धर्मेंद्र और राखी गुलजार का 'ऐसा' रोमांस, 55 साल बाद क्यों रही चर्चा? ऐसा क्या हुआ था दोनों के बीच?
Dharmendra and Rakhee Gulzar: बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। 89 वर्ष की उम्र में उनका निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति साबित हुआ है। छह दशकों से अधिक लंबे करियर में धर्मेंद्र ने अनगिनत यादगार फिल्में, अनोखे किरदार और दिल को छू लेने वाले गाने दिए हैं।
धर्मेंद्र का सबसे रोमांटिक गाना
धर्मेंद्र की फिल्मों के रोमांटिक गानों की बात करें तो एक सॉन्ग ऐसा है जो 55 साल बाद आज भी उतना ही पॉपुलर है। ये गाना पुरानी पीढ़ी के साथ साथ जेन Z तक का फेवरेट बन चुका है।

सिंगर मोहम्मद रफी और धर्मेंद्र की दमदार जोड़ी
-एक दौर था जब बॉलीवुड के मशहूर गायक मोहम्मद रफी एक्टर धर्मेंद्र की ऑन-स्क्रीन आवाज बन चुके थे। मोहम्मद रफी की मधुर गायकी और धर्मेंद्र के रोमांटिक अंदाज का मेल दर्शकों पर जादुई असर छोड़ता था। चाहे दर्दभरे गीत हों या रोमांटिक नजारे, दोनों की ट्यूनिंग गानों को एक अलग ही ऊंचाई तक ले जाती थी।
-धर्मेंद्र के कई हिट गानों जैसे 'आज मौसम बड़ा बेईमान है', 'आपके हसीन रुख पर', 'गर तुम भुला ना दोगे' और 'मैं जट यमला पगला दीवाना' को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज से अमर कर दिया था।
'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' गाने की मासूम मोहब्बत
इन सभी सदाबहार गानों के बीच एक ट्रैक ऐसा है जिसे सुनते ही लोग आज भी पुराने दौर की मासूम मोहब्बत में खो जाते हैं। वो गाना है 'झिलमिल सितारों का आंगन होगा'।
धर्मेंद्र और राखी गुलजार का रोमांस
साल 1970 में रिलीज हुई फिल्म 'जीवन मृत्यु' का ये गाना धर्मेंद्र और राखी गुलजार पर फिल्माया गया था। रोमांटिक गानों की बात आए और इस गाने का जिक्र न हो, ऐसा मुश्किल है। इसकी मासूमियत, धुन और भावनाओं की गहराई इसे सिनेमा इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज कर देती है।
मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने गाया ये सॉन्ग
इस सॉन्ग को मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज में गाया था जबकि इसका संगीत मशहूर जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था और बोल आनंद बक्शी ने लिखे थे।
क्या है फिल्म की कहानी?
-सत्येन बोस के निर्देशन में बनी फिल्म 'जीवन मृत्यु' साल 1967 में इसी नाम से रिलीज हुई बांग्ला फिल्म का हिंदी रीमेक थी। निर्माता ताराचंद बड़जात्या की इस फिल्म में धर्मेंद्र ने एक ईमानदार बैंक मैनेजर का किरदार निभाया था, जिसे गलत तरीके से एक डकैती के केस में फंसा दिया जाता है।
-जेल से सालों बाद बाहर आने पर वह देखता है कि उसकी मां का निधन हो चुका है और उसकी प्रेमिका की शादी किसी और से हो चुकी है। इस सदमे के बाद वह बदला लेने के लिए नई पहचान के साथ लौटता है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, कन्हैयालाल, राजेंद्रनाथ और लीला चिटनिस जैसे कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में थे।
ऐसा गाना जो कभी पुराना नहीं हुआ
'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' को आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे खूबसूरत रोमांटिक गानों में से एक माना जाता है। इसकी संगीतात्मक खूबसूरती, बोलों की मिठास और गायकों का जादुई अंदाज इसे एक कालजयी गीत बना देता है, जिसे हर पीढ़ी ने पसंद किया है और आगे भी करती रहेगी।
धर्मेंद्र का निधन
जानकारी के अनुसार गत 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र के निधन के साथ सिनेमा जगत ने अपना एक चमकता सितारा खो दिया लेकिन उनके निभाए किरदार, दमदार अभिनय और सदाबहार गीत दर्शकों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।












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