डीयू के बीए कोर्स में राजनीति विज्ञान की भारी डिमांड, UPSC समेत सरकारी और प्राइवेट में खोलता है नए अवसर

दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय में अंडरग्रेजुएट कोर्स में राजनीति विज्ञान की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। इस विषय की डिमांड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल हिंदू कॉलेज और रामजस कॉलेज में राजनीति विज्ञान से बीए कोर्स में एडमिशन के लिए 100 प्रतिशत कट ऑफ रखा गया। इन दो कॉलेजों के अलावे अन्य दस कॉलेजों में पहली कट ऑफ 99 प्रतिशत या इससे ज्यादा है। यही नहीं, कॉलेजों में राजनीति विज्ञान बीए कोर्स की सीटें तेजी से भर रही हैं। डीयू के 13 कॉलेजों में अनारक्षित सीटें फुल हो चुकी हैं। यह सबकुछ जानने के बाद सवाल यही उठता है कि छात्रों के बीच राजनीति विज्ञान की लोकप्रियता बढ़ने की वजहें क्या हैं?

'यूपीएससी है इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह'

'यूपीएससी है इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह'

यूपीएससी के पैटर्न में बदलाव राजनीति विज्ञान की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे की एक बड़ी वजह है। इस बारे में इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए मिरांडा हाउस में राजनीति विज्ञान की टीचर हीना सिंह ने कहा कि सिविल सेवा में जाने की तैयारी शुरू करने वाले छात्रों के लिए यह विषय सबसे अच्छा विकल्प बनकर उभरा है। यूपीएससी में पहले दो विषयों को पढ़ना पड़ता था लेकिन अब एक ही विषय की तैयारी करनी होती है। साथ ही, सामान्य ज्ञान (जेनरल स्टडीज) के पेपर पर ज्यादा जोर दिया गया है। राजनीति विज्ञान एक ऐसा विषय है जिसमें जेनरल स्टडीज का अच्छा-खासा भाग कवर हो जाता है। राजनीति विज्ञान में संविधान, भारत की विदेश नीति और लोक प्रशासन जैसे पेपर हैं जो जेनरल स्टडीज में काफी काम आते हैं।

एलएलबी करने के इच्छुक छात्रों के लिए भी उपयोगी

एलएलबी करने के इच्छुक छात्रों के लिए भी उपयोगी

बीए कोर्स पास करने के बाद जो स्टूडेंट कानून की पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए राजनीति विज्ञान बहुत उपयोगी विषय है। एलएलबी कोर्स में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए राजनीति विज्ञान में बीए नींव तैयार करने का काम करता है। इसके अलावे, हाल में राजनीति विज्ञान के कोर्स में कुछ ऐसे उपयोगी एप्लाइड पेपर्स को रखा गया है जिनकी सरकारी और निजी क्षेत्रों में डिमांड है। इस बारे में रामजस कॉलेज के राजनीति विज्ञान के टीचर तनवीर ऐजाज बताते हैं कि राजनीति विज्ञान कोर्स में पब्लिक पॉलिसी, इंटरनेशनल रिलेशंस जैसे पेपर हैं, साथ ही वैकल्पिक पेपर के तौर पर पब्लिक ओपिनियन और सर्वे रिसर्च भी पढ़ाए जाते हैं जिनकी डिमांड है। सरकारी और निजी क्षेत्रों में पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई करनेवालों की भारी डिमांड है। अब तो प्राइवेट यूनिवर्सिटीज और आईआईएम जैसी संस्थाएं पब्लिक पॉलिसी में पीजी कोर्स चला रही हैं।

राजनीति विज्ञान विषय अर्थशास्त्र जैसे विषयों की अपेक्षा आसान

राजनीति विज्ञान विषय अर्थशास्त्र जैसे विषयों की अपेक्षा आसान

रामजस कॉलेज के टीचर तनवीर ऐजाज ने यह भी कहा कि बीए में राजनीति विज्ञान पढ़ना विद्यार्थियों के लिए अर्थशास्त्र जैसे विषयों की अपेक्षा आसान है। अर्थशास्त्र भी लोकप्रिय विषय है लेकिन इसे पढ़ने के लिए गणित और अंग्रेजी भाषा की जानकारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि उदारवाद, वैश्वीकरण और बाजार के विस्तार होने के साथ ही राजनीति विज्ञान बैकग्राउंड के विद्यार्थियों के लिए कई क्षेत्रों में जाने का विकल्प खुला है।

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