Biography Anything But Khamosh: शत्रुघ्न सिन्हा और अमिताभ बच्चन के 'दोस्ताना' में क्यों आई थी 'दीवार'?

नई दिल्ली, 16 नवंबर। बॉलीवुड में एक जुमला बड़ा फेमस है कि यहां पर कभी दो स्टार्स आपस में अच्छे दोस्त नहीं हो सकते हैं। भले ही पर्दे पर वो अच्छे दोस्त होने का रोल प्ले करें लेकिन निजी जिंदगी में भी दोनों अच्छे मित्र हों ये होना थोड़ा मुश्किल है। ऐसी ही एक जोड़ी रही है अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा की, जिसने पर्दे पर तो 'दोस्ताना' का इतिहास लिखा लेकिन निजी जिंदगी में दोनों का रिश्ता 'खट्टा-मीठा' ही रहा।

'दोनों सितारे एक-दूसरे की शक्ल भी देखना नहीं चाहते थे'

'दोनों सितारे एक-दूसरे की शक्ल भी देखना नहीं चाहते थे'

हालांकि आज दोनों के रिश्ते वापस सही हो गए हैं लेकिन एक वक्त था जब दोनों के बीच में काम को लेकर बड़ा मनमुटाव हो गया था और फिर धीरे-धीरे दोनों के बीच इतनी कड़वाहट आ गई थी तो दोनों सितारे एक-दूसरे की शक्ल भी देखना नहीं चाहते थे। ये कहना हमारा नहीं है बल्कि ये सब कुछ लिखा है शत्रुघ्न सिन्हा की बायोग्राफी 'एनीथिंग बट खामोश' में , जिसमें शॉटगन ने अपने जीवन के सभी पहुलओं के बारे में खुलकर बताया है।

बच्चन ने ही लॉन्च की थी सिन्हा की बायोग्राफी

बच्चन ने ही लॉन्च की थी सिन्हा की बायोग्राफी

बायोग्राफी 'एनीथिंग बट खामोश' साल 2016 में प्रकाशित हुई थी, जिसे की प्रसिद्ध स्तंभकार, आलोचक और लेखक भारती एस प्रधान ने कलमबद्ध किया है। खास बात ये है कि इस किताब को बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने ही लॉन्च की थी।

'मेरी सक्सेस का असर अमिताभ पर पड़ने लगा था'

इस किताब में सिन्हा ने बताया है कि 'एक वक्त आया था, जब मेरी सक्सेस और तारीफों का असर अमिताभ बच्चन पर पड़ने लगा था। हमारी जोड़ी बड़े पर्दे पर हिट थी और लोग हमें साथ में काफी पसंद भी करते थे लेकिन फिर मुझे पता चला कि अमिताभ अब मेरे साथ में काम करने में कतराने लग गए हैं। मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है, वो मुझसे कट क्यों रहा है? , मुझे ये भी सुनने को मिला कि अमिताभ को लगता था कि 'नसीब', 'काला पत्थर', 'शान' और 'दोस्ताना' में, मैं उन पर भारी पड़ गया हूं।'

'मैं और अमिताभ शूटिंग के बाद बात नहीं करते थे'

'मैं और अमिताभ शूटिंग के बाद बात नहीं करते थे'

फिल्म 'काला पत्थर' का जिक्र करने हुए सिन्हा ने बताया कि फिल्म 'काला पत्थर' की शूट के दौरान मैं और अमिताभ शूटिंग के बाद बात नहीं करते थे। अमिताभ और मैं अपनी अलग-अलग गाड़ियों में बैठकर घर चले जाते थे लेकिन अमिताभ ने कभी भी मुझे अपने साथ कार में बैठने को नहीं कहा। ये सब मुझे बहुत चुभता था। सिन्हा ने कहा कि इसलिए ही मैंने बहुत सारी फिल्में, जो मैंने अमिताभ बच्चन के साथ, साइन की थी, वो छोड़ दी थी, यहां तक कि कुछ फिल्मों के तो मैंने एडवांस भी लौटाए थे।

 अमिताभ बेहतरीन अभिनेता हैं और अच्छे इंसान

अमिताभ बेहतरीन अभिनेता हैं और अच्छे इंसान

सिन्हा ने लिखा है कि अमिताभ एक बेहतरीन अभिनेता और शालीन इंसान हैं , हालांकि उन्होंने कहा कि हमारे अनबन की बातें गुजर चुकी हैं और हम आज एक बार फिर से निकट हो गए हैं।

अभिनेत्री रेखा या जीनत अमान

जब इस किताब 'एनीथिंग बट खामोश' लॉन्च हुई थी उस वक्त एक इंटरव्यू के दौरान सिन्हा से पूछा गया था कि क्या आप दोनों के तनाव का कारण अभिनेत्री रेखा या जीनत अमान थीं? जिस पर मुस्कुराते हुए बिना किसी अभिनेत्री का नाम लिए सिन्हा ने कहा था कि 'उस वक्त 'काला पत्थर' की शूटिंग के दौरान बॉलीवुड को चर्चित अभिनेत्री अमिताभ से मिलने तो आती थीं लेकिन अमिताभ ने कभी भी मुझसे उनसे मिलवाया नहीं।'

'बाद में वो हमारी बहुत अच्छी मित्र बन गईं'

'बाद में वो हमारी बहुत अच्छी मित्र बन गईं'

सिन्हा ने आगे कहा कि 'हालांकि ये बॉलीवुड है, जहां काफी देर तक कुछ भी पर्दे में नहीं रह सकता है और वो मोहतरमा, बाद में हमारी बहुत अच्छी मित्र बन गईं लेकिन वो हमेशा अमिताभ की ही साइड लेती थीं।'

मीडिया में चर्चा जोर-शोर से होने लगती हैं

खैर आज भी अमिताभ और वो मोहतरफा जब आमने-सामने आते हैं तो मीडिया में चर्चा जोर-शोर से होने लगती हैं। बता दें कि सिन्हा का इशारा बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा की ओर था, जो कि सिन्हा की भी अच्छी दोस्त हैं। उनके और अमिताभ के प्रेम के किस्से आज भी बॉलीवुड की गलियारों में होते रहते हैं।

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