क्या गैरकानूनी निर्माणस्थलों पर पूजा करने से भगवान तक आपकी प्रार्थना पहुंचेगी? दिल्ली हाईकोर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि करोल बाग स्थित 108 फीट ऊंची हनुमान मूर्ति और उसके आस पास बनाए गए अवैध निर्माणस्थलों के लिए सभी जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरि शंकर ने कहा, 'अगर आप फुटपाथों पर बनाए गए अवैध निर्माणस्थलों से भगवान की पूजा करेंगे तो क्या आपकी पूजा भगवान तक पहुंचेगी?

डीडीए की जमीन पर बनी है मूर्ति
हाईकोर्ट ने कहा, 'अगर हम वहां से मंदिर नहीं हटाते हैं, तो भी जो लोग इसके जिम्मेदार हैं उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा।' बता दें कि हाईकोर्ट की तरफ से गठित एक पैनल ने अपनी जांच पर पाया कि ओल्ड लिंक रोड स्थित डीडीए की 1,170 स्क्वॉयर यार्ड की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है।

किसके कार्यकाल में बनी हनुमान मूर्ति?
पीडब्लूडी विभाग ने कोर्ट को बताया कि हनुमान प्रतिमा का एक फुट हिस्सा फुटपाथ पर बना है जो कि दिल्ली एमसीडी का हिस्सा है जबकि बाकी की सारी जमीन दिल्ली विकास प्रधिकरण की है। कोर्ट ने कहा कि वो दिल्ली एमसीडी और डीडीए के उन अधिकारियों के खिलाफ जांच का आदेश देगी जिनके कार्यकाल में हनुमान मूर्ति और अन्य अवैध निर्माण हुए। कोर्ट ने एमसीडी को करोल बाल में हुए निर्माण कार्यों के रिकार्ड भी पेश करने को कहा।

निजी फायदे के लिए नहीं बना सकते धार्मिक स्थल
हाईकोर्ट ने यह दिल्ली के करोल बाग में अवैध निर्माण स्थलों और अतिक्रमण से जुड़े एक मामले में सुनवाई करने के दौरान कहा। इस पहले कोर्ट ने इसी मामले में सुनवाई के दौरान कहा था निजी फायदे के लिए सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक स्थलों को बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। बता दें कि करोल बाग स्थित हनुमान मूर्ति को दिल्ली के पहचान के रुप में देखा जाता है। बॉलीवुड की कई फिल्मों में इस मूर्ति को दिखाया जा चुका है।












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