Yamuna Water Level: रेलवे ने लोहे का पुल बंद किया, 24 घंटे में 55 सेमी बढ़ा नदी का पानी, अपडेट जानिए

Yamuna Water Level: खतरे के निशान से ऊपर बहती यमुना नदी लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। दिल्ली में लोहे के पुल (पुराना यमुना ब्रिज) के अधिकांश पिलर नदी में उफान के कारण आधे से अधिक जलमग्न हैं। रेलवे ने यमुना ब्रिज को बंद कर दिया है।

रेलवे का रूट डायवर्ट किया जाएगा

रेलवे ब्रिज को बंद करने के बारे में उत्तर रेलवे ने रविवार रात बयान जारी किया। उत्तर रेलवे ने कहा कि यमुना का जलस्तर देखते हुए ट्रेनों की आवाजाही को नई दिल्ली के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। दिल्ली और शाहदरा के बीच मार्ग निलंबित रहेगा।

Yamuna Water Level

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    रेलवे ने ब्रिज बंद किया

    उत्तर रेलवे ने कहा, रविवार रात कराब 10-11 बजे के बीच यमुना का जलस्तर बढ़कर 206.4 मीटर हो गया। इस कारण पुराने यमुना पुल (पुराना लोहा पुल) का काम रविवार रात 22:15 बजे से निलंबित किया जा रहा है।

    8 घंटे में कितना चढ़ा पानी

    इससे पहले यमुना में उफान के जो विजुअल समाचार एजेंसी ANI ने जारी किए, इनके अनुसार रविवार दोपहर तीन बजे यमुना का जलस्तर 206.26 मीटर रिकॉर्ड किया गया। सुबह सात बजे यमुना का जलस्तर 205.81 मीटर रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब करीब 8 घंटे में यमुना का पानी 45 सेंटीमीटर बढ़ा।

    24 घंटे में 1.77 फीट बढ़ा पानी

    ANI के अनुसार शाम छह बजे यमुना का जलस्तर 206 मीटर को भी पार कर गया। यानी पानी लगातार बढ़ रहा है और यमुना किनारे के इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। शाम 6 बजे यमुना का पानी 206.35 मीटर पर था, यानी करीब 24 घंटे में 54 सेमी (1.77 फीट) पानी चढ़ा।

    घरों में पानी घुसने का खतरा

    यमुना के उफान पर होने के कारण उत्तर प्रदेश के NOIDA में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम बिगड़ने और जलस्तर बढ़ने पर दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और नोएडा में यमुना का पानी लोगों के घरों में घुसने का खतरा पैदा हो सकता है।

    उफनती यमुना से राजधानी के बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्य प्रभावित होने की संभावना है। शुक्रवार के बाद लगातार पानी लगातार खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर बह रहा है। इस कारण बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में पुनर्वास के प्रयासों में देरी हुई।

    कुछ समय के लिए पानी घटने के बाद पिछले करीब एक सप्ताह से यमुना नदी उफान पर है। इस कारण निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।

    इसी बीच, उत्तर प्रदेश के नोएडा में, हिंडन नदी के जल स्तर में भी वृद्धि हुई है। इस कारण कई घर डूब गए हैं। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "निचले इलाकों में कुछ घरों में पानी घुस गया है... एहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। लोगों को सतर्क किया जा रहा है।"

    नोएडा में बाढ़ की चेतावनी

    अधिकारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि उत्तर प्रदेश के नोएडा में बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई है। हिंडन नदी में पानी का बहाव बढ़ा है। पांच गांवों के लगभग 200 लोगों को निकालकर शेल्टर होम भेजा गया है।

    हिंडन नदी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिल्ली की सीमा से लगे गौतम बौद्ध नगर जिले में खतरे के निशान 205 मीटर से नीचे बह रही है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने बताया, लगभग 200 लोगों को शेल्टर होम में आवास, भोजन और स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं दी जा रही है।

    अतुल कुमार गौतम बौद्ध नगर में बाढ़ राहत कार्य के नोडल अधिकारी भी हैं। बता दें कि NOIDA में अलर्ट के अलावा, दिल्ली के कुछ हिस्से पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से जलभराव और बाढ़ से जूझ रहे हैं।

    13 जुलाई को यमुना 208.66 मीटर पर थी। बाढ़ के परिणाम विनाशकारी रहे हैं, 27,000 से अधिक लोगों को उनके घरों से निकाल कर शेल्टर होम भेजा गया है। संपत्ति, व्यवसाय और कमाई के मामले में लोगों को करोड़ों का नुकसान हुआ है।

    बाढ़ के खतरों को भांपते हुए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में जलभराव और दिल्ली जल बोर्ड की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंत्री सौरभ भारद्वाज ने वजीराबाद जल उपचार संयंत्र का दौरा किया।

    उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर तटबंध और सुदृढ़ीकरण किया गया है...पिछली बार, पानी पंपों में घुस गया था और तीन जल उपचार संयंत्रों को बंद करना पड़ा था...लेकिन इस बार जल बोर्ड प्रशासन अच्छी तरह से तैयार है।

    सौरभ ने बताया कि बाढ़ और जलभराव से पीड़ित कई लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं और सरकार ने उनके लिए सभी व्यवस्थाएं की हैं। बता दें कि बारिश के अलावा यमुना का जलस्तर बढ़ने का एक कारण हरियाणा की तरफ से छोड़ा गया पानी भी माना जा रहा है।

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