Captain Varun Singh : देवरिया के लाल वरुण सिंह की सलामती के लिए दुआएं, मंदिरों में हो रहा पूजा-पाठ
देवरिया, 09 दिसंबर: तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को क्रैश हुए हेलीकॉप्टर में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह CDS बिपिन रावत के साथ थे। इस हादसे में एकमात्र वो ही जीवित बचे हैं। कैप्टन वरूण सिंह का फिलहाल वेलिंग्टन स्थित सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है। यूपी के देवरिया जिले के रहने वाले कैप्टन वरुण सिंह की सलामती के लिए दुआओं का दौर जारी है। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर में कैप्टन वरुण सिंह के होने की जानकारी मिलने के बाद से ही गांव वाले मंदिर में पूजा कर उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
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देवरिया के कन्हौली गांव में है वरुण सिंह का घर
उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कन्हौली गांव में वरुण प्रताप सिंह का घर है। वे यहां के मूल निवासी हैं। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों में चिंता की लहर दौड़ गई। हर कोई उनके हालचाल को जानने की कोशिश कर रहा है। गांव वाले मंदिर में पूजा कर उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।

Varun singh का पूरा परिवार सेना से जुड़ा है
वरुण प्रताप सिंह का पूरा परिवार सेना से जुड़ा हुआ है। देवरिया जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कन्हौली गांव निवासी कृष्ण प्रताप सिंह सेना में कर्नल थे। सेना से रिटायर होने के बाद वे पत्नी के साथ मध्य प्रदेश के भोपाल में रहते हैं। वरुण उनके बड़े बेटे हैं। वे इंडियन एयरफोर्स में हैं। वहीं, कृष्ण प्रताप सिंह का छोटा बेटा तनुज सिंह इंडियन नेवी में है। अभी वरुण प्रताप सिंह की तैनाती तमिलनाडु के वेलिंग्टन में है। उनके साथ ही पत्नी और एक बेटा व बेटी भी रहते हैं।

कैप्टन वरुण सिंह के लिए अगले 48 घंटे काफी अहम
वरुण के चाचा अखिलेश प्रताप सिंह कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हैं और वे देवरिया जिले की रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं। वे बुधवार को ही गांव पहुंच गए थे। अखिलेश सिंह के घर पर लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। सभी घर वाले मंदिरों में पूजा प्रार्थना में लगे हुए हैं। अखिलेश सिंह ने बताया कि वरुण के कल कुछ मेजर ऑपरेशन हुए हैं। उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। डॉक्टर बता रहे हैं 48 घंटे काफी अहम हैं।

NDA की परीक्षा पास कर वायुसेना में अधिकारी बने वरुण सिंह
वरुण सिंह की प्रारंभिक पढ़ाई उड़ीसा में हुई है। एनडीए की परीक्षा पास कर वायु सेना में अधिकारी बने। वह वायुसेना में आने के बाद जामनगर, गोरखपुर, दिल्ली और बैंगलौर होते हुए अब ग्रुप कैप्टन के रूप में वेलिंग्टन में हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वरुण सिंह को अदम्य साहस के लिए 15 अगस्त को शौर्य चक्र से सम्मानित किया। वह 12 अक्टूबर 2020 को लाइट कांबेट एयरक्राफ्ट के साथ उड़ान पर थे, तभी फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम में खराबी आ गई। अपनी सूझबूझ से उन्होंने 10 हजार फीट की ऊंचाई से विमान की सफल लैंडिंग कराई थी।

राष्ट्रपति ने की जल्द स्वस्थ होने और लंबे जीवन के लिए प्रार्थना
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने ट्वीट किया, "मेरे विचार ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के साथ हैं जो दुखद हेलिकॉप्टर दुर्घटना में बच गए हैं। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने और लंबे जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।"












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