राफा पर जो निगाहें थीं वो अब 'मुंदी' हुईं है, क्योंकि मामला देश का है, विदेश का होता तो सोचते!
All Eyes on Rafah Why Not on Pahalgam Attack: साल 2025 की फरवरी आपको याद होगी। जब इजरायली सेना ने गाजा में हमला किया था। घनी आबादी वाले राफा पर जब हमला हुआ तो दुनियाभर की नजरें उधर टिकी हुईं थी। तब सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चला। जिसका नाम 'ऑल आईज ऑन राफा' दिया गया। इस कैंपेन में दुनियाभर के लोगों ने हिस्सा लिया। भारतीय सेलेब्स ने भी बहती गंगा में हाथ धोया।
जब भी दुनिया में कहीं कुछ होता है तो भारतीय सेलेब्स हमदर्दी जताने निकल जाते हैं। उनकी हमदर्दी इतनी रहती है कि सोशल मीडिया में वो स्टोरी भी पोस्ट करते हैं। इसमें रील हीरोज के साथ हीरोइन भी शामिल रहती हैं। 'ऑल आईज ऑन राफा' के पक्ष में प्रियंका चोपड़ा, सोनाक्षी सिन्हा, नोरा फतेही, कीर्ती खरबंदा, रकुल प्रीत सिंह और सामंथा रुथ प्रभु ने भी स्टोरी लगाई। इतना ही नहीं भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह को भी राफा पर हमदर्दी जागी।

उनकी इन स्टोरीज से किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई। उनको देखते हुए फैंस ने भी स्टोरीज लगाईं। फरवरी बीता और अप्रैल का महीना आया। इसकी 22 तारीख को भारत के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने 26 टूरिस्टों को निशाना बनाया। लेकिन इन हीरोइनों के सोशल मीडिया पेज सूने रहे। तब इनकी नजरें ना जम्मू कश्मीर की तरफ रहीं। फिर पहलगाम तक नजर पहुंचने की तो उम्मीद ही छोड़ देते हैं। इनके फैंस चिल्लाते रहे, लेकिन मजाल है कान में जू रेंग जाए। यहां तक भी बात ठीक है। बात आई गई हो गई। लेकिन 7 मई को भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत नष्ट कर दिया। भारतवासियों ने खुशी मनाई, हर कोई सेना का हौसला बढ़ा रहा था। हर कोई आकंतवाद के खिलाफ आवाज उठा रहा था। लेकिन फिर भी इनकी तरफ से कुछ नहीं कहा गया।
सोनाक्षी सिन्हा की पोस्ट आई, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नहीं। बल्कि वो एक कदम आगे बढ़ते हुए मीडिया को कोसने लगीं। हालांकि टीवी चैनलों ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद कुछ गलत जानकारी दीं। जिन्होंने ऐसा किया, उन्होंने बाद में माफी मांगी। लेकिन सोनाक्षी तो ठहरी सोनाक्षी, उन्होंने मीडिया को फटकार लगाई और चुपचाप बैठ गईं। जब वो मीडिया को फटकार लगा रहीं थीं, तब भी उन्हें पहलगाम और सेना की याद नहीं आई। यही हाल प्रियंका चोपड़ा, नोरा फतेही, कीर्ती खरबंदा, रकुल प्रीत सिंह और सामंथा रुथ प्रभु का रहा। किसी के मुंह से कुछ नहीं निकला। वैसे सोशल मीडिया पर कुछ युवाओं का कहना ये भी है कि ये भारत का मामला है। इस पर बोलने से इनकी रीच नहीं बढ़ेगी। दूसरे देशों तक इनकी बात नहीं पहुंचेगी। इसलिए भी ये चुप हैं।
इन हीरोइनों से अलग हटने के लिए आलिया भट्ट ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने एक दिन पहले पहलगाम अटैक और ऑपरेशन सिंदूर पर चुप्पी तोड़ी। लेकिन उन्हें भयंकर ट्रोल किया गया। इसके बाद खबरें आईं कि भारत-पाक के तनाव के चलते आलिया कान फिल्म फेस्टिवल नहीं जाएंगी। जबकि अभी ऐसा कोई तनाव नहीं दिख रहा है। भारतीय सेना ने पाकिस्तानियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। लेकिन आलिया कान नहीं जा रही हैं। ये बात भी ठीक है। क्योंकि जब जागो तब सवेरा। लेकिन कुछ इसे अंदरखानों में पीआर स्टंट भी बताया जा रहा है।
हालांकि ऐसा पाकिस्तानी हीरोइनों की तरफ से नहीं देखा गया। उनकी मावरा खान से लेकर हानिया आमिर तक, सबने बोला। आवाज उठाई। ये वो हीरोइन हैं, जिन्हें भारत की फिल्म इंडस्ट्री में काम मिला और मिलता है। इसके बावजूद उन्होंने भारत पर शाब्दिक प्रहार करने की कोशिश की। हालांकि इन्हें माकूल जवाब भी मिला। लेकिन बॉलीवुड की हीरोइनों ने मौन व्रत रखा है। अब देखना ये है कि इनका मौन व्रत कब टूटता है।












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