीं मिले हैं।

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