Nagar Nigam Bhilai के कर्मचारियों की दिवाली पर ग्रहण, पूछ रहे, कैसे मनाएं दिवाली, जब निगम कोष है खाली
Diwali का त्यौहार नजदीक है, छत्तीसगढ़ में लोग अपने घरों में दिवाली की तैयारी में जुटे हुए हैं, लोग बाजारों खरीदारी में जुटे हुए हैं। लेकिन नगर पालिक निगम भिलाई के कर्मचारियों की दिवाली पर ग्रहण लग गया है। जी हां यह ग्रहण नगर पालिक निगम भिलाई की आर्थिक तंगी ने लगाया है। जिसके चलते अब तक निगम कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। अब इसके लिए निगम कोष की अंतिम उम्मीद का सहारा लेने का निर्णय लिया गया है।

निगम के 1100 कर्मचारियों के वेतन का संकट
छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक राजस्व वसूली के मामले में दूसरा नगर निगम, भिलाई एक बार फिर आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। भिलाई नगर निगम में स्थापना व्यय को लेकर ही संकट खड़ा हो गया है। जिससे नगर पालिक निगम भिलाई के लगभग 11 सौ कर्मचारियों का वेतन समय पर नहीं मिलने से कर्मचारी परेशान हैं। इसमें प्लेसमेंट में रखे गए कर्मचारी भी शामिल है। कि कहीं उनकी दिवाली फीकी न पड़ जाए।

हर माह लगभग 10 करोड़ रुपए का होता है भुगतान
नगर पालिक निगम भिलाई हर माह लगभग 10 करोड रुपए के वेतन का भुगतान निगम कर्मचारियों को करता है। जिसमें शासन द्वारा बढ़ाया गया महंगाई भत्ता भी शामिल है। साल 2021 से सरकार द्वारा बढ़ाए गए महंगाई भत्ते के अनुसार कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। स्थापना शाखा से मिली जानकारी के अनुसार प्लेसमेंट के कर्मचारियों को छोड़कर निगम में 990 अधिकारी,कर्मचारी कार्यरत है, जिसमें से प्रथम श्रेणी के 13 अधिकारी, द्वितीय श्रेणी के 17 अधिकारी एवं तृतीय श्रेणी के 370 अधिकारी, कर्मचारी तथा चतुर्थ श्रेणी के 590 कर्मचारी हैं।
जानिए राजस्व वसूली में क्यों पिछड़ रहा निगम
नगर निगम में राजस्व की वसूली में कमी देखी जा रही है। इसके प्रमुख कारणों में राज्य सरकार के द्वारा सम्पत्ति कर में 50 प्रतिशत छूट को माना जा रहा है। इस छूट के बाद निगम को राजस्व की प्राप्ति में असर पड़ा है। इसके साथ ही भिलाई इस्पात संयंत्र से हाईकोर्ट में चल रहे विवाद के चलते बीएसपी के मिलने वाला लगभग 9 से 11 करोड़ रुपए का राजस्व भी नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि निगम ने बीएसपी पर स्वविवरणी में अंतर बताते हुए, अंतर की राशि में 5 गुना सास्तिकर लगाकर लगभग 500 करोड़ सम्पत्तिकर का डिमांड नोटिस भेजा था। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

संचित निधि से वेतन बांटने, राज्य सरकार से मांगी अनुमति
अब निगम ने कर्मचारियों को दिवाली से पहले वेतन देने के लिए निगम की आखरी उम्मीद( संचित निधि) का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए संचालनालय नगरीय प्रशासन को संचित निधि से वेतन करने की अनुमति मांगी गई है। अब महापौर नीरज पाल का कहना है कि एमआईसी के फैसले के बाद निगम कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए निगम की संचित निधि से 9 करोड़ 84 लाख 18 हजार रुपए की राशि निकाली जाएगी। संचालनालय एवं शासन से अनुमति मिलते ही संचित निधि की राशि से कर्मचारियों को वेतन दे दिया जाएगा।












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