कौन हैं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि? क्या करती हैं? '3 इडियट्स' के फुंसुक की असलियत सामने आने के बाद चर्चा
Sonam Wangchuk wife Gitanjali J Angmo: एनवायरनमेंट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 16 जुलाई को सोनम वांगचुक के अनशन का 19वां दिन है। इस आंदोलन के बीच उनकी निजी जिंदगी और खासकर उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो (Gitanjali J Angmo) अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। हर कोई जानना चाहता है कि लद्दाख के इस मशहूर इनोवेटर की पत्नी कौन है।
असल में सोशल मीडिया पर ये दावा किया जा रहा था कि '3 इडियट्स' के फुंसुक वांगडू का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित है। लेकिन अब फिल्म '3 इडियट्स'में फुंसुक वांगडू का किरदार निभाने वाले अभिनेता आमर खान ने एक इंटरव्यू में कहा है कि सोनम वांगचुक और '3 इडियट्स' के फुंसुक वांगडू का कोई लेना-देना नहीं है। आमिर खान ने यह भी दावा किया कि लोगों को गलतफहमी है, वो तो फिल्म के वक्त सोनम वांगचुक को जानते तक नहीं थे। इसी के बाद से सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी को लेकर चर्चा हो रही है।

गीतांजलि केवल सोनम वांगचुक की पत्नी नहीं हैं, बल्कि वे खुद में एक बेहद कामयाब हस्ती हैं। वे एक बेहतरीन एजुकेटर, सोशल एंटरप्रेन्योर और कराटे में ब्लैक बेल्ट चैंपियन हैं। उन्होंने हर कदम पर सोनम वांगचुक के सपनों को सच करने में बराबर की भागीदारी निभाई है। आइए जानें गीतांजलि जे अंगमो के बारे में और सोनम वांगचुक से उनकी मुलाकात कैसे हुई।
कौन हैं गीतांजलि जे अंगमो? (Gitanjali J Angmo)
गीतांजलि का जन्म ओडिशा के बालासोर में एक पंजाबी परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद फकीर मोहन यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने ओडिशा के मशहूर जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (XIMB) से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए किया।
एमबीए पूरा करने के बाद उन्होंने लगभग छह साल तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इस दौरान उन्होंने बिजनेस की दुनिया को बहुत करीब से समझा। वे सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहीं। इसके बाद उन्होंने हेलिओस बुक्स, AUM हॉस्पिटल्स और AUM ट्रस्ट नाम से एक पब्लिशिंग हाउस शुरू किया।

गीतांजलि जे अंगमो और सोनम वांगचुक की कैसे हुई मुलाकात?
वनइंडिया हिंदी को दिए इंटरव्यू में गीतांजलि ने अपनी लव स्टोरी का खुलासा किया था। गीतांजलि ने कहा कि उनकी सोनम वांगचुक से पहली मुलाकात मुंबई के कॉन्फ्रेंस में हुई थी।
गीतांजलि कहती हैं,
"मेरा एक सपना था कि एक ऐसी संस्था या स्कूल हो जहां पर हम इंटीग्रल एजुकेशन (समग्र शिक्षा) दे सकें। इसी के सिलसिले में मैं सोनम वांगचुक से मुंबई की एक एजुकेशन कॉन्फ्रेंस में मिली। यह करीब 10 साल से ज्यादा पुरानी बात है। वहां हमारे विचार और आइडियाज शिक्षा को लेकर बिल्कुल एक जैसे थे। उसी समय 'हयाल' (HIAL - Himalayan Institute of Alternative Ladakh) बनने की शुरुआत हो रही थी।"
गीतांजलि बताती हैं कि दोनों के विचार शिक्षा और जिंदगी को लेकर इतने मिलते थे कि वे एक-दूसरे के अधूरे वाक्यों को पूरा करने लगे थे। सोनम से मिलकर उन्हें लगा कि उन्हें अपनी तरह ही सोचने वाला कोई 'हमसफर' मिल गया है। बस यहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई जो बाद में शादी में बदल गई। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि पहले प्रपोज किसने किया, तो वे शर्माकर बात टाल गईं।
लद्दाख में साथ मिलकर खड़ी की HIAL यूनिवर्सिटी
साल 2017 में गीतांजलि और सोनम ने मिलकर लद्दाख में 'हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स' (HIAL) की नींव रखी। यह कोई आम कॉलेज नहीं है, बल्कि यहां पहाड़ों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को हल करने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है।
इस यूनिवर्सिटी को खड़ा करने में गीतांजलि का बहुत बड़ा हाथ रहा है। उनके इसी शानदार काम के लिए भारत सरकार के नीति आयोग ने उन्हें 'वूमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया' (Women Transforming India) अवॉर्ड से भी नवाजा है। वे महाराष्ट्र इंटरनेशनल एजुकेशन बोर्ड की एडवाइजर भी रह चुकी हैं।

कराटे चैंपियन भी हैं गीतांजलि
गीतांजलि की शख्सियत के कई और पहलू भी हैं। वे कराटे में ब्लैक बेल्ट होल्डर हैं और साल 2009 में अमेरिका में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप भी जीत चुकी हैं। इसके साथ ही वे खुद को एक सनातनी हिंदू मानती हैं। वे श्री अरविंदो के विचारों, वेदों और उपनिषदों की बहुत बड़ी फॉलोअर हैं।
गीतांजलि का मानना है कि इंसान को सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि समाज के किसी बड़े मकसद के लिए जीना चाहिए। यही वजह है कि आज जब सोनम वांगचुक देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए अनशन पर बैठे हैं, तो गीतांजलि मजबूती से उनके साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं।














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