Manoj Kumar की ‘क्रांति' ने बदला हिंदी सिनेमा का चेहरा, फिल्मों में पॉप कल्चर को दी जगह
Manoj Kumar Movies: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भारत कुमार के नाम से दशकों तक लोगों के दिलों पर राज करने वाले मनोज कुमार ने 4 अप्रैल को अंतिम सांस ली। इस खबर ने लाखों लोगों की आंखें नम कर दी है। हिंदी सिनेमा में उनकी अल्ट्रा कल्ट क्लासिक फिल्मों ने कई नए आयाम बनाए जिसने सीने प्रेमियों को काफी प्रभावित किया।
यूं तो मनोज कुमार ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उपकार', 'पत्थर के सनम', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'संन्यासी' जैसी कई हिट फिल्में दी थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर छप्पड़ फाड़ कमाई की थी लेकिन क्या आप उनकी एक ऐसी फिल्म के बारे में जानते हैं जिसने बॉलीवुड में कई नए ट्रेंड शुरु किए थे।

Manoj Kumar news: फिल्मों में नए प्रयोग
सिर्फ मनोज कुमार की फिल्मों की कहानियों में ही नए प्रयोग नहीं हुए, बल्कि उनके फिल्मांकन में भी कई बड़े और नए-नए प्रयोग होते रहते थे। उन्होंने न सिर्फ अपने अभिनय से बल्कि निर्देशन से भी भारतीय सिनेमा को नए मुकाम पर पहुँचाया।
60 के दशक में जब न तो बेहतरीन टेक्नॉलिजी का उदय हुआ था और ना ही सामाजिक तौर पर इतनी प्रगति हुई थी उस दौर में 'पूरब और पश्चिम' और 'उपकार' जैसी कालजयी फिल्मों ने हिंदी सिनेमा में एक मजबूत धारा को जन्म दिया। लेकिन असली प्रयोग तो 1981 में आई सबसे बड़ी और सुपरहिट रही फिल्म 'क्रांति' के निर्देशन में किया गया था।
Manoj Kumar Film: 'क्रांति' - एक युग का आरंभ
मनोज कुमार द्वारा निर्देशित पीरियड एक्शन फिल्म 'क्रांति' ने कई मायनों में हिंदी सिनेमा में क्रांति लाई थी। ये फिल्म उस दौर की सबसे बड़ी मल्टीस्टारर फिल्मों में से एक थी जिसमें मनोज कुमार के अलावा, हेमा मालिनी, शशि कपूर, परवीन बॉबी और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे नामी कलाकारों ने एक साथ बड़े पर्दे पर अभिनय किया था।
ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक या दो साल नहीं बल्कि दशक की सबसे बड़ी हिट फिल्म बनकर उभरी। क्रांति ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर ₹20 करोड़ की रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी जिसके आगे 'शोले' और 'मदर इंडिया' जैसे हिट कल्ट क्लासिक्स फिल्में फीकी पड़ गई। इतना ही नहीं इस फिल्म ने हिंदी बेल्ट में ₹3 करोड़ की कमाई की जो फिल्म इंडस्ट्री के लिए अगले 13 वर्षों तक एक रिकॉर्ड बना रहा।
Manoj Kumar: क्रांति बना पॉप कल्चर आइकॉन
मनोज कुमार ने इस फिल्म से एक बड़े बदलाव की ओर कदम रखा। 'क्रांति' से फिल्मों में पॉप कल्चर को उतारा गया और इसका जादू फिल्म इस कदर चला कि यह एक पॉप कल्चर फेनोमेनन बन गई।
देश में इस फिल्म का जादू सर चढ़ कर बोला और लोगों ने इसकी हर छोटी सी छोटी चीजों को फॉलो किया। कई इलाकों में फिल्म के कारण ब्रांडेड टी-शर्ट, जैकेट, बनियान और अंडरवियर तक बिकने लगे। उस दौर में किसी फिल्म को लेकर इस प्रकार की ब्रांडिंग और मर्चेंडाइज़िंग असामान्य थी।
इन वस्तुओं की बिक्री ने बॉलीवुड में मर्चेंडाइजिंग के एक नए युग की नींव रखी, जो बाद में 90 के दशक में एक इंडस्ट्री के रूप में उभर कर सामने आई। मनोज कुमार ने अपनी फिल्मों में इस तरह के कई प्रयोग किए जिसने सिनेमा और बाजार दोनों को प्रभावित किया। 'क्रांति' एक ऐसी ब्लॉकबस्टर थी, जिसने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को व्यवसायिक और रचनात्मक दोनों ही रूपों में नई दिशा दी।












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