Nagarjuna के फैन ने 1 करोड़ रुपए खर्च कर उनके लिए बनाया मंदिर, वीडियों में देखें 22 सालों की मेहनत
साउथ के सुपरस्टार नागार्जुन के एक डाय हार्ड फैन ने उनकी 1997 की सफल फिल्म 'अन्नमय्या' को लेकर अन्नामाचार्य मंदिर का निर्माण किया है।
मुंबई, 26 मईः साउथ फिल्मों के सुपरस्टार्स को उनके फैंस भगवान की तरह पूजते हैं। फैंस न सिर्फ अपने चहीते स्टार को प्यार करते हैं बल्कि भगवान के रूप में उनकी पूजा भी करते हैं और मन में उनके प्रति आस्था भी रखते हैं। अब चाहे बात साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत की हो, चिरंजिवी की हो या फिर नागार्जुन की। दक्षिण भारतीय फिल्मों के स्टार अक्किनेनी नागार्जुन फिल्मों में अपने बहुमुखी प्रतिभा के जरिए ढेर सारी तारीफ के हकदार बनते हैं। इसी कड़ी में स्टार नागार्जुन के एक डाय हार्ड फैन ने उनकी 1997 की सफल फिल्म 'अन्नमय्या' को लेकर अन्नामाचार्य मंदिर का निर्माण किया है। ट्विटर पर शेयर किए गए एक पोस्ट के माध्यम से इस विशाल मंदिर के निर्माण का वीडियो देखा जा सकता है। इस वीडियो के बैकग्राउंड में साउथ की लोकल लैंग्वेज में भक्तिमय संगीत बज रहा है। वीडियो को देखने से लगता है कि ये मंदिर बहुत खूबसूरत बन रहा है, जिसका आधा हिस्सा बन चुका है और कुछ निर्माण कार्य अभी भी जारी है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और साउथ के सुपरस्टार नागार्जुन के फैंस इसे खूब पसंद कर रहे हैं।

नागार्जुन की फिल्म देखकर मंदिर बनाने का लिया फैसला
जानकारी के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण आंध्र प्रदेश के गुंटूर के रहने वाले सुधाकर स्वामी नाम के अक्किनेनी नागार्जुन के एक फैन करवा रहे हैं। उन्होंने साल 1997 में फिल्म 'अन्नमय्या' देखने के बाद इस मंदिर की नींव रखी थी। उस फैन ने 22 सालों के लंबे समय के बाद हाल ही में मंदिर का निर्माण लगभग पूरा कर लिया है। इसमें सुधाकर स्वामी ने अपने साथियों का भी सहयोग लिया है। आपको बता दें नागार्जुन के इस फैन ने एक्टर के फॉलोअर्स की मदद से इस मंदिर को बनाने के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि जुटाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फैन ने कई कठिन बाधाओं को पार कर 1 करोड़ 30 लाख की लागत से यह मंदिर बनाया है। गुंटूर निवासियों ने अपने फेवरेट स्टार के लिए प्यार का इजहार करने के लिए इस मंदिर को 'श्री अन्नामय्या स्वामी मंदिरम' का नाम दिया है।
फिल्म के 25 साल पूरे होने पर तैयार हुआ मंदिर
आपको बता दें कि 22 मई 1997 को रिलीज हुई अन्नामय्या ने हाल ही में रिलीज के 25 साल पूरे किए हैं। के राघवेंद्र राव द्वारा निर्देशित यह फिल्म अब तक की बड़ी क्लासिक तेलुगु फिल्मों में से एक बन गई है। साथ ही, यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। 15वीं शताब्दी की बायोपिक हिंदू संत और संगीतकार तल्लापका अन्नामाचार्य ने सभी के दिलों में एक खास जगह बनाई और बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई की थी। इस फिल्म के गानों से लेकर डायलॉग्स, शानदार लोकेशन और भक्तिमय दृश्यों में नजर आने वाले नागार्जुन, राम्या कृष्णन और कस्तूरी ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी थी। फिल्म ने उस समय नागार्जुन को नया रूप दिया था। उस समय नागार्जुन अलग-अलग तरह की फिल्में कर रहे थे और राघवेंद्र राव ने उन्हें इस फिल्म के साथ बिल्कुल नई इमेज दी थी।












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