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भारत-पाक बंटवारे में बिछड़ गए थे दो भाई, 72 साल बाद हुआ मिलन तो नम हुई आंखें

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Delhi news, दिल्ली। दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारा में 70 साल बाद जब दो भाइयों का मिलन हुआ तो वहां मौजूद कोई भी शख्स खुद को भावुक होने से रोक नहीं पाया। जैसे ही दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाया, दोनों की आंखें नम हो गईं। बता दें, अमीर सिंह विर्क और दलबीर सिंह ​चचेरे भाई हैं। 1947 में भारत-पाक बंटवारे के दौरान अमीर की उम्र चार साल रही होगी, जबकि दरबीर 9 साल के होंगे।

बंटवारे के समय एक-दूसरे से बिछड़े

बंटवारे के समय एक-दूसरे से बिछड़े

पाकिस्तान के गुजरनवाला प्रांत के गड़िया कालन गांव की हवेली में दोनों का परिवार एक साथ रहता था। बंटवारे के समय अमीर की मां उसे भारत ले आई। चारों ओर आग लगी थी और भीड़ हिंसा पर उतारू थी। दूसरी ओर, दरबीर सिंह अपने ननिहाल चला गया और वहां से अपने नये घर की ओर।

अमीर उत्तराखंड में तो दलबीर नोएडा में

अमीर उत्तराखंड में तो दलबीर नोएडा में

बंटवारे के बाद कुछ सालों तक अमीर हरियाणा के पानीपत में रहा, जबकि दलबीर करनाल में। दलबीर की भारतीय फौज में भर्ती हो गई। अब वह अपने भाई से मिलने की उम्मीद छोड़ चुका था, अमीर ने दलबीर की खोज जारी रखी। परिवार के अन्य लोगों से पता चला कि दलबीर संगरूर में रह रहा है। तलाशते हुए जब तक अमीर वहां पहुंचता दलबीर सेना में मेजर हो चुका था और अब संगरूर में नहीं रहता था। इस बीच अमीर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में बस गया और खेती करने लगा, जबकि दलबीर ने सेना में अपनी सेवा देने के बाद नोएडा में क्लीनिक खोल ली।

सात दशक बाद हुआ मिलन

सात दशक बाद हुआ मिलन

अमीर ने रिश्तेदारों के जरिए दलबीर का फोन नंबर पता कर उसपर कॉल किया। आवाज सुनकर उसे अपने भाई के होने का एहसास हुआ। 72 साल यानी सात दशक बाद आखिरकार मंगलवार को दोनों की मुलाकात हुई। एक-दूसरे को गले लगाते हुए दोनों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान वहां मौजूद लोगों को जब दोनों की कहानी के बारे में बता चला तो वह भी खुद को भावुक होने से नहीं रोक पाए।

फोटो क्रेडिट: लाइव हिन्दुस्तान

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English summary
two brother meet after 72 year separated during Indo Pak Partition
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