SC के दखल से टली 800 पाकिस्तानी हिंदुओं की बेदखली, दिल्ली में शरणार्थियों के कैंप पर नहीं चलेगा बुलडोजर
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए दिल्ली में मजनू का टीला के पास में रहने वाले पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने शरणार्थी कैंप में रह रहे लगभग 800 पाकिस्तानी हिंदुओं की बेदखली पर रोक लगा दी है।
अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को नोटिस जारी करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को निलंबित कर दिया, जिसमें मई 2025 में शरणार्थियों को सुरक्षा देने से इनकार किया गया था।

शरणार्थियों को मिले थे बेदखली के नोटिस
दरअसल, पिछले साल मार्च और जुलाई में DDA ने शरणार्थियों को बेदखली नोटिस थमाए थे। हालांकि उन पर अमल नहीं हुआ। लेकिन इस साल जुलाई में दोबारा नोटिस चिपकाए गए, जिससे शरणार्थियों में डर फैल गया कि किसी भी वक्त बुलडोजर चल सकता है। इसी को लेकर धरमवीर बागड़ी और अन्य लोगों ने वकील विष्णु शंकर जैन के जरिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
दलील में आर्टिकल 21 का हवाला
याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलील में कहा कि हाईकोर्ट का आदेश संविधान के आर्टिकल 21 का उल्लंघन करता है। उनका कहना था कि जीवन का अधिकार केवल जीने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गरिमा और सिर पर छत का अधिकार भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं को इस्लामियों के हाथों जबरदस्त उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और इसी से बचने के लिए वे भारत आए। ऐसे में यहां भी उन्हें बुनियादी आश्रय से वंचित करना न्याय का घोर उल्लंघन है।
याचिका में CAA का भी जिक्र
याचिका में नागरिकता संशोधन कानून (CAA), 2019 का भी हवाला दिया गया। इसमें कहा गया कि इस कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है, अगर वे 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत पहुंचे हों। शरणार्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट ने फैसला देते समय इस प्रावधान पर विचार ही नहीं किया।
मजनू का टीला कैंप में करीब 250-260 परिवार
फिलहाल मजनू का टीला कैंप में करीब 250-260 परिवार, यानी लगभग 1217 लोग रहते हैं। इनमें से कुछ को भारतीय नागरिकता मिल चुकी है जबकि बाकी के आवेदन प्रक्रिया में हैं। अधिकांश परिवार बेहद गरीब हैं और दिहाड़ी मज़दूरी या घरेलू कामकाज कर गुजारा करते हैं। खास बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति समुदाय के लोग शामिल हैं।
अगली सुनवाई तक बेदखली पर रोक
शरणार्थियों की ओर से मांग की गई है कि DDA उन्हें बिना छत से बेघर करने की बजाय वैकल्पिक आवास, पुनर्वास या पुनर्स्थापना की सुविधा मुहैया कराए। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई तक अब उनकी बेदखली पर रोक रहेगी।
-
'Monalisa झूठी है', महाकुंभ वायरल गर्ल की मां का बड़ा दावा, पिता जय सिंह ने सबके सामने रखा बेटी का ऐसा सच -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List












Click it and Unblock the Notifications