NEET PG Counseling: रेजिडेंट डॉक्टर्स ने अब दिल्ली के LNJP हॉस्पिटल में भी OPD सेवाएं रोकीं, हड़ताल तेज
NEET PG Counseling: रेजिडेंट डॉक्टर्स ने अब दिल्ली के हॉस्पिटल में भी सेवाएं रोकीं, हड़ताल तेज
नई दिल्ली। रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा की जा रही हड़ताल एवं ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार होने से कई बड़े अस्पतालों की सेवा बाधित हो गई है। एनईईटी-पीजी काउंसलिंग में देरी के खिलाफ विरोध तेज करने के लिए, आज दिल्ली स्थित लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल, के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी ओपीडी सेवाएं बंद कर दी हैं। डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की जा रही है, ताकि उन पर अधिक बोझ न पड़े। मालूम हो कि, कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान, देश भर के डॉक्टर तनाव में थे और उन्हें ज्यादा काम करना पड़ रहा था। अब काउंसलिंग में देरी के कारण पीजी-प्रथम वर्ष के छात्रों का नामांकन नहीं हो पा रहा है और रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि, उन्हें रोजाना 18 घंटे से अधिक काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल तेज
हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र भी भेजा गया है। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि कुछ दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा, लेकिन ऐसा अभी हुआ नहीं। डॉक्टर यह मान रहे हैं कि, जनवरी में भी काउंसलिंग शुरू नहीं होगी। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टरों को डॉक्टरों की भारी कमी का डर सता रहा है, क्योंकि ओमेक्रोन नाम के नए कोविड वैरिएंट के आने के साथ ही तीसरी लहर की घंटी बज रही है। कर्नाटक और तमिलनाडु के डॉक्टर भी विभिन्न मुद्दों का विरोध कर रहे हैं और अपने विरोध को तेज करने के लिए ओपीडी, आपातकालीन सेवाओं को बंद कर हड़ताल कर चुके हैं।

ऐसी मांगें हैं डॉक्टर्स की
देर से हुई काउंसलिंग के कारण डॉक्टरों ने दावा किया है कि उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि, ओपीडी की सुविधा नहीं होने के कारण डॉक्टरों की आवाज नहीं सुनी जा रही है। बताया जा रहा है कि, रेजिडेंट डॉक्टर आगे ऐसे कदम उठाएंगे कि कर्नाटक में ओपीडी के साथ आपातकालीन सेवाओं को भी बंद कर देंगे, अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं। कर्नाटक में डॉक्टरों की मुख्य रूप से तीन मांगें हैं, जिनमें से पहली है- कोविड वाले भत्तों का भुगतान। दूसरी, उन्होंने वैधानिक निकाय से NEET-PG काउंसलिंग आयोजित करने और तीसरे कॉलेज फीस में कमी की मांग की है।

कर्नाटक में भी व्यापक स्तर पर प्रदर्शन
ऐसी ही मांगों को लेकर कर्नाटक में डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया है, जिससे दूर-दराज से आए मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है। बता दें कि, इस देशव्यापी हड़ताल के आह्वान की घोषणा तब की गई जब केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि NEET PG मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए काउंसलिंग को 4 सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया जाएगा, क्योंकि इस बीच आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के निर्धारण के लिए 8 लाख रुपये वार्षिक आय मानदंड पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया है। दाखिले से जुड़े आरक्षण के लिए ईडब्ल्यूएस कैटेगरी की बात भी हुई थी। इस बारे में अदालत ने अपने फैसले के लिए केंद्र की सराहना की और अगली सुनवाई के लिए 6 जनवरी की तारीख तय की।












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