दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर, नीट-पीजी की काउंसलिंग कराने की मांग
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। NEET-PG काउंसलिंग में देरी के खिलाफ रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल का कल 12वां दिन था। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) के तहत रेजिडेंट डॉक्टरों ने कल सफदरजंग से स्वास्थ्य मंत्रालय तक मार्च निकाला। इससे पहले सोमवार को डॉक्टरों के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की एक एफआईआर भी दर्ज की गई।

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि, नीट पीजी की काउंसलिंग की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे रेजिडेंट डॉक्टर्स को देशभर के डॉक्टरों का समर्थन मिला है। चूंकि, कल ज्यादातर राज्यों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के समर्थन में प्रदर्शन किया। ऐसे में रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम का बहिष्कार कर सफरदजंग अस्पताल में प्रदर्शन किया। इससे राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई रही। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में ऐसे हालत पिछले 2 हफ्ते से हैं।

रेजीडेंट डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया का बयान आया है। मनसुख मांडविया ने डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई पर खेद जताया है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रदर्शन कर रहे रेजीडेंट डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से जनहित में आंदोलन खत्म करने को भी कहा है। मंत्री ने कहा कि, सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

नीट-पीजी की काउंसलिंग कराने की मांग पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि, मामला कोर्ट में होने से काउंसिलिंग नहीं हो पा रही है। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोनाकाल के दौरान रेजीडेंट डॉक्टरों के उल्लेखनीय काम के लिए उनका आभार भी जताया। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि, नीट पीजी काउंसलिंग 2021 में हो रही देरी के चलते रेजिडेंट डॉक्टर दिल्ली में हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों की केंद्रीय स्वास्थ मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के साथ भी कई बैठकें हुई हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है।












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