राजेंद्र नगर कोचिंग में छात्रों की मौत मामले में SUV ड्राइवर कथूरिया को मिली जमानत, जानें कोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली में शनिवार ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित राव आईएएस कोचिंग सेंटर में हुई तीन छात्रों की मौत मामले में पुलिस द्वारा अरेस्ट किए गए एसयूवी कार चालक मनुज कथूरिया को गुरुवार को दिल्ली की कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।दिल्ली की सत्र अदालत ने दिल्ली के बिजनेसमैन कथूरिया की जमानत मंजूर करते हुए कहा कि पुलिस ने अति उत्साह में उन पर गैर इदारत हत्या का आरोप लगाया है और यह आरोप बाद में हटा दिया।

बिजनेसमैन मनुज कथूरिया को जमानत मिलने पर उनकी पत्नी शिमा कथूरिया ने खुशी जाहिर करते हुए कहा हमारा परिवार बहुत खुश और उत्साहित हैं। सभी समर्थकों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा हमें न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है।
पुलिस ने बिजनेसमैन कथूरिया को किया था अरेस्ट?
कथूरिया को दिल्ली पुलिस ने बीते शनिवार को हुई तेज बारिश के पानी से भरी सड़क पर तेज रफ्तार से राजेंद्र नगर कोचिंग के सामने से गाड़ी चलाकर निकलने के आरोप में अरेस्ट किया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि सड़क पर भरे पानी में तेज एसयूवी चलाने से पानी बढ़ गया और तीन मंजिला इमारत की कोचिंग के दरवाजे टूट गए और बेसमेंट में पानी भर गया जिसमें छात्रों की मौत हो गई।
कोचिंग हादसे में कथूरिया पर लगा था ये आरोप
बता दें 29 जुलाई को पुराने राजिंदर नगर में राव आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में डूबने से तीन छात्रों की मौत के मामले में बिजनेसमैन कथूरिया को गिरफ्तार किया गया था। गैर इरादतन हत्या के आरोप में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एक दिन पहले कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी
बता दें एक दिन पहले कोर्ट के एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कथूरिया को जमानत देने से इनकार कर दिया और कहा कि वीडियो फुटेज में "प्रथम दृष्टया" में नजर आ रहा है कि उसने पानी से भरी सड़क पर तेजी से गाड़ी चलाई थी उन्होंने इससे राहगीरों को परेशानी होगी इस पर ध्यान नहीं दिया।
कथूरिया ने कोर्ट में याचिका में स्वयं को निदेर्श बताया था
वहीं गुरुवार को बिजनेसमैन कथूरिया ने जमानत देने से इनकार करने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए तीस हजारी स्थित सत्र न्यायालय का रुख किया। कथूरिया ने अपनी याचिका में दावा किया कि वो इस मामले में बिलकुल निर्दोश है। उनके खिलाफ पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है। उन्होंने याचिका में कहा कि इस पूरे मामले में दोष एक ही व्यक्ति पर डाला जा रहा है।''
पुलिस ने स्वीकार की अपनी गलती
गुरूवार को कोर्ट में कथूरिया की सुनवाई के दौरान पुलिस ने ये बात स्वीकार की कि कथूरिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (गैर इरादतन हत्या) की धारा 105 के तहत आरोप स्थापित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। बाद में पुलिस ने उसके खिलाफ आरोप हटा दिया।
इस आधार पर मिली कथूरिया को जमानत
''पुलिस ने खुद अपने लिखित जवाब में माना है कि अब तक की जांच में एसयूवी ड्राइवर के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) का मामला नहीं बनता है। बाकी जो धाराएं मनुज कथूरिया के तहत लगाई गई हैं, आरोपी बनाया गया सभी जमानती धाराएं हैं।












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