घंटो पोलिंग बूथ खड़े रहे अमित त्रिवेदी और विद्या मालवडे, लेकिन नहीं डाल पाए वोट, सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास
Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण की वोटिंग 20 मई को महाराष्ट्र में भी हुई। आम जनता से लेकर तमाम बॉलीवुड सितारे भी वोट डालने पोलिंग बूथ पहुंचे। लेकिन कुछ ऐसे भी सेलेब्स थे जो वोट डालने गए तो थे लेकिन ऐसा नहीं कर पाए।
दरअसल, फिल्म चक दे इंडिया की एक्ट्रेस विद्या मालवडे और मशहूर सिंगर अमित त्रिवेदी ने सोशल मी़डिया पर वीडियो शेयर कर जानकारी दी कि वह क्यों नहीं वोट डाल पाए। इसी के साथ उन्होंने वोट नहीं कर पाने पर अपना गुस्सा जाहिर किया। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है।

अमित त्रिवेदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने साथ आधार कार्ड, वोटिंग आईडी सबकुछ लेकर गए थे। लेकिन बावजूद इसके उन्हें वोट करने से मना कर दिया गया। सिंगर ने कहा कि, 'जो बूथ पर एक वोट की पर्ची दिखाई जाती है वही पर्ची मेरे पास भी थी। उस पर एक नंबर लिखा हुआ होता है। लेकिन जब मैंने पर्ची दिखाई तो उन्होंने कहा कि ये नंबर तो है ही नहीं। इसके बाद इसे ठीक कराने के लिए मैं आधा घंटा लंबी लाइन में लगा रहा। उसने रजिस्टर में खोजा पेपर और बुक भी चेक किया। आधे घंटे तक ये सब चलता रहा लेकिन अंत में उसने मना कर दिया कि सर आप वोट नहीं दे सकते। इसी तरह लगभग 200-300 लोग निराश होकर घर वापस लौटे हैं।'
Voting is our constitutional right. Today I was denied that right and I feel helpless
Did this happen to anyone else? How.. and why?? #elections pic.twitter.com/1K8z0XdIFD
— Amit Trivedi (@ItsAmitTrivedi) May 20, 2024
वहीं विद्या मालवडे ने वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ पहुंची और लगभग 3 घंटे तक इंतजार किया। बाद में एक्ट्रेस को पता चला कि वोटिंग लिस्ट में उनका नाम है ही नहीं। एक्ट्रेस ने इस पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि, 'वोट डालने की कोशिश की लेकिन मेरा नाम वहां पर नहीं था। किसी को पता ही नहीं था कि मैं कहा रहती हूं। मेरे नंबर वहां पर नहीं था। मैं वोट ही नहीं दे पाई। मेरे पेरेंट्स 70 साल से ज्यादा की उम्र के हैं। हम लोग वहां खड़े थे घंटों। हालांकि ये बहुत ही दुखद है।'
विद्या मालवडे ने आगे कहा कि, 'मैं वोट करने के लिए आधार कार्ड लेकर गई थी लेकिन मैं नहीं डाल पाई। ब्रांदा लोकसभा क्षेत्र के पास मेरा नाम ही नहीं है। जबकि इसी इलाके में मैं पैदा हुई और यहीं पर पली-बढ़ी भी हूं। मेरे मम्मी-पापा का नाम अगर वहां था, तो मेरा नाम क्यों नहीं था। मुझे खुद समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। हालांकि वोट डालना मेरा अधिकार है और इससे मैं काफी ज्यादा निराश हूं। ये सब बिल्कुल भी सही नहीं है।' इस दौरान विद्या की आंखों में आंसू होते हैं।












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