छ.ग.: नक्सल प्रभावित अंतागढ़ में ट्रेन की शुरुआत, यात्रियों को मिलेगी सुविधा, रावघाट से निकलेगा आयरन ओर

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक के लोगों को रेल सुविधा की सौगात मिलने जा रही है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र अंतागढ़ तक ट्रेन से यात्रा सुविधा उपलब्ध होने पर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।

कांकेर, 03 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में लोगों को रेल सुविधा की सौगात मिलने जा रही है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र अंतागढ़ तक ट्रेन से यात्रा सुविधा उपलब्ध होने पर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।दल्ली राजहरा- रावघाट रेल लाइन का काम सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पूरा हो चुका है। 13 अगस्त को स्थानीय सांसद मोहन मंडावी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे।

antagarh train

13 अगस्त को 12 बजे पहली ट्रेन होगी रवाना
कांकेर जिले के यात्रियों को आजादी के 75 वी वर्षगांठ स्वतंत्र दिवस से 2 दिन पहले कांकेर जिले के यात्रियों को ट्रेन सुविधा की सौगात मिलेगी इसकी जानकारी देते हुए कांकेर लोकसभा के सांसद मोहन मंडावी ने कहा कि रेल मंत्रालय से यात्री ट्रेन अंतागढ़ तक चलाने के लिए मंजूरी मिल चुकी है जल्द ही रेलवे अपना टाइमिंग शेड्यूल जारी करेगा। रेलवे द्वारा निर्धारित तिथि 13 अगस्त को दोपहर 12 बजे अंतागढ़ से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

antagarh railway
यात्रियों को मिलेगी सुविधा, 50 प्रतिशत तक होगा लाभ
अंतागढ़ रेलवे स्टेशन से ट्रेन की शुरुआत होने से अंतागढ़ कांकेर नारायणपुर जिला जैसे सुदूर वनांचल के लोगों को रायपुर राजनांदगांव दुर्ग रायपुर बिलासपुर जाने में अब ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी। जल्द ही इसके लिए नए टाइमिंग तय किया जाएगा। इसके पूर्व अंतागढ़ से 17 किलोमीटर दूर केंवटी से रायपुर तक के लिए ट्रेन चल रही है। अब यात्रियों को अंतागढ़ पर ही रेल सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही बस में दुर्ग पहुंचने के लिए ₹100 किराया देना पड़ता है। जो अब महज ₹50 में ही यात्रा की सुविधा मिलेगी।
ट्रायल के दौरान लोगों में दिखी खुशी
साल 2020 के अगस्त महीने में रेलवे ने ट्रायल ट्रेन चलाकर रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान अंतागढ़ से दल्ली राजहरा तक ट्रेन चलाई गई। इस मौके पर लोगों में खुशियां देखने को मिली थी कि अब कांकेर जिले में भी ट्रेन सुविधा मिल सकेगी। आखिरकार रेलवे ने लोगों का इंतजार खत्म कर दिया है। नक्सलियों द्वारा इस ट्रेन के विस्तार योजना को रोकने के लिए कई प्रयास किए गए। लेकिन एसएसबी, बीएसएफ, और स्थानीय पुलिस बल के जवानों ने नक्सलियों के सभी प्रयास नाकाम कर दिए।

रावघाट प्रोजेक्ट में आएगी तेजी
भिलाई इस्पात संयंत्र को अंतागढ़ से ट्रेन की सुविधा मिलने के बाद अब रावघाट प्रोजेक्ट में तेजी आएगी । भिलाई इस्पात संयंत्र फिलहाल आयरन ओर की कमी से जूझ रहा है। कांकेर के रावघाट से आयरन ओर(लौह अयस्क) ट्रेन के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र पहुंच सकेगा। जिससे बीएसपी के उत्पादन में वृद्धि होगी और बीएसपी को उच्च गुणवत्ता का आयरन ओर मिल सकेगा। वर्तमान में दल्ली राजहरा माइंस से कम गुणवत्ता वाले आयरन ओर की सप्लाई की जा रही है। जिससे उत्पादन में कमी देखी जा रही है।
अब तक इस तरह हुआ विस्तार
साल 2016 में शुरू हुए इस विस्तार योजना में पहली बार दल्ली राजहरा से गुदुम तक 17 किलोमीटर की पटरी बिछाई गई। जिसके बाद साल 2018 में गुदुम से भानूप्रतापपुर तक 17 किलोमीटर की पटरी बिछाई गई। फिर तीसरे चरण में भानूप्रतापपुर से केवटी तक 8 किलोमीटर की पटरी बिछाने का काम साल 2019 से पूरा किया गया। वही केवटी से 17 किलोमीटर दूर अंतागढ़ तक पटरी बिछाने का काम साल 2020 में पूरा कर लिया गया। लेकिन ट्रेन की शुरुआत नही की जा सकी थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+