Movie Review: खालिस मसाला एंटरटेनर है हिमेश रेशमिया की फिल्म, वॉर्निंग 'बैडएस..' में गलती से ना खोजें लॉजिक!
फिल्म- बैडऐस रविकुमार
कास्ट- हिमेश रेशमिया, कीर्ति कुल्हारी, प्रभुदेवा और सनी लियोनी
रेटिंग्स- 3.5 स्टार्स
Movie Review Badass ravi kumar: आज के दौर में सिनेमा पर हाई-बजट सुपरहीरो और जबरदस्त एक्शन फिल्मों का दबदबा है। ऐसे भी कह सकते हैं कि एनिमल के बाद से सभी को लगता है कि हम जितनी खतरनाक फिल्म बनाएंगे, उतनी बड़ी हिट होगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब कंपोजर-सिंगर हिमेश रेशमिया एक फिल्म लेकर आए हैं। यह फिल्म विशुद्ध कमर्शियल फिल्म है। लेकिन इसे देखने वालों को एक कसम है, अपना दिमाग घर छोड़कर जाएं। नहीं तो बाद में हमारे ऊपर इल्जाम मत लगाइएगा।

कहानी एक निडर और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस ऑफिसर रवि कुमार (हिमेश रेशमिया) की है। जो अंडरकवर मिशनों को बखूबी अंजाम देता है और अपने दमदार अंदाज में अपराधियों का सफाया करता है। लेकिन जब उसका सामना स्टाइलिश और खतरनाक विलेन कार्लोस पेड्रो पैंथर (प्रभु देवा) से होता है। तब कहानी में आता है टकराव और बेलॉजिक एक्शन की शुरुआत। जिसके बाद खूब सारे ऐसे डायलॉग जिसे सुनकर हंसी भी आती है। एक्शन, ड्रामा और धांसू म्यूजिक इस फिल्म को खालिस मसाला एंटरटेनर बनाती है।
हिमेश रेशमिया और उनके डायलॉग्स
रवि कुमार के किरदार में हिमेश रेशमिया हैं। उनकी डायलॉग डिलीवरी, स्क्रीन प्रेजेंस और धुआंधार एक्शन सीक्वेंस 80 और 90 के दशक की याद दिलाते। उस दशक के क्लासिक बॉलीवुड हीरोज कुछ ऐसा ही काम करते थे। उनकी पंचलाइन हो या स्वैग जिसे देख हंसी तो आती है, लेकिन मास सिनेमा में कुछ नया दे जाता है। हर सीन में हिमेश अपने किरदार रेट्रो टच देते हैं, जो पंसद आ सकता है। लेकिन ध्यान रहे बिना लॉजिक के देखने वालों को। प्रभु देवा अपने स्टाइलिश और जानलेवा विलेन कार्लोस पेड्रो पैंथर के रूप में शानदार संतुलन बनाते हैं। उनका डांस और डायलॉग फिल्म को थोड़ा मजेदार बनाते हैं।
कीर्ति कुल्हारी निडर और दमदार लैला के रूप में प्रभावित करती हैं। सनी लियोनी के रहस्यमयी किरदार निशा से फिल्म को एक अलग मोड़ मिलता है। डेब्यूटेंट सिमोना, अपने मधुबाला-प्रेरित किरदार में बेहतरीन छाप छोड़ती हैं और रवि कुमार की कहानी को खूबसूरती से पूरा करती हैं। सौरभ सचदेवा, संजय मिश्रा, जॉनी लीवर, मनीष वाधवा और अनिल जॉर्ज जैसे दिग्गज कलाकार अपने बेहतरीन अभिनय से फिल्म में हास्य और गंभीरता को बराबरी से दिखाते हैं।
संगीत और बैकग्राउंड स्कोर
हिमेश रेशमिया की फिल्म बिना चार्टबस्टर गानों के अधूरी रहती है, और यहाँ भी उन्होंने धमाल मचाया है!
'दिल के ताजमहल में', 'तंदूरी डेज़', 'तेरे प्यार में', 'हुकस्टेप हुक्का बार' और 'बाज़ार-ए-इश्क़' जैसे गाने दर्शकों को थिएटर से निकलने के बाद भी झूमने पर मजबूर कर देंगे। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर रोमांच को और बढ़ा देता है और क्लासिक बॉलीवुड की फील को ज़िंदा करता है।
दिमाग खाली कर देखें हिमेश की दुनिया
कीथ गोम्स के निर्देशन और हिमेश रेशमिया मेलोडीज़ के बैनर तले बनी बैडएस रवि कुमार देखी जा सकती है। लेकिन वही बात यहां भी दोहराना चाहूंगा कि बिना दिमाग और लॉजिक के देखेंगे तो ऐसा होगा। अगर आप थोड़ा भी दिमाग लगाते हैं तो तुरंत सिनेमाहॉल से बाहर निकलना होगा। फिल्म में मास अपील, धांसू और थोड़े क्रिंज डायलॉग्स और चार्टबस्टर म्यूजिक आपके अछेल बनने नहीं देता। अगर आप देखने चाहते हैं तो वॉर्निंग पढ़कर देखें। बाकी मेरी बात यहीं तक आप भी देखें और अपनी राय बनाएं।












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