दस करोड़ का चेक हुआ बाउंस, जिला प्रशासन ने एफआईआर के बदले सहारा इंडिया को लिखा पत्र

राजनांदगांव में सहारा इंडिया ने जिला प्रशासन को 10 करोड़ रुपए के चेक और शपथ पत्र देकर जमानत ले लिया था। अब बताया जा रहा है कि प्रशासन को जारी किए गए 10 करोड़ रुपए का चेक बाउंस हो गया है इससे निवेशक परेशान होहो रहे हैं।

राजनांदगांव, 15 जुलाई। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सहारा इंडिया के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थाओं में जिले के कई निवेशकों ने करोड़ों रुपए जमा कराए थे। लेकिन जब रकम वापसी का समय आया तब सहारा इंडिया के कर्मचारी निवेशकों को गुमराह करते रहे। जब निवेशक इस मामले को लेकर राजनंदगांव की कोतवाली पुलिस के पास गए। तब पुलिस ने चार डायरेक्टरों पर एफआईआर दर्ज किया। इसके बाद सहारा इंडिया के चारों डायरेक्टरों को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लेकिन जल्द ही रकम वापसी की शर्त पर आरोपियों को जमानत मिल गई थी। आरोपियों ने जिला प्रशासन को 10 करोड़ रुपए के चेक और शपथ पत्र देकर जमानत ले लिया था। अब बताया जा रहा है कि प्रशासन को जारी किया गया 10 करोड़ रुपए का चेक बाउंस हो गया है इससे निवेशक परेशान हो रहे हैं।

sahara

कलेक्टर कह रहे नियमानुसार होगी कार्यवाई
कलेक्टर डोमन सिंह का कहना है कि चेक बाउंस होने के मामले में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए अफसरों को बैंक से डिटेल लेने कहा गया है। सहारा इंडिया के चार डायरेक्टरों को कोतवाली पुलिस ने 30 मई को न्यायालय में पेश किया था। आरोपियों की ओर से रकम वापसी के साथ ही चेक देकर शपथ पत्र भी दिया गया था। लेकिन वह चेक बाउंस हो गया है। इस मामले में कम्पनी से पत्राचार किया जा रहा है।

एफआईआर के बदले पत्राचार में लगी जिला प्रशासन
सहारा इंडिया से जुड़ी सहारियन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसायटी के आरोपी मोहम्मद खालिद शैलेश मोहन सहाय को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के लाल जी वर्मा को भी गिरफ्तार कर राजनांदगांव पुलिस ने जेल भेज दिया था । जिसके बाद आरोपियों से सशर्त चेक व शपथ पत्र जमा कराकर जमानत दे दी गई थी। चेक व शपथ पत्र मिलने के बाद निवेशकों से सहारा इंडिया के धनवापसी हेतु आवेदन मंगाए गए थे ।सहारा इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टरों द्वारा दिए गए चेक के बाउंस होने के बाद जिला प्रशासन कंपनी के खिलाफ एफआई आर जिससे जिले के निवेशक परेशान है। करने के बदले कंपनी को पत्र लिख कर जवाब मांग रही है।

रकम वापसी के लिए अधिकारियों की बनाई गई थी टीम

रकम वापसी के लिए बनाई गई टीम में एडीएम, एसडीएम, सीएसपी सहित तमाम राजपत्रित अधिकारियों को शामिल किया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी डायरेक्टरों ने पुलिस की ओर से मामला सामने आने के बाद प्रशासन के खाते में 15 करोड़ डालने की बात कही थी। लेकिन केवल 5 करोड़ ही खाते में डाले गए।

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