कंगना रनौत से जुड़ा क्या है ये मामला? जिसमें सांसद ने कोर्ट में मांगी माफी, मिली जमानत
Defamation Case on Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश की मंडी से भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत सोमवार को बठिंडा की अदालत में एक केस की सुनवाई के लिए पेश हुईं। कोर्ट में उन्होंने सफाई और माफी मांगी जिसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है।
दरअसल, ये मामला 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान एक कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि केस से जुड़ा है। जिसमें बठिंडा की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने सोमवार को जमानत दे दी। इसके बाद कंगना रनौत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसान महिला को गलतफहमी हुई थी और उन्होंने किसी के लिए भी कोई अपमानजनक बात नहीं कही थी।

बता दें शुरुआत में, कंगना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अपील की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होना पड़ा।
कंगना बोलीं- मेरे लिए तो हर मां सम्मानजनक
कंगना ने कहा, "मेरे लिए तो हर मां सम्मानजनक है। मैंने कभी ऐसी बात सोची भी नहीं, जैसा दिखाया जा रहा है। चाहे मां हिमाचल की हो या पंजाब की, सब मेरे लिए पूजनीय हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि विवादित ट्वीट एक मीम का री-ट्वीट था, जिससे उनका सीधा संबंध नहीं था।
"मिसअंडरस्टैंडिंग" हुई, अनजाने में मैंने...
कोर्ट में पेशी के बाद उन्होंने इस घटना को "मिसअंडरस्टैंडिंग" बताया। उन्होंने कहा, मैंने इस मामले पर महिंदर कौर जी के पति से पहले ही बात कर ली है और उनसे माफी मांगी है क्योंकि आज वह मौजूद नहीं थीं। किसान आंदोलन के दौरान कई मीम चल रहे थे, जिनमें से एक को मैंने अनजाने में रीट्वीट कर दिया था।"
क्या बोले आरोपी?
हालांकि, शिकायतकर्ता महिंदर कौर के वकील, एडवोकेट रघुबीर सिंह बेनीवाल ने कंगना के दावे पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "कंगना रनौत ने अदालत को बताया कि उन्होंने गलती से रीट्वीट किया था और किसी को निशाना नहीं बनाया था। लेकिन मेरे मुवक्किल के पति लाभ सिंह ने कहा है कि उन्होंने पहले कभी माफी नहीं मांगी। कंगना ने सुरक्षा कारणों से व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट के लिए एक आवेदन भी दिया, जिसका हमने विरोध किया था।
कंगना ने बुजुर्ग महिला पर की थी ये टिप्पणी
बता दें ये मामला किसान आंदोलन के दौरान कंगना के एक ट्वीट से संबंधित है, जिसमें उन्होंने बहादूरगढ़ जंदियन गांव की एक बुजुर्ग किसान महिला महिंदर कौर की तस्वीर साझा की थी। उन्होंने महिंदर कौर की तुलना शाहीन बाग विरोध प्रदर्शनों का प्रतीक बनीं बुजुर्ग महिला बिलकिस बानो से की थी। कंगना ने कथित तौर पर दावा किया था कि ऐसी महिलाएं विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए "100 रुपये में उपलब्ध" थीं।
2021 में कंगना के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
इस टिप्पणी की व्यापक निंदा हुई, जिसके बाद महिंदर कौर ने जनवरी 2021 में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा कंगना को व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से हाल ही में इनकार करने के बाद, उन्हें ट्रायल कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था।
बठिंडा पुलिस ने जिला अदालत परिसर को एक उच्च-सुरक्षा क्षेत्र में बदल दिया था, जिसमें अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया था और सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर बैरिकेड लगाए गए थे।
कंगना पहले समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुई थीं। उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट और वर्चुअल कार्यवाही की याचिका को पिछली सुनवाई में 29 सितंबर को खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद पुलिस के माध्यम से समन जारी किए गए थे।
अभिनेत्री ने मामले को रद्द करने की मांग करते हुए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय और बाद में सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी।












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