National Film Awards की कैटेगरी में हुए 12 बड़े बदलाव, हटाया गया इंदिरा गांधी-नरगिस दत्त का नाम
National Film Awards: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की कैटेगरी में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। खबर है कि 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2022 के नियमों में बदलाव के बाद गत 13 फरवरी 2024 (मंगलवार) को बताया गया कि आने वाले नेशनल अवॉर्ड में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और दिवंगत बॉलीवुड एक्ट्रेस नरगिस दत्त के नाम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की कैटेगरी में बदलाव
मीडिया रिपोर्ट्स की जानकारी के अनुसार डायरेक्टर के बेस्ट डेब्यू फिल्म के लिए 'इंदिरा गांधी अवॉर्ड' का नाम बदलकर 'डायरेक्टर की बेस्ट डेब्यू फिल्म' कर दिया गया है। इसी तरह, 'राष्ट्रीय एकता पर बेस्ट फीचर फिल्म के लिए नरगिस दत्त अवॉर्ड' को अब 'राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली बेस्ट फीचर फिल्म' कहा जाएगा।

हटाया गया इंदिरा गांधी-नरगिस दत्त का नाम
दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और दिग्गज एक्ट्रेस नरगिस दत्त के नाम को नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के लिए हटाया दिया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की कैटेगरी में कुल 12 बड़े बदलाव किए गए हैं।
'70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड 2022 के नियम' में किए जाने वाले ये बदलाव सूचना और प्रसारण मंत्रालय की तरफ से किए गए हैं। इन बदलावों में दादा साहब फाल्के पुरस्कार सहित नकद पुरस्कारों में बढ़ोतरी और कई पुरस्कारों को शामिल भी किया गया है। समिति के एक सदस्य ने पीटीआई से बात करते हुए कहा है- समिति ने कोरोना महामारी के दौरान परिवर्तनों पर विचार-विमर्श किया और कई बदलावों को करने का फैसला लिया गया है।
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में किए गए बदलाव-
1. डायरेक्टर की बेस्ट डेब्यू फिल्म के लिए इंदिरा गांधी अवॉर्ड का नाम बदलकर डायरेक्टर की बेस्ट डेब्यू कर दिया गया है।
2. अवॉर्ड का पैसा, जो पहले फिल्ममेकर और डायरेक्टर के बीच बांटा जाता था, अब केवल डायरेक्टर को मिलेगा।
3. 'राष्ट्रीय एकता पर बेस्ट फीचर फिल्म के लिए नरगिस दत्त पुरस्कार' को अब 'राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली बेस्ट फीचर फिल्म अवॉर्ड' कहा जाएगा।
4. दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए प्राइज मनी, जो हर साल एक फिल्म पर्सनैलिटी को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दी जाती है, को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है।
5. इसके अलावा, कई सेक्शन्स में स्वर्ण कमल अवॉर्ड के लिए प्राइज मनी बढ़ाकर 3 लाख रुपये और रजत कमल विनर्स के लिए 2 लाख रुपये कर दी गई है।
6. 'बेस्ट एनीमेशन फिल्म' और 'बेस्ट स्पेशल इफेक्ट्स' के अवॉर्ड्स को दो सेक्शन्स के साथ बेस्ट एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) फिल्म नाम के एक नए सेक्शन में जोड़ा गया है।
7. 'बेस्ट ऑडियोग्राफी सेक्शन', जिसमें साउंड रिकॉर्डिस्ट, साउंड डिजाइनर और मिक्स ट्रैक के रिकॉर्डिस्ट को सम्मानित करने वाले तीन सेक्शन थे, अब बेस्ट साउंड डिजाइन के रूप में जानी जाएगी। इसकी प्राइज मनी को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है।
8. बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन सेक्शन में भी बदलाव किए गए हैं, जिसे अब 'बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक' के रूप में जाना जाएगा।
9. स्पेशल जूरी अवॉर्ड को बंद कर दिया गया है, लेकिन जूरी के पास नेशनल फिल्म पुरस्कारों की फीचर फिल्म और नॉन-फीचर फिल्म श्रेणियों में दो अवॉर्ड देने का अधिकार है।
10. नॉन-फीचर फिल्म सेक्शन में, कुछ पार्ट्स को बंद कर दिया गया है जबकि बाकी को एक साथ मिला दिया गया है और बेस्ट स्क्रिप्ट के लिए एक नया सेक्शन शुरू किया गया है।
11. बेस्ट साइकोलॉजिकल फिल्म, बेस्ट साइंस और टेक्नोलॉजी फिल्म, बेस्ट ऐड फिल्म, कृषि सहित बेस्ट इनवायरमेंटल फिल्म, सामाजिक मुद्दों पर बेस्ट फिल्म, बेस्ट एजुकेशनल फिल्म, बेस्ट एडवेंचर फिल्म और बेस्ट इनवेस्टिगेटिव फिल्मों के सेक्शन को मिलाकर दो फिल्मी सेक्शन बनाए गए हैं।
12. सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को बढ़ावा देने वाली बेस्ट फीचर और बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म। पारिवारिक मूल्यों पर बनी बेस्ट फिल्म के साथ-साथ नॉन-फीचर सेक्शन में स्पेशल जूरी अवॉर्ड बंद कर दिए गए हैं।












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