भड़कीं कंगना, कहा- पद्मश्री भी लौटा दूंगी, माफी भी मांगूंगी, कोई बताए कि 1947 में कौन सी लड़ाई लड़ी गई?

पद्मश्री लौटाने पर भड़कीं कंगना, कहा- पुरस्कार भी लौटा दूंगी, माफी भी मांगूंगी, कोई बताए कि 1947 में कौन सी लड़ाई लड़ी गई?

मुंबई, 13 नवंबर: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत पिछले कुछ दिनों से 'भीख में मिली आजादी' को लेकर दिए बयान पर विवादों में फंस गई हैं। विपक्षी नेताओं समेत कई लोगों ने मांग की है कि कंगना रनौत से उनका राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री लौटाने की मांग की जा रही है। कई विपक्षी नेताओं ने कंगना रनौत की गिरफ्तारी की मांग की है और कहा है कि अभिनेत्री पर देशद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए। चौतरफा आलोचना के बीच शनिवार (13 नंवबर) को कंगना रनौत ने पलटवार किया है। कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में कहा है कि वो पद्मश्री भी वापस कर देंगी और माफी भी मांग लेंगी, अगर कोई उन्हें बताए कि आखिर 1947 में कौन सी लड़ाई लड़ी गई थी। कंगना ने अपनी सफाई में कहा है कि वह अपना पद्म श्री सम्मान लौटा देंगी अगर कोई उन्हें यह बताए कि 1947 में क्या हुआ था और कौन आजादी के लिए कौन सी जंग लड़ी गई थी।

कंगना बोलीं- पद्मश्री भी वापस दूंगी और माफी भी मांगूंगी लेकिन बताइए...'

कंगना बोलीं- पद्मश्री भी वापस दूंगी और माफी भी मांगूंगी लेकिन बताइए...'

कंगना रनौत ने अपनी 'आजादी' वाली टिप्पणी के लिए नारेबाजी के बाद अपना बचाव किया है। कंगना रनौत ने कहा कि अगर कोई उन्हें 1947 में हुई घटना के बारे में बता सकता है तो वह अपना पद्मश्री लौटाने के लिए तैयार हैं। कंगना रनौत ने कहा, ''उसी इंटरव्यू में मैंने सारी बातें साफ तौर पर कही थीं। मैंने कहा था कि 1857 में स्वतंत्रता के लिए पहली सामूहिक लड़ाई लड़ी गई थी। मैंने इंटरव्यू में सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई और वीर सावरकर जी के बलिदान पर भी बात की थी। 1857 का मुझे पता है लेकिन 1947 में कौन सी लड़ाई लड़ी गई, इसे बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई मेरी जानकारी बढ़ा सकता है, तो मैं अपना पद्मश्री वापस दूंगी और माफी भी मांगूंगी ... कृपया इसमें मेरी मदद करें।"

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    कंगना ने कहा- गांधी ने भगत सिंह को क्यों मरने दिया?

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    कंगना रनौत ने आगे लिखा, "मैंने एक शहीद रानी लक्ष्मी बाई की फीचर फिल्म में काम किया है... आजादी की पहली लड़ाई 1857 पर बड़े पैमाने पर शोध किया है।. राष्ट्रवाद का उदय हुआ तो दक्षिणपंथियों का भी हुआ... लेकिन अचानक खत्म कैसे हो गया? और गांधी ने भगत सिंह को क्यों मरने दिया, आखिर नेता बोस को क्यों मारा गया और गांधी जी का उन्हें समर्थन कभी नहीं मिला? आखिर एक अंग्रेज द्वारा बंटवारे की रेखा क्यों खींची गई ...? स्वतंत्रता का जश्न मनाने के बजाय भारतीयों ने एक-दूसरे को क्यों मारा? मुझे कुछ जवाब चाहिए, कृपया मुझे जवाब खोजने में मदद करें।''

    कंगना ने कहा, 'मैं हर नतीजा भुगतने के लिए तैयार हूं...'

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    कंगना रनौत ने कहा, 'मैं हर नतीजा भुगतने के लिए तैयार हूं...। जहां तक 2014 में आजादी का संबंध है, मैंने खास तौर पर कहा था कि भले ही हमारे पास दिखावे की आजादी थी। लेकिन भारत की चेतना और विवेक 2014 में मुक्त हुआ है। एक मृत सभ्यता को जान मिली और उसने अपने पंख फैलाए।''

    कंगना बोलीं- जो चोर हैं उनकी तो जलेगी

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    कंगना रनौत ने आगे कहा, ''पहली बार ... अंग्रेजी न बोलने या छोटे शहरों से आने या भारत में बने उत्पादों का उपयोग करने के लिए लोग हमें शर्मिंदा नहीं कर सकते। उस इंटरव्यू सब कुछ स्पष्ट है ... लेकिन जो चोर हैं उनकी तो जलेगी। कोई बुझा नहीं सकता जय हिंद।

    कंगना के किस बयान पर मचा है बवाल

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    एक्ट्रेस कंगना रनौत ने गुरुवार (11 नवंबर) को एक मीडिया कार्यक्रम में कहा था कि भारत को असली आजादी तो 2014 में मिली है। उसके पहले जो आजादी मिली थी वो तो भीख थी। कंगना रनौत कहती हैं, 1947 में भारत को मिली स्वतंत्रता, आजादी नहीं थी, वो भीख थी। जो असल मायने में आजादी मिली है वो 2014 में मिली है।"

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