धड़ाधड़ फ्लॉप हो रही बॉलीवुड फिल्मों को लेकर बोले फरहान अख्तर, 'भाषा अब जरूरी नहीं बल्कि...'
बॉलीवुड फिल्मों का धड़ाधड़ फ्लॉप होना इस बात की ओर इशारा करता है कि जनता को अब ये फिल्में रास नहीं आ रही हैं। इस मुद्दे पर बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर ने रिएक्ट किया है।
मुंबई, 22 अगस्त: पिछले कुछ वक्त से बॉलीवुड की फिल्में धड़ाधड़ फ्लॉप हो रही हैं। हिंदी फिल्मों की ऑडियंस दूसरी भाषा की फिल्में सबटाइटल्स के साथ देखना पसंद कर रही हैं। बीते कुछ समय से लोगों को सबटाइटल्स या भाषा से कोई खास फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है। शो या फिल्म में दर्शक की रुचि बढ़े, तो भाषा खास आड़े आते नहीं दिख रही है। हालांकि, सभी लोगों के साथ ऐसा नहीं है। कई लोगों को सबटाइटल्स पढ़ने में दिक्कत भी आती है। फिर भी बॉलीवुड की फिल्मों से लोगों का रुझान कम होता जा रहा है। इस मु्द्दे पर अभिनेता फरहान अख्तर ने रिएक्ट किया है।

नहीं रही पहले जैसी रुचि
बॉलीवुड फिल्मों की घटती धाक से साफ है कि दर्शकों को अब इन फिल्मों में पहले जैसी रुचि नहीं रही। अब बॉलीवुड की फ्लॉप हो रही फिल्मों को लेकर अभिनेता फरहान अख्तर का बयान सामने आया है।

फरहान अख्तर का बयान
फरहान अख्तर ने कहा कि सभी लोगों का अपनी भाषा से एक लगाव होता है। अपनी भाषा में आप फिल्म का सार समझ पाते हैं। कई बार सिर्फ एक शब्द से आप फिल्म के किरदारों की भावनाओं को समझ जाते हैं। लेकिन जब आप बाहरी लोगों से बात करते हैं तो आपको थोड़ा अलग सोचना होगा।

क्या बोले फरहान?
फहरान मानते हैं कि बॉलीवुड को इस ओर ध्यान देने की काफी जरूरत है। वे कहते हैं कि हमें ग्लोबल ऑडियंस को ध्यान में रखते हुए ही कॉन्टेंट बनाना होगा। फरहान के मुताबिक कॉन्टेंट का मजबूत होना ज्यादा जरूरी है।
'रोमन लोगों ने तो इंग्लिश नहीं बोली'
ईटाइम्स से बात करते हुए एक्टर कहते हैं कि जब हम फिल्म 'एलेक्जेंडर दर ग्रेट' को इंग्लिश में देखते हैं तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, जबकि ये बात अलग है कि रोमन लोगों ने कभी भी अंग्रेजी नहीं बोली।

'भाषा की समस्या बाद में आती है'
वे कहते हैं कि ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए वही तरीका अपनाना होगा, जो 'द एवेंजर्स' ने किया। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि देखने वाला अंग्रेजी जानता है या नहीं। एक बेहतरीन कॉन्टेंट का होना जरूरी है। भाषा की समस्या तो बहुत बाद में आती है।












Click it and Unblock the Notifications