क्या है दिल्ली का Morning Nutrition Programme? CM रेखा गुप्ता ने किया लॉन्च, 90,000 बच्चों को सीधा फायदा
Delhi Morning Nutrition Programme: दिल्ली के स्कूलों में अब सुबह की शुरुआत सिर्फ प्रार्थना से नहीं, बल्कि पोषण से भी होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने 28 फरवरी को 'मॉर्निंग न्यूट्रिशन प्रोग्राम' की शुरुआत की और साफ कहा कि पोषित बचपन ही विकसित भारत की असली नींव है। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरे की मुस्कान यह बताने के लिए काफी है कि पोषण सिर्फ पेट भरने का नाम नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ने की प्रक्रिया है।
यह कार्यक्रम Akshaya Patra Foundation के सहयोग से चलाया जा रहा है और राजधानी के करीब 200 दिल्ली सरकार के स्कूलों में लगभग 90 हजार बच्चों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। चार अत्याधुनिक रसोइयों से समय पर भोजन तैयार कर स्कूलों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि बच्चे दिन की शुरुआत ऊर्जा और उत्साह के साथ कर सकें।

पोषण से पढ़ाई और खेल में बढ़ेगा आत्मविश्वास (Morning Nutrition Programme)
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिड डे मील योजना ने लाखों बच्चों को स्कूल से जोड़ा है और उनके शारीरिक तथा मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। अब मॉर्निंग न्यूट्रिशन प्रोग्राम इस पहल को एक कदम आगे ले जाएगा। सुबह पौष्टिक आहार मिलने से बच्चे पढ़ाई, खेल और अन्य गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहेंगे। उन्होंने इसे बच्चों के समग्र विकास की दिशा में मजबूत कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार इस सामाजिक प्रयास के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में अन्नदान को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है और यह पहल उसी परंपरा को आगे बढ़ाती है।
विकसित भारत की नींव है स्वस्थ बचपन (Viksit Bharat)
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम पोषण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और पोषण अभियान जैसी योजनाओं ने देश में पोषण को जन आंदोलन का रूप दिया है। गर्भवती महिलाओं के पोषण, महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, मोटे अनाज के प्रचार और सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण जैसे कदम एक स्वस्थ भारत की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दोहराया कि स्वस्थ और पोषित बच्चे ही विकसित भारत की असली ताकत हैं।
एक लाख जरूरतमंदों को सम्मानजनक भोजन का लक्ष्य (Atal Canteens)
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का संकल्प है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। इसी सोच के तहत अटल कैंटीनों में सिर्फ 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मजदूरों, मरीजों के परिजनों और जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक भोजन देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने रोजाना एक लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का टारगेट तय किया है। 100 अटल कैंटीन खोलने की योजना में से 71 पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि बीमारी के इलाज से ज्यादा जरूरी है कि हम लोगों को स्वस्थ रखें। पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देना ही समृद्ध भारत की कुंजी है। सरकार और सामाजिक संस्थाओं के बीच साझेदारी का यह मॉडल समाज और शासन के समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम जाजू, अक्षय पात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतरसब दास, उपाध्यक्ष चंचलपति दास और एमसीडी की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि अगर बचपन मजबूत होगा, तो भारत का भविष्य भी मजबूत होगा। और इसकी शुरुआत एक पौष्टिक सुबह से हो चुकी है।












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